भारतीय सिनेमा के सुनहरे युग में कई दिग्गज कलाकारों ने अपनी चमक बिखेरी, लेकिन बहुत कम ऐसे थे जिन्होंने अपनी शर्तों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्हीं में से एक थीं गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री निम्मी, जिन्होंने अपनी बेमिसाल खूबसूरती और बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। अपने फिल्मी सफर के दौरान उन्होंने दिलीप कुमार और राज कपूर जैसे महान कलाकारों के साथ काम किया। उनकी लोकप्रियता केवल देश तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी प्रतिभा की गूंज हॉलीवुड तक भी पहुंची थी। हालांकि, वे हमेशा अपने सिद्धांतों पर अडिग रहीं और उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं से समझौता करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े अवसरों को भी छोड़ दिया। वे महबूब खान की पहली रंगीन फिल्म आन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। हालांकि पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनी भारत की पहली रंगीन फिल्म किसान कन्या थी, लेकिन आन ने बड़े पैमाने पर रंगीन सिनेमा की शुरुआत की और निम्मी ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी।
सहायक भूमिका से मील का पत्थर बनने का सफर
निम्मी को फिल्म उद्योग में पहला बड़ा ब्रेक राज कपूर की क्लासिक फिल्म बरसात से मिला था। इसके बाद जब उन्हें महबूब खान की फिल्म आन में काम करने का अवसर मिला, तो उन्हें शुरुआत में एक सहायक भूमिका यानी सेकंड लीड दी गई थी। इस फिल्म के शुरुआती संपादन में उनके दृश्य बहुत कम थे। लेकिन जब फिल्म वितरकों ने उनके कम दृश्यों के कारण फिल्म खरीदने से इनकार कर दिया, तो निर्देशक महबूब खान को बड़ा फैसला लेना पड़ा। वितरकों की मांग और निम्मी की लोकप्रियता को देखते हुए महबूब खान को फिल्म में उनके दृश्य बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने निम्मी के साथ अतिरिक्त दृश्य फिल्माए, जिसके बाद यह फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई। इस घटना ने उनकी लोकप्रियता को साबित किया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी फिल्मों की संख्या बढ़ाने के लिए अपने उसूलों से समझौता नहीं किया और बेहद सीमित काम किया।
लंदन प्रीमियर और सांस्कृतिक मर्यादा की रक्षा
फिल्म आन की भव्यता और सफलता केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब सराहा गया। इस फिल्म का प्रीमियर लंदन के मशहूर रियाल्टो थिएटर में आयोजित किया गया था, जहां पश्चिमी दर्शकों ने उनके अभिनय की खूब तारीफ की। इस खास प्रीमियर के दौरान एक बेहद चर्चित वाकया हुआ। वहां मौजूद लंदन की एक जानी-मानी हस्ती ने निम्मी के सम्मान में उनके हाथ को चूमने का प्रयास किया। अपने भारतीय संस्कारों और संस्कृति का सम्मान करते हुए निम्मी ने तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लिया और ऐसा करने से साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि वे एक हिंदुस्तानी लड़की हैं और उनके संस्कारों में इस तरह की चीजें पूरी तरह से गलत हैं।
द अनकिस्ड इंडियन गर्ल का खिताब और हॉलीवुड को इनकार
यह घटना अगले ही दिन इंग्लैंड के मीडिया में बड़ी खबर बन गई। वहां के सभी प्रमुख समाचार पत्रों ने इस घटना को प्रमुखता से छापा और निम्मी को द अनकिस्ड इंडियन गर्ल यानी बिना चूमी गई भारतीय लड़की के नाम से संबोधित किया। इस ऐतिहासिक प्रीमियर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली चर्चा के बाद निम्मी को एक साथ चार हॉलीवुड फिल्मों के ऑफर मिले थे। हालांकि, उन्होंने इन सभी आकर्षक प्रस्तावों को ठुकरा दिया। इसका कारण यह था कि वे पर्दे पर किसिंग सीन्स करने में बिल्कुल भी सहज नहीं थीं। उनका मानना था कि हॉलीवुड फिल्मों में ऐसे दृश्यों के बिना काम करना संभव नहीं है और वे काम के लिए अपनी मर्यादा और उसूलों को छोड़ने के लिए कतई तैयार नहीं थीं।



















