वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की भूख लौटने के साथ ही बिटकॉइन (BTC) की कीमतों में शानदार तेजी देखी जा रही है। गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख डिजिटल करेंसी बिटकॉइन $64,800 के स्तर से ऊपर निकल गई, जिसने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन $64,670 को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। बाजार में आए इस उछाल को मुख्य रूप से अमेरिकी स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में जारी संस्थागत पूंजी के मजबूत इनफ्लो और मध्य पूर्व में घटते भू-राजनीतिक तनाव से समर्थन मिला है। ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन $64,554 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर $64,598 के बेहद करीब है और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर $57,748 से काफी ऊपर बना हुआ है।
संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के सकारात्मक मोड़ ने क्रिप्टो बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। जहां एक ओर कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं कम होने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली संपत्तियों के लिए आगे का रास्ता साफ किया है।
संस्थागत निवेशकों का भरोसा: स्पॉट ETF में लगातार तीसरे दिन बंपर निवेश
बिटकॉइन की मौजूदा तेजी का सबसे बड़ा आधार अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन ETF में देखा जा रहा संस्थागत निवेश है। बुधवार को अमेरिकी स्पॉट BTC ETFs ने कुल 244.42 मिलियन डॉलर का शुद्ध इनफ्लो दर्ज किया। यह इस कारोबारी हफ्ते में लगातार तीसरा ऐसा दिन है जब इन फंडों में सकारात्मक पूंजी प्रवाह देखा गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वॉल स्ट्रीट के बड़े संस्थानों का यह निरंतर निवेश बाजार की लंबी अवधि की स्थिरता के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) असल में एक ऐसा वित्तीय साधन होता है जो किसी अंतर्निहित परिसंपत्ति (underlying asset) या इंडेक्स की कीमतों पर नजर रखता है। एक बिटकॉइन ETF निवेशकों को बिना सीधे बिटकॉइन खरीदे या उसकी सुरक्षा की चिंता किए बिना क्रिप्टो बाजार में सीधे निवेश का अवसर प्रदान करता है। क्रिप्टो ETFs का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशकों को डिजिटल वॉलेट्स या प्राइवेट की (private keys) संभालने की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता, जिससे सुरक्षा जोखिम और तकनीकी लागत काफी हद तक कम हो जाती है। हालांकि, इसका एक पहलू यह भी है कि निवेशक संपत्ति का प्रत्यक्ष स्वामित्व नहीं रखते — जिसे क्रिप्टो दुनिया में "नॉट योर कीज़, नॉट योर कॉइन्स" कहा जाता है — और उन्हें एक्टिव मैनेजमेंट फीस भी चुकानी पड़ती है।
क्रिप्टो ETF के ऐतिहासिक सफर की बात करें तो अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने पहली बार अक्टूबर 2021 में बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF को मंजूरी दी थी। इसके बाद कुल 7 फ्यूचर्स ETFs स्वीकृत किए गए थे, जबकि 20 से अधिक आवेदनों को नियामक ने बाजार में हेरफेर की आशंकाओं के चलते रोके रखा था। इसके बाद एक ऐतिहासिक मोड़ तब आया जब SEC ने जनवरी 2024 में कई स्पॉट बिटकॉइन ETFs की लिस्टिंग और ट्रेडिंग को हरी झंडी दे दी। इस फैसले ने संस्थागत पूंजी और मुख्यधारा के निवेशकों के लिए क्रिप्टो परिसंपत्तियों के द्वार खोल दिए, जिसे उद्योग में गेम-चेंजर माना गया।
भू-राजनीतिक राहत और मैक्रोइकॉनॉमिक कारक
बिटकॉइन और व्यापक वित्तीय बाजारों के लिए दूसरा बड़ा सकारात्मक चालक मध्य पूर्व से आ रही भू-राजनीतिक राहत की खबरें हैं। फारस की खाड़ी के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच शुक्रवार तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक कूटनीतिक समझौते पर पहुंचने की 50% संभावना बनी हुई है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के फिर से सुचारू रूप से खुलने की मजबूत उम्मीदों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की अनिश्चितताओं को काफी हद तक नियंत्रित कर दिया है, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों और क्रिप्टो संपत्तियों में नई तेजी आई है।
