देश की राजधानी दिल्ली के बाहरी इलाके अलीपुर के पास बसे हिरणकी गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां ठोकर नंबर-24 के पास यमुना नदी में नहाने गए चार नाबालिग बच्चे नदी के तेज बहाव में बह गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और दमकल विभाग, NDRF तथा अन्य सहायक राहत एजेंसियों ने मिलकर एक व्यापक संयुक्त खोज अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीमों ने दो बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाल लिया है, जबकि दो अन्य लापता बच्चों की तलाश अभी भी जारी है। रविवार रात करीब 10:30 बजे तक लगातार खोजबीन करने के बाद, अत्यधिक अंधेरा हो जाने के कारण इस बचाव कार्य को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा, जिसे सोमवार यानी 13 जुलाई को सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।
खेलने निकले थे मासूम, कीचड़ साफ करने उतरे तो यमुना ने लील ली जिंदगी
यह पूरी घटना रविवार शाम की है, जब 14 से 15 वर्ष की आयु के पांच किशोर अपने घरों से बाहर खेलने के लिए निकले थे। खेलते और घूमते हुए ये बच्चे अचानक यमुना नदी के किनारे पहुंच गए। इस दौरान बच्चों के कपड़े मिट्टी और कीचड़ से काफी गंदे हो चुके थे। अपने कपड़ों को साफ करने और नहाने के इरादे से इनमें से चार बच्चे शाम करीब 6:00 बजे यमुना नदी के पानी में उतर गए। लेकिन उस समय यमुना नदी का जलस्तर और पानी का बहाव बेहद खतरनाक था। नदी के प्रचंड प्रवाह का अंदाजा न होने के कारण चारों बच्चे महज दो से तीन मिनट के भीतर ही पानी के तेज बहाव में बह गए और गहरे पानी में समा गए।
किनारे पर मौजूद पांचवें बच्चे ने जब अपने दोस्तों को पानी में डूबते देखा, तो उसने घबराकर मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत नदी की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और चारों बच्चे पानी में पूरी तरह डूब चुके थे। शाम करीब 7:46 बजे पुलिस को एक PCR कॉल के जरिए इस हादसे की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमल विभाग और NDRF की टीमें राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं और पानी में लापता बच्चों को खोजने के लिए एक बड़ा संयुक्त अभियान छेड़ दिया। इस अभियान के दौरान दो बच्चों के शवों को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया, जबकि शेष दो बच्चों की तलाश अभी भी की जा रही है।
इलाके में लगातार दूसरे दिन हुआ ऐसा दर्दनाक हादसा
स्थानीय ग्रामीणों के बीच इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश और दुख है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन इस तरह की दर्दनाक घटना हुई है। इससे ठीक एक दिन पहले भी इसी नदी क्षेत्र में दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। लगातार दो दिनों के भीतर चार मासूमों की मौत और दो के लापता होने से पूरा गांव गहरे सदमे में है। लोगों ने यमुना के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था न होने और चेतावनी बोर्ड न लगाए जाने को लेकर भी चिंता व्यक्त की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता और आगामी जांच
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता नदी में लापता बाकी बचे दो बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढ निकालना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों लापता बच्चों के शव बरामद होने के बाद ही नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले की विस्तृत जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल, जिला प्रशासन और पुलिस बल की टीमें पूरे दलबल के साथ यमुना तट पर डटी हुई हैं और तलाशी अभियान को सुचारू रूप से चलाने में जुटी हुई हैं।











