टेलीविजन की दुनिया में पारस छाबड़ा एक जाना-माना नाम बन चुके हैं, लेकिन उनका यहां तक का सफर किसी संघर्षपूर्ण कहानी से कम नहीं है। आज सफलता की ऊंचाई पर खड़े पारस की किस्मत का सितारा असल में साल 2012 में चमका था, जब उन्होंने 'स्प्लिट्सविला 5' में हिस्सा लिया था। दिल्ली के रहने वाले इस युवक के लिए यह शो करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। आकांक्षा पोपली के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने न केवल शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि इस सीजन की ट्रॉफी जीतकर रातों-रात लोकप्रियता हासिल की। इस जीत ने उनके लिए अभिनय और ग्लैमर की दुनिया के तमाम रास्ते खोल दिए।
संघर्षों से भरा शुरुआती दौर
पारस का बचपन काफी कठिन परिस्थितियों में बीता। बहुत छोटी उम्र में ही उन्होंने अपने सिर से पिता का साया खो दिया था। उनकी मां रूबी छाबड़ा ने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए अकेले उनकी परवरिश की। मां के त्याग और संघर्ष को करीब से देखने के कारण पारस के भीतर जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने की दृढ़ इच्छाशक्ति विकसित हुई। कॉलेज के दिनों में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने और जेब खर्च के लिए उन्होंने छोटे-मोटे काम किए। इसी दौरान उन्होंने मॉडलिंग में अपना भाग्य आजमाना शुरू किया और धीरे-धीरे उन्हें विज्ञापनों में काम मिलने लगा।
बिग बॉस 13 और करियर का बड़ा बदलाव
स्प्लिट्सविला 5 की सफलता के बाद पारस ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'वी द सीरियल' में काम किया और 2015 में 'स्प्लिट्सविला 8' में फिर से दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने धारावाहिकों का रुख किया और 'बढ़ो बहू', 'आरंभ', 'कलीरें' व 'अघोरी' जैसे शोज के जरिए अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। खासकर 'विघ्नहर्ता गणेश' सीरियल में रावण के किरदार को निभाकर उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी एक अलग छाप छोड़ी। हालांकि, उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 2019 में वे 'बिग बॉस 13' का हिस्सा बने। वे शो में टॉप 6 प्रतियोगियों तक पहुंचे और फिनाले के दौरान 10 लाख रुपये का सूटकेस लेकर शो छोड़ने का फैसला किया।
डिजिटल युग और पॉडकास्ट की दुनिया
पारस की निजी जिंदगी और रिश्ते भी हमेशा मीडिया की चर्चा का केंद्र रहे हैं। एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी के साथ उनके पुराने संबंध और बाद में 'बिग बॉस 13' के दौरान माहिरा शर्मा के साथ उनकी नजदीकियां काफी चर्चा में रहीं। पारस ने 2014 में 'एम3-मिडसमर मिडनाइट मुंबई' के साथ फिल्मों में भी कोशिश की थी, लेकिन वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास असर नहीं छोड़ पाई। आज के दौर में पारस केवल टीवी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी काफी सक्रिय हैं। वे अपना खुद का पॉडकास्ट 'आबरा का डाबरा पारस छाबड़ा' होस्ट करते हैं, जिसमें वे मनोरंजन जगत के कई दिग्गजों के साथ दिलचस्प बातचीत करते हैं।











