उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में आज सुबह-सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब शास्त्री पार्क स्थित डीडीए पार्क में एक 19 साल के युवक का शव खून से सना हुआ मिला। मृतक की पहचान न्यू सीलमपुर के के-ब्लॉक में रहने वाले मोहम्मद तोहिद के तौर पर हुई है। सुबह पार्क में निकले लोगों की नजर जब खून से लथपथ शव पर पड़ी तो आसपास अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
रात को घर से निकला था तोहिद, सुबह मिला शव
परिवार और आसपास के लोगों के मुताबिक मोहम्मद तोहिद शनिवार रात करीब 10 बजे अपने घर से बाहर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। रविवार सुबह उसका शव शास्त्री पार्क की डीडीए पार्क में पड़ा मिला, जिससे साफ है कि रात के किसी समय ही उसकी हत्या कर दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम
घटना की जानकारी मिलते ही न्यू उस्मानपुर थाने की पुलिस, उत्तर-पूर्वी जिले के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि हत्या की गुत्थी जल्द सुलझाई जा सके।
आपसी रंजिश का शक, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे आपसी रंजिश हो सकती है। हालांकि जांच अधिकारी हर एंगल से मामले को परख रहे हैं और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। हत्या के असली कारण और आरोपियों तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि रात में पार्क के आसपास की हरकत पर नजर डाली जा सके।
गौरतलब है कि शास्त्री पार्क की यह डीडीए पार्क पहले भी सुर्खियों में रह चुकी है। इससे पहले भी यहां हत्या और शव मिलने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसकी वजह से यह जगह इलाके में संवेदनशील मानी जाती है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है।
ठक-ठक गैंग के दो सक्रिय बदमाश गिरफ्तार
इसी बीच दिल्ली पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने कुख्यात ठक-ठक गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गंगेश नायडू और विक्रम के रूप में हुई है, दोनों दक्षिणपुरी, अंबेडकर नगर के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने 6 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मैकबुक, मोबाइल फोन, सोने-चांदी के गहने, सैमसंग के ईयरबड्स, घड़ी, सेंधमारी में इस्तेमाल होने वाले औजार और वारदात में काम आई स्कूटी बरामद की है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में हुए चोरी और सेंधमारी के तीन मामलों को सुलझा लिया है। दरअसल 30 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर AATS टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि दोनों अंतरराज्यीय ठक-ठक गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। यह गैंग लोगों का ध्यान भटकाने की खास तकनीक अपनाकर गाड़ियों से नकदी और कीमती सामान चुराता था, जिसे पुलिस ठक-ठक तकनीक कहती है। तकनीकी जांच और पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इन आरोपियों का संबंध दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और कर्नाटक में दर्ज कई मामलों से भी जुड़ता है।













