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कंगना रनौत का रसोई पर जोर, महिलाओं को कुकिंग न छोड़ने की सलाहमनोरंजन
13 जुल॰ 2026, 2:56 pm (45 दिन पहले)· 3

कंगना रनौत का रसोई पर जोर, महिलाओं को कुकिंग न छोड़ने की सलाह

सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर महिलाओं को खाना बनाने के हुनर को अपनी खास ताकत बताया है। उनके इस बयान पर नई बहस छिड़ गई है और लोग इसे पितृसत्तात्मक सोच से जोड़कर देख रहे हैं।

हाल ही में सांसद कंगना रनौत एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। उन्होंने अपने हालिया बयानों के जरिए महिलाओं को सलाह दी है कि उन्हें अपनी रसोई की जिम्मेदारी और खाना बनाने के कौशल को कभी नहीं त्यागना चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की, जहां उन्होंने तर्क दिया कि कुकिंग केवल एक साधारण काम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी कला है जिसमें महिलाएं अपना व्यक्तिगत प्रभाव और सकारात्मक ऊर्जा डालती हैं।

रसोई और महिला शक्ति का संबंध

कंगना रनौत का मानना है कि भले ही भोजन बनाना किसी एक लिंग की जिम्मेदारी नहीं है, फिर भी मसालों और स्वाद की जो गहरी समझ महिलाओं के पास है, वह अद्वितीय है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि टेक्सचर और स्वाद के प्रति जो संवेदनशीलता महिलाओं के हाथों में है, वह उनके व्यक्तित्व के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाती है। उनके अनुसार, यह सदियों से चला आ रहा एक ऐसा हुनर है जिस पर महिलाओं को गर्व करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि रसोई में काम करना महिलाओं की एक विशेष शक्ति है, जिसे उन्हें किसी भी स्थिति में छोड़ना नहीं चाहिए।

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विवादों का पुराना नाता

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा दिए गए एक बयान का समर्थन किया था। उस समय भी कंगना ने अपने बचपन के किस्से साझा किए थे, जिसमें उन्होंने बताया था कि जब उनके भाई खेलकूद में व्यस्त रहते थे, तब वह घर के कामकाज में रुचि लेती थीं। उस बयान के बाद भी उन्हें काफी ट्रोलिंग और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

सामाजिक प्रतिक्रिया और आलोचना

हालिया पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कई उपयोगकर्ता इसे एक रूढ़िवादी सोच के रूप में देख रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इस प्रकार के विचार समाज में पितृसत्ता को बढ़ावा देते हैं। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कॉलेज के एक दीक्षांत समारोह के दौरान यह टिप्पणी की थी कि महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं में पहले एक अच्छी मां बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उसके बाद ही उन्हें आईएएस या आईपीएस जैसे करियर के बारे में सोचना चाहिए। इसी विवादित पृष्ठभूमि के समर्थन में कंगना के नए विचारों ने तहलका मचा दिया है।

सवाल-जवाब

कंगना रनौत ने महिलाओं से क्या अपील की है?
कंगना रनौत ने महिलाओं से कहा है कि खाना बनाना उनकी एक विशेष ताकत है और उन्हें इस हुनर को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं को आईएएस-आईपीएस बनने से पहले एक अच्छी मां बनने पर ध्यान देने की सलाह दी थी।
लोग कंगना के बयान की आलोचना क्यों कर रहे हैं?
सोशल मीडिया पर लोग इसे पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला मान रहे हैं और मान रहे हैं कि ये विचार महिलाओं की भूमिका को केवल रसोई तक सीमित करते हैं।
कंगना रनौत के अनुसार खाना बनाना क्यों महत्वपूर्ण है?
कंगना का मानना है कि खाना बनाना सिर्फ काम नहीं बल्कि एक कला है, जिसमें महिलाएं अपनी ऊर्जा और मसालों के प्रति अपनी गहरी समझ के जरिए प्रभाव डालती हैं।
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