दशहरे के पावन अवसर पर मीठे का मजा दोगुना करने के लिए बाजार जैसी कुरकुरी और रसीली जलेबी घर पर ही आसानी से तैयार की जा सकती है। इस इंस्टेंट रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में केवल 20 मिनट का समय लगता है। बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से चाशनी से भरी यह मिठाई खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है। इसे बनाने के लिए जिन चीजों की जरूरत होती है, वे अमूमन हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाती हैं। सही तरीके से घोल तैयार करके और चाशनी में डुबोकर आप घर पर ही बिल्कुल हलवाई जैसी परफेक्ट जलेबी का आनंद ले सकते हैं।
सामग्री
इंस्टेंट जलेबी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री में घोल के लिए आधा कप मैदा, आधा छोटा चम्मच ईनो, एक चौथाई कप से थोड़ा अधिक पानी, एक बड़ा चम्मच दही, एक छोटा चम्मच घी और तलने के लिए आवश्यकतानुसार तेल शामिल है। इसके अलावा चाशनी तैयार करने के लिए चीनी और पानी की जरूरत होगी। ये सभी सामग्रियां बेहद आम हैं और रसोई में आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।
घोल तैयार करने का तरीका
स्टेप 1 के तहत सबसे पहले जलेबी का बैटर यानी घोल तैयार किया जाता है। एक बर्तन में मैदा और ईनो को एक साथ डालें। इसमें घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं और हाथों से मसलें ताकि मिश्रण में अच्छी तरह मोयन लग जाए। अब इसमें दही और थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाएं। इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक यह पूरी तरह चिकना और चमकदार न हो जाए। घोल की सही कंसिस्टेंसी ही जलेबी को परफेक्ट बनाती है।
जलेबी बनाने की प्रक्रिया
स्टेप 2 में घोल को पाइपिंग बैग या सॉस की बोतल में भरा जाता है, जिससे जलेबी को गोल और सुडौल आकार देना बहुत आसान हो जाता है। इसके साथ ही दूसरी तरफ एक तार की चाशनी तैयार करके उसे हल्का गर्म रखा जाता है। स्टेप 3 के अनुसार, यदि आप पारंपरिक तरीके से जलेबी तल रहे हैं, तो मध्यम से तेज आंच पर तेल गर्म करें। तेल का तापमान सही होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ज्यादा ठंडा तेल होने पर जलेबी फूलेगी नहीं। घोल को गोल-गोल घुमाते हुए कड़ाही में डालें। यदि घोल डालते ही ऊपर तैरने लगे, तो समझ लीजिए कि तेल का तापमान बिल्कुल सही है। वैकल्पिक रूप से, यदि आप अप्पे पैन का उपयोग कर रहे हैं, तो उसके सभी गड्ढों में थोड़ा घी या तेल लगाकर गर्म करें और फिर उसमें घोल को गोल आकार में डालते हुए दोनों तरफ से सुनहरा होने तक पकाएं।
चाशनी में डुबोना और जरूरी सावधानियां
स्टेप 4 के तहत जैसे ही जलेबी दोनों तरफ से सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, उसे निकालकर तुरंत हल्की गर्म चाशनी में डाल दें। जलेबी को कुछ देर चाशनी के अंदर ही रहने दें ताकि मिठास अंदर तक अच्छी तरह समा जाए और वह रसीली बन जाए। इस दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जैसे कि घोल न तो बहुत ज्यादा पतला होना चाहिए और न ही अत्यधिक गाढ़ा। चाशनी हल्की गर्म होनी चाहिए ताकि जलेबी उसमें जाते ही मिठास को अच्छी तरह सोख ले। तली हुई गरम जलेबी को चाशनी में डालने में बिल्कुल भी देर न करें और इसे गर्मागर्म ही परोसें ताकि इसका असली कुरकुरापन और शानदार स्वाद लंबे समय तक बरकरार रहे।


















