दिल्ली के नजफगढ़ थाना क्षेत्र स्थित यूईआर-II में साईं मंदिर के करीब एक कैब के अंदर एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। जब शव बरामद हुआ, तो उसकी स्थिति बेहद असामान्य और डरावनी थी। मृतक का सिर सीट के निचले हिस्से में फंसा हुआ था, जबकि उसके पैर सीट के ऊपर की ओर थे। ड्राइवर की बगल वाली सीट पर इस तरह औंधे मुंह पड़े शव को देखकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी स्तब्ध रह गई। यह कैब उत्तर प्रदेश के कानपुर के पंजीकरण नंबर वाली बताई जा रही है।
घटना की पूरी जानकारी
पुलिस के अनुसार, 08 जुलाई 2026 को नजफगढ़ थाना पुलिस को पीसीआर के जरिए एक कॉल मिली थी। कॉल करने वाले ने बताया कि दिचाऊं डिपो और साईं मंदिर के बीच सड़क के किनारे एक कार खड़ी है, जिसमें एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कार के भीतर का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था। मृतक वहां औंधे मुंह पड़ा था, जिसकी वजह से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया कि यह कोई दुर्घटना का मामला है या फिर हत्या।
मृतक की पहचान और छानबीन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल शुरू की, जिसके बाद मृतक की शिनाख्त 40 वर्षीय नीरज शुक्ला के तौर पर हुई। नीरज शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी था और उनके पिता का नाम दिनेश शुक्ला है। इस मामले की बारीकी से जांच के लिए तुरंत क्राइम टीम को मौके पर बुलवाया गया। क्राइम टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और वहां से साक्ष्य जुटाए ताकि मौत की गुत्थी को सुलझाया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
वर्तमान में नीरज शुक्ला की मौत के असली कारणों का पता नहीं चल पाया है। द्वारका जिले के डीसीपी का कहना है कि मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने शव को फिलहाल शवगृह में रखवा दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का मुख्य ध्यान अब दो बिंदुओं पर है। पहला, मृतक के परिजनों से संपर्क स्थापित करना और दूसरा, उस रूट की जांच करना जिसके जरिए यह कैब दिल्ली में दाखिल हुई थी। मामले के सभी पहलुओं पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है।











