अमेरिका से आए उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद बिटकॉइन (BTC) में तेज उछाल देखने को मिला। इन आंकड़ों ने बाजार में यह भरोसा बढ़ाया कि केंद्रीय बैंक अब आक्रामक तरीके से ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, और इसी राहत ने सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी को दोबारा ऊपर की ओर धकेल दिया।
जून महीने में गैर-कृषि रोजगार (नॉनफार्म पेरोल) सिर्फ 57,000 बढ़े, जबकि जानकारों का अनुमान 115,000 का था। यह आंकड़ा अनुमान से काफी नीचे रहा। इसके चलते दो साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड नीचे आई और बाजार ने नजदीकी भविष्य में दरें बढ़ने की उम्मीद को घटा दिया। इसी माहौल ने बिटकॉइन को $57,000 के पास बने अपने हालिया साइकल लो से उबरने में मदद की।
राहत तो है, लेकिन दिशा नहीं बदली
कॉइनशेयर्स के मुताबिक यह आंकड़ा भले ही थोड़ी राहत देता हो, पर इसे नीति में बड़े बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
आज का आंकड़ा मामूली तौर पर मदद करता है, यह किसी नीतिगत यू-टर्न के बराबर नहीं है।
कॉइनशेयर्स ने कहा कि बाजार की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि बिटकॉइन ब्याज दरों को लेकर बनने वाली उम्मीदों के प्रति कितना संवेदनशील है। फर्म ने यह भी माना कि बड़े आर्थिक हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन बड़े निवेशकों की ओर से हो रही बिकवाली अब काफी हद तक थम चुकी है।
ऊपरी सतह पर जैसा दिखता है, अंदर की तस्वीर उससे बेहतर है। व्हेल यानी बड़े होल्डर्स की बिकवाली का दौर अपने अंजाम तक पहुंच चुका लगता है।
व्हेल की बिकवाली का बोझ हटा
रिपोर्ट में बताया गया कि 100,000 BTC से ज्यादा रखने वाले वॉलेट्स ने अक्टूबर 2025 के बाजार शिखर के बाद करीब 39 अरब डॉलर मूल्य का बिटकॉइन बेचा था। लेकिन अब यह बिकवाली का दबाव लगभग खत्म हो चुका है।
वह बिकवाली अब धीमी होते-होते रुक गई है, और इसी के साथ वह सबसे बड़ा बोझ भी हट गया है जिसने पूरे 2025 को अपने कब्जे में रखा था।
फर्म ने आगे बताया कि इस साल बिटकॉइन ETP से करीब 2.7 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई है। वहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित ETF ने इसी दौरान करीब 5.5 अरब डॉलर आकर्षित किए।
इस अंतर से इशारा मिलता है कि निवेशकों ने बिटकॉइन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी पूंजी को बाजार के सबसे मजबूत प्रदर्शन वाले थीम में लगाना बेहतर समझा।
ऑप्शंस बाजार में अब भी बचाव की चाल
ग्लासनोड के विश्लेषकों ने भी सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि बिटकॉइन के $58,000 के आसपास से उबरने के बावजूद ऑप्शंस बाजार में लगातार बचावात्मक पोजिशनिंग बनी हुई है।
फर्म ने कहा कि DVOL इंडेक्स से मापी जाने वाली इम्प्लाइड वोलैटिलिटी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही है, जो हालिया गिरावट के दौरान बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाती है। हालांकि यह उतार-चढ़ाव पहले के बड़े बाजार झटकों के दौरान देखे गए स्तरों से अब भी काफी नीचे है, जिससे लगता है कि ट्रेडर जोखिम की नई कीमत आंक रहे हैं।
ग्लासनोड ने जोड़ा कि ऑप्शंस बाजार अब भी गिरावट से बचाव को तरजीह दे रहा है। एक हफ्ते का 25 डेल्टा स्क्यू पॉजिटिव बना हुआ है, यानी पुट ऑप्शंस कॉल की तुलना में प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। इसके साथ ही बिटकॉइन नेगेटिव गामा जोन में बना हुआ है, जिसका मतलब है कि डीलर्स की हेजिंग गतिविधि कीमत के उतार-चढ़ाव को किसी भी दिशा में और तेज कर सकती है।
विश्लेषकों के मुताबिक मौजूदा ऑप्शंस बाजार बताता है कि हालिया रिकवरी के बावजूद निवेशक सतर्क बने हुए हैं और आगे भी अनिश्चितता बने रहने की आशंका रख रहे हैं।
खबर लिखे जाने के समय बिटकॉइन $62,450 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले 24 घंटों में 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।