इसके साथ ही, ब्याज दर की संभावनाओं पर नजर रखने वाले शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) के फेडवॉच टूल के आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में कटौती या बदलाव की संभावना सप्ताह की शुरुआत के 67% से घटकर गुरुवार को लगभग 55% रह गई है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में आई इस नरमी से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव देखने को मिला है। डॉलर में कमजोरी आम तौर पर बिटकॉइन जैसी गैर-उपज वाली (non-yielding) और जोखिम-संवेदनशील संपत्तियों के पक्ष में काम करती है।
तकनीकी विश्लेषण: मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी मोर्चे पर, दैनिक चार्ट पर बिटकॉइन की संरचना एक सतर्क लेकिन सुधारात्मक रुख का संकेत दे रही है। Relative Strength Index (RSI) वर्तमान में 53 से 54 के स्तर पर मँडरा रहा है, जो इसकी मध्यरेखा (midline 50) से मामूली ऊपर है और बाजार में धीरे-धीरे बन रही सकारात्मक गति को दर्शाता है। Moving Average Convergence Divergence (MACD) इंडिकेटर भी मामूली रूप से सकारात्मक दायरे में आया है, हालांकि इसका हिस्टोग्राम अभी भी निकट अवधि में सीमित तेजी का सुझाव देता है।
मूल्य स्तरों का गहराई से विश्लेषण करने पर निम्नलिखित प्रमुख आंकड़े सामने आते हैं
- तत्काल सपोर्ट (Downside Support): बिटकॉइन के लिए पहला और प्राथमिक सपोर्ट 50-दिवसीय EMA $64,670 (लाइव $64,607) के आसपास बना हुआ है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला मजबूत क्षैतिज सपोर्ट फ्लोर $64,004 पर स्थित है। वहीं 20-दिवसीय मूविंग एवरेज और हालिया सपोर्ट $62,227 से $63,000 के दायरे में मौजूद है।
- ऊपरी रेजिस्टेंस (Topside Hurdles): तेजी जारी रहने की स्थिति में खरीदारों के सामने पहला बड़ा अवरोध 100-दिवसीय EMA का है, जो $67,049 पर स्थित है। इसे पार करने के बाद अगला प्रमुख तकनीकी रेजिस्टेंस 200-दिवसीय EMA $72,564 पर देखा जाएगा। लंबी अवधि में एक मजबूत बुलिश चक्र शुरू करने के लिए बिटकॉइन को $84,410 के बड़े horizontal barrier को दोबारा हासिल करना होगा।
अल्पकालिक और मध्यम अवधि के ट्रेंड चार्ट्स को देखें तो बिटकॉइन ने हाल ही में अपने फॉलिंग ट्रेंड चैनल की ऊपरी रेखा को तोड़ा है, जो गिरावट की गति धीमी होने या अधिक स्थिर (horizontal) विकास की ओर इशारा करता है। चार्ट पर एक रिवर्स हेड एंड शोल्डर्स (Inverse Head and Shoulders) पैटर्न भी आकार ले रहा है। यदि बिटकॉइन 66,243 डॉलर के रेजिस्टेंस स्तर को भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ निर्णायक रूप से तोड़ता है, तो यह बाजार में एक बड़ी रैली की पुष्टि करेगा।
अल्टरनेट कॉइन्स में मिला-जुला रुख और ऑन-चेन डेटा
बिटकॉइन में आए इस सुधार का असर अल्टरनेट कॉइन्स (Altcoins) पर मिला-जुला देखने को मिला है। एक तरफ जहां बिटकॉइन के उछाल के सहारे पाई नेटवर्क (Pi Network) और यूनिसवैप (Uniswap) पिछले 24 घंटों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टोकन्स के रूप में उभरे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रमुख कॉइन्स में बिकवाली का दबाव जारी है।
रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) में लगातार गिरावट देखी जा रही है। रिपल $1.06 के स्तर से नीचे खिसक गया है, जबकि स्टेलर $0.165 के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। कमजोर होती तकनीकी संरचना और डेरिवेटिव्स बाजार के बेयरिश संकेत यह दर्शाते हैं कि यदि ये कॉइन्स अपने निकटतम सपोर्ट स्तरों को बचाने में विफल रहते हैं, तो इनमें गिरावट और गहरी हो सकती है।
ऑन-चेन डेटा विश्लेषण के अनुसार, क्रिप्टो बाजार इस समय संस्थागत मांग में आई हल्की सुस्ती और विक्रेताओं की थकान (seller exhaustion) के बीच फंसा हुआ नजर आ रहा है। जबकि शेयर बाजारों में तेजी और सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, बिटकॉइन निवेशक आने वाले मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों और हॉर्मुज समझौते के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।



















