क्रिप्टो बाजार की कभी सबसे चर्चित रहीं तीन मीम करेंसियों, डॉजकॉइन, शिबा इनु और पेपे, की चमक अब फीकी पड़ चुकी है। ये तीनों अपने रिकॉर्ड स्तर यानी ऑल टाइम हाई से 90% से ज्यादा नीचे आ चुकी हैं, और निवेशकों को इसका तगड़ा झटका लगा है।
डॉजकॉइन ने मई 2021 में 0.73 डॉलर का अपना सर्वोच्च स्तर छुआ था, लेकिन अब यह करीब 0.07 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, यानी अपने शिखर से लगभग 90% नीचे। वहीं शिबा इनु ने उसी साल अक्टूबर में 0.00008616 डॉलर का स्तर छुआ था और अब यह 95% तक गिर चुका है। पेपे ने पिछले साल 0.00002803 डॉलर का स्तर बनाया था और अपने ऑल टाइम हाई से 91% लुढ़क चुका है।
एक दौर था जब इनका बोलबाला था
साल 2020 से 2023 के बीच इन तीनों मीम करेंसियों का क्रिप्टो बाजार पर दबदबा था। लेकिन 2024 से इनकी कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ, जो थमने का नाम नहीं ले रहा, और ये दोबारा अपने पुराने मुकाम पर नहीं लौट पाईं। शिबा इनु, जो कभी टॉप पोजीशन के लिए डॉजकॉइन को टक्कर दे रहा था, सबसे ज्यादा पिछड़ गया है। सबसे बड़ी चोट उन निवेशकों को पहुंची है, जिन्होंने करोड़ों कमाने के सपने बुने थे और अब वे सपने बिखर गए हैं।
क्या यहां से वापसी मुमकिन है?
यहां से रिकवरी की उम्मीद बेहद कम है, क्योंकि शिबा इनु जैसी मीम करेंसियां अब निवेशकों को लुभा नहीं रहीं। ट्रेडर्स अपना पैसा अब उन संपत्तियों में लगा रहे हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास से जुड़ी हैं। असली पैसा अब AI सेक्टर में है, जिसके इस्तेमाल के बड़े और वास्तविक मायने हैं। यह तकनीक आने वाली पीढ़ी की तस्वीर बदल रही है, और अभी किया गया निवेश आगे चलकर दस गुना तक रिटर्न दे सकता है। कई AI कंपनियां तो एक साल से भी कम समय में दहाई अंकों में मुनाफा देकर दिखा चुकी हैं।
डॉजकॉइन और शिबा इनु जैसी मीम करेंसियों में आसानी से मिलने वाली कमाई का दौर अब खत्म हो चुका है। अगर गिरावट के चलते शिबा इनु अपने चार्ट में एक और जीरो जोड़ ले, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। बाजार से पैसा बनाने के लिए अब निवेशकों को मेहनत करनी होगी। आंख मूंदकर पैसा बनाने का जमाना जा चुका है, और अब सिर्फ वही कमाई कर सकते हैं जो सोच समझकर एंट्री लेते हैं। बिटकॉइन और एथेरियम, जो कभी क्रिप्टो बाजार में मुनाफे की बुनियाद माने जाते थे, वे भी पीछे की ओर जा रहे हैं।













