पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश यात्रा से लौटे एक शख्स को उस वक्त भारी कानूनी शिकंजे का सामना करना पड़ा जब सीमा शुल्क अधिकारियों ने उसके सामान से करोड़ों की नहीं बल्कि लाखों रुपये कीमत की प्रतिबंधित सामग्री जब्त कर ली। बैंकॉक की सैर पूरी करके वतन लौटे इस यात्री के ट्रॉली बैग की जब बारीकी से पड़ताल की गई, तो उसके भीतर छुपाया गया अवैध सामान बाहर आ गया, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से पहुंचा था यात्री
यह पूरी कार्रवाई 19 अक्टूबर को अंजाम दी गई जब यात्री बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX-241 के जरिए पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। हवाई अड्डे पर तैनात एयर इंटेलिजेंस यूनिट और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर इस यात्री को रोका और उसकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। अधिकारियों द्वारा इस जब्ती और गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी 20 अक्टूबर को सार्वजनिक की गई, जिससे सीमा सुरक्षा और तस्करी के मामलों पर हो रही कड़ी निगरानी का खुलासा हुआ।
ट्रॉली बैग की अंदरूनी बनावट ने खोला राज
पुणे के लोहेगांव स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच के दौरान जब अधिकारियों ने यात्री के काले रंग के ट्रॉली बैग को टटोला, तो पहली नजर में वह एक आम और सामान्य यात्री का सामान लग रहा था। हालांकि, उस बैग की आंतरिक बनावट और सिलाई को लेकर अधिकारियों के मन में संदेह पैदा हुआ जिसके बाद उसकी गहराई से जांच की गई। बैग की साइड लाइनिंग के भीतर दो विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खाने बनाए गए थे जो निजी कपड़ों और सामान के ठीक नीचे छिपे हुए थे ताकि किसी की नजर उन पर आसानी से न पड़ सके। जब सीमा शुल्क कर्मियों ने उस लाइनिंग को फाड़कर देखा, तो वहां से वैक्यूम सील किए गए प्लास्टिक के दो पैकेट बरामद हुए जिनमें पीले और हरे रंग का सूखा वनस्पति पदार्थ भरा हुआ था। मौके पर किए गए शुरुआती फील्ड टेस्ट में यह साफ हो गया कि वह पदार्थ कोई साधारण चीज नहीं बल्कि हाइड्रोपोनिक वीड है।
लाखों में आंकी गई है जब्त खेप की कीमत
सीमा शुल्क अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ का कुल वजन 1.265 किलोग्राम है और काले बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 44.27 लाख रुपये आंकी गई है। हाइड्रोपोनिक वीड को पारंपरिक रूप से मिट्टी में उगाने के बजाय नियंत्रित वातावरण में पानी और विशेष पोषक तत्वों के माध्यम से तैयार किया जाता है, जिसके चलते इसकी मांग और कीमत अवैध बाजारों में काफी ज्यादा होती है। अधिकारियों ने इस पूरी बरामद खेप को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत अपने कब्जे में ले लिया है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी यात्री
नशीले पदार्थों की अवैध ढुलाई के आरोप में पकड़े गए इस यात्री को्् जब्ती के तुरंत बाद एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए एक सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। बैंकॉक की यात्रा से लौटते ही इस शख्स की छुट्टी का आनंद सीधे जेल की कोठरी में बदल गया, हालांकि अदालत में मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला सामने आएगा।
तस्करी के बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां
सीमा शुल्क विभाग और अन्य जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि आखिर यह प्रतिबंधित वनस्पति पदार्थ बैंकॉक में कहां से खरीदा गया था और इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का हाथ है या नहीं। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या यह यात्री किसी स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का महज एक मोहरा भर था अथवा इस अवैध कारोबार में कई अन्य लोग भी सीधे तौर पर संलिप्त हैं।



















