बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है और विद्युत जामवाल जैसे तमाम मशहूर कलाकारों ने टाइगर श्रॉफ के साहस की खुलकर सराहना की है। वे उन्हें एक बेहद निडर इंसान बता रहे हैं। इस बीच इंटरनेट पर टाइगर श्रॉफ का एक ताजा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे हजारों दर्शकों की मौजूदगी में मंच पर धमाकेदार प्रस्तुति देते नजर आ रहे हैं। फैंस उनके इस जज्बे और जिंदादिली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ एक यूजर ने लिखा है कि यह शख्स वाकई असाधारण है, क्योंकि महज एक दिन पहले मुंबई में इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद वह सिर्फ 12 घंटे के भीतर जामनगर पहुंच गए और स्टेज परफॉर्मेंस दी। लोग उनकी इस ऊर्जा और हिम्मत को सलाम कर रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है फायरिंग का मामला
टाइगर श्रॉफ पर हुए इस जानलेवा हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई पुलिस ने हाल ही में अदालत में दावा किया है कि यह पूरा हमला कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य अनिल पंडित के इशारे पर अंजाम दिया गया था। पुलिस ने यह बात शहर की एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने तब रखी, जब इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पेश किया गया था। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अदालत को बताया गया है कि इस आपराधिक वारदात में गैंग के सीधे संबंधों की थाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि इसके पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
राजस्थान से पकड़े गए थे आरोपी, 31 अक्टूबर तक कस्टडी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है, रितिक कुर्मी उर्फ रोशन जो मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी है, और तीसरे आरोपी फूल सिंह के रूप में हुई है। इन तीनों को 21 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार करके मुंबई लाया गया था। क्राइम ब्रांच ने अदालत के सामने इन आरोपियों की 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि उन्हें इस हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करना है और इस सुनियोजित साजिश के असली मकसद का पता लगाना है। इसके अलावा, पुलिस ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि आरोपियों ने अपने दो मोबाइल फोन पहले ही नष्ट कर दिए हैं, इसलिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को इकट्ठा करना जरूरी है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों की पहचान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और हमले के दौरान इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को लगातार ट्रैक करके की गई थी।



















