उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक नाबालिग दलित किशोरी को ब्लैकमेल कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र की इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, जिसके बाद पुलिस महकमा और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस जघन्य प्रकरण में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कुल चार आरोपियों को धर दबोचा है, जिनमें से दो को 22 अगस्त की रात हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी डॉक्टर के अल्फा क्लीनिक को भी सीज कर दिया है।
गायब होने की शिकायत के बाद सामने आई घटना
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 अगस्त को हुई थी, जब पीड़ित परिवार ने शहर कोतवाली पहुंचकर अपनी 17 साल की नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की लिखित सूचना दी थी। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी। अथक प्रयासों के बाद 21 अगस्त की शाम पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। किशोरी ने बताया कि वह बुखार आने पर मिमलाना रोड स्थित अल्फा क्लीनिक पर दवा लेने गई थी।
अस्पताल से होटल और कॉलेज तक बंधक बनाकर दरिंदगी
पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों के मुताबिक, क्लीनिक के संचालक डॉक्टर मोहम्मद आदिल ने उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाकर अकुशल अवस्था में उसके साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। इसके बाद उसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि 17 अगस्त को नाजिम पुत्र यामीन, जो मिमलाना रोड का रहने वाला है, ने पीड़िता को फोन करके बुलाया और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे कार में बैठाकर हरिद्वार-मेरठ हाईवे पर स्थित एक होटल ले गया। आरोप है कि इसके बाद उसे शहर के सम्राट इंटर कॉलेज में चार से पांच दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां कई अन्य युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
मुठभेड़ और अन्य गिरफ्तारियों का सिलसिला
पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की तह तक पहुंचने के लिए ताबड़तोड़ दबिशें दीं। घटना के खुलासे के सिलसिले में 22 अगस्त की रात मुखबिर की खास सूचना पर पुलिस ने वहलना रोड के पास बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नाजिम गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी भी दबोच लिया गया। इसके बाद पुलिस ने शामली बस स्टैंड से मोहम्मद आदिल को धर दबोचा। आगे की जांच में 25 अगस्त को नदीम पुत्र फिरदोस को गिरफ्तार किया गया और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप में कामरान पुत्र अबरार को भी पुलिस ने शिकंजे में ले लिया।
प्रशासनिक कार्रवाई और परिवार की मांग
मुजफ्फरनगर पुलिस और जिला प्रशासन अब इस पूरे मामले की अत्यंत गहराई से पड़ताल कर रहा है। इसके दायरे में सम्राट इंटर कॉलेज, अल्फा क्लीनिक और डॉक्टर सम्राट से जुड़ी अन्य सभी संस्थाएं आ चुकी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी का क्लीनिक सीज कर दिया गया है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल उसी सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक का भतीजा है, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा है और कॉलेज परिसर पर ताला लटका हुआ है। पुलिस अन्य फरार चल रहे संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। दूसरी तरफ, डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है और साथ ही कॉलेज व क्लीनिक पर बुलडोजर चलाकर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।



















