मिजोरम में कैंसर की समय पर पहचान और जांच सुविधाओं को मजबूती देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। अमेरिका में कार्यरत दो डॉक्टरों, डॉ. दहिया और डॉ. चौहान ने आइजोल के जेमाबाव्क स्थित मिजोरम स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (MSCI) को 3,875 कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट किट मुफ्त में दान किए हैं। इन किट की मदद से राज्य में शुरुआती स्तर पर ही कैंसर के मामलों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सामग्री का विवरण और वितरण
इस चिकित्सा सहायता का आयोजन मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह की एक विशेष पहल के तहत किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मिजोरम स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को भेजे गए इन टेस्ट किट का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की जांच क्षमताओं को बढ़ाना और मरीजों में बीमारी की पहचान जल्द से जल्द सुनिश्चित करना है।
दान में मिली 3,875 किट की इस खेप में चार अलग-अलग प्रकार के जांच उपकरण शामिल हैं
- अल्फा-फेटोप्रोटीन (AFP) किट: शुरुआती जांच के लिए कुल 975 किट शामिल हैं।
- कार्सिनोएम्ब्रियोनिक एंटीजन (CEA) किट: इसमें 950 टेस्ट किट प्रदान किए गए हैं।
- प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) किट: पुरुषों में जांच के लिए 975 विशिष्ट किट उपलब्ध कराई गई हैं।
- फीकल ओकल्ट ब्लड किट: आंतरिक जांच के लिए 975 टेस्ट किट दिए गए हैं।
शुरुआती जांच और जनस्वास्थ्य पर राज्यपाल का जोर
इस मौके पर मिजोरम के राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए जनस्वास्थ्य की स्थिति मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने मिजोरम में कैंसर के मामलों की ऊंची दर और इससे होने वाली मौतों की संख्या पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की।
बीमारी का समय पर पता लगाने और त्वरित इलाज के महत्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि दान में मिले किट का सही उपयोग होगा, जिससे मरीजों को सीधा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने इस योगदान को राज्य में कैंसर की समस्या से निपटने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और मिजोरम के लोगों के स्वास्थ्य तथा कल्याण के लिए लगातार कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



















