अमेरिकी सीनेट में डिजिटल एसेट क्षेत्र को विनियमित करने से जुड़े क्लैरिटी एक्ट पर होने वाले क्लोजर मतदान से ऐन पहले कानूनी और नीतिगत चुनौतियां गंभीर रूप ले चुकी हैं। अमेरिका के 18 राज्यों के अटॉर्नी जनरल के एक द्विदलीय समूह ने सांसदों को चिट्ठी लिखकर इस विधेयक के मौजूदा स्वरूप को खारिज करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि यदि राज्यों के प्रवर्तन अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया गया, तो वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के स्थानीय प्रयास कमजोर पड़ जाएंगे। इसी बीच ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने विधेयक के नए मसौदे का पुरजोर समर्थन करते हुए दलील दी है कि यह कानून वैश्विक स्तर पर नई तकनीक की दौड़ में देश को आगे रखने के लिए नितांत आवश्यक है।
राज्यों के अधिकार और धोखाधड़ी रोकने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अटॉर्नी जनरल के इस गठबंधन ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि साल 2017 से अब तक विभिन्न अमेरिकी राज्यों ने क्रिप्टो जालसाजों और फर्जीवाड़े के खिलाफ 330 से अधिक प्रवर्तन कार्रवाइयां सफलतापूर्वक की हैं। इनमें नकली वेबसाइटों, फर्जी निवेश योजनाओं और आम निवेशकों की पूंजी हड़पने वाले कई तरह के अवैध रैकेट शामिल रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान मसौदे में मौजूद अस्पष्टताओं का फायदा उठाकर धोखेबाज कानूनी अड़चनें खड़ी कर सकते हैं और राज्य स्तर पर होने वाली जांच में लंबा विलंब करा सकते हैं। राज्य स्तरीय जांच अधिकारियों ने साफ कहा कि उनके अधिकार संघीय जांच एजेंसियों के पूरक के रूप में काम करते हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर कम नहीं आंका जाना चाहिए।
“Enforcing our laws against those defrauding investors in our states is an important function and an essential complement to federal authority,” the attorneys general wrote.
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि राज्यों के पास प्रतिभूति मध्यस्थों और लेनदेन के पंजीकरण तथा लाइसेंसिंग का जो अधिकार है, वह वित्तीय धोखाधड़ी की पड़ताल करने के लिए बेहद कारगर हथियार साबित हुआ है। उनका कहना है कि इस कानूनी अधिकार के बिना जमीनी स्तर पर निवेशकों के हितों की रक्षा करना अत्यंत कठिन हो जाएगा, इसलिए प्रस्तावित छूटों को बेहद सीमित दायरे में रखा जाना चाहिए।
एसईसी के अप्रत्यक्ष अधिकार और सीनेट के गणित की बाधाएं
राज्यों के कानूनी अधिकारियों ने विधेयक में शामिल उस प्रावधान पर भी तीखी आपत्ति जताई है जिसे क्वालिफाइड ट्रांजैक्शन की संज्ञा दी गई है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के जरिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे अधिकार मिल सकते हैं जो राज्यों के स्थानीय कानूनों को दरकिनार या निष्प्रभावी कर देंगे। अधिकारियों के अनुसार इससे संघीय और राज्य नियामकों के बीच का संवेदनशील संतुलन पूरी तरह डगमगा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक राज्यों की जांच और बाजार निगरानी क्षमता पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहती, तब तक सीनेट को इसके खिलाफ मतदान करना चाहिए।
“The Senate should vote NO on the current version of the CLARITY Act unless and until the states’ powers to police the market and protect investors are fully preserved,” the coalition stated.
सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं ने रविवार देर रात एक नया संशोधित मसौदा सार्वजनिक किया, जिसमें डेमोक्रेट सांसदों को साधने के लिए सरकारी नैतिकता और विकेंद्रीकृत वित्त यानी डेफी (DeFi) परियोजनाओं पर संभावित आपराधिक अभियोजन से जुड़े कुछ रियायती प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके बावजूद सीनेट के पटल पर इसे आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 60 मतों की आवश्यकता है। डेमोक्रेटिक खेमे का पर्याप्त समर्थन मिल पाएगा या नहीं, इसे लेकर सीनेट में अभी गहरा संशय बना हुआ है।
बैंकिंग लॉबी का असंतोष और ट्रेजरी विभाग का कड़ा रुख
कानूनी अधिकारियों के अलावा पारंपरिक बैंकिंग क्षेत्र की तरफ से भी इस कानून के खिलाफ असंतोष गहराता जा रहा है। बैंकिंग उद्योग के व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि पेमेंट स्टेबलकॉइन पर प्रतिफल या यील्ड देने की अनुमति दी जाती है, तो वाणिज्यिक बैंकों से बड़े पैमाने पर जमा पूंजी बाहर निकल सकती है। बैंकों का तर्क है कि इस तरह के पूंजी पलायन से स्थानीय बाजारों में कर्ज वितरण और ऋण देने की व्यवस्था पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा।
इसके विपरीत ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि नए मसौदे के माध्यम से उनके कार्यालय को ऐसे अतिरिक्त अधिकार प्राप्त होते हैं, जिससे कम्युनिटी बैंकों को स्टेबलकॉइन जनित जोखिमों से बेहतर सुरक्षा दी जा सकेगी। क्रिप्टो उद्योग और उसके समर्थक सांसद मंगलवार को होने वाले इस क्लोजर मतदान में विधेयक को पार कराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उनका मानना है कि स्पष्ट विनियामक ढांचा आधुनिक तकनीक में अमेरिकी नेतृत्व को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
डिजिटल एसेट बाजार की वर्तमान तकनीकी स्थिति
विधायी उथल-पुथल के बीच व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मिला-जुला और संभलता हुआ रुझान देखने को मिला है। सोमवार को बिटकॉइन हरे निशान में कारोबार करता हुआ 77,884 डॉलर के करीब पहुंच गया, जबकि दिन के दौरान यह 78,200 डॉलर के स्तर को पार कर गया। पिछले सप्ताह इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के अनुमानों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है, जो बिटकॉइन की ऊपरी बढ़त को सीमित कर रही है।
अन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में भी बिटकॉइन के समान रुझान देखा जा रहा है। इथेरियम ने 2,521 डॉलर का महत्वपूर्ण समर्थन स्तर संभाला हुआ है, जबकि रिपल यानी एक्सआरपी (XRP) 1.38 डॉलर के स्तर पर टिका है। पाई नेटवर्क (PI) ने दो हफ्तों की लगातार बढ़त के बाद सोमवार को 0.097 डॉलर के पार अपनी रिकवरी को जारी रखा है, जिसे पारिस्थितिकी तंत्र के निरंतर विकास और बेहतर डेवलपर टूल्स से सहारा मिला है। वहीं कार्डाओ (ADA) पिछले हफ्ते 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट झेलने के बाद सोमवार को 0.200 डॉलर के करीब अपने प्रमुख 50-दिवसीय और 100-दिवसीय ईएमए (EMA) स्तरों के पास मंडराता नजर आया, जहां तकनीकी रुझान बताते हैं कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।



















