फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर में क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा का किरदार निभाने वाले अभिनेता और निर्माता जय पटेल ने अब संगीत की दुनिया में एक नया सफर शुरू किया है। उन्होंने अपने नए स्वतंत्र म्यूजिक लेबल ब्लू जे म्यूजिक की आधिकारिक शुरुआत की है। इस संगीत वेंचर का आगाज गणेश उत्सव के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की विशेष आरती जारी करके किया गया है। इस पहली प्रस्तुति को भजन गायक अनूप जलोटा ने अपनी सुरीली आवाज दी है, जबकि इसके बोल लिखने और संगीत तैयार करने का काम अभिषेक दुधैया ने संभाला है।
भारतीय भक्ति संगीत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की योजना
जय पटेल के अनुसार, भारत की पहचान पूरी दुनिया में उसकी समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक जड़ों के लिए है। उनका लक्ष्य देश की इस अनमोल संगीत धरोहर को केवल घरेलू सीमाओं तक सीमित न रखकर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच भी मजबूती से पेश करना है। नए लेबल ब्लू जे म्यूजिक का मूल उद्देश्य भारतीय भक्ति गीतों और मंत्रों को उनके पारंपरिक स्वरूप और शुद्धता के साथ वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। इसी विचार को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने अपने संगीत सफर की शुरुआत किसी सामान्य व्यावसायिक ट्रैक के बजाय एक पारंपरिक भक्ति रचना के साथ करने का फैसला लिया।
भजन सम्राट अनूप जलोटा से जुड़ने की वजह
अपने पहले संगीत प्रोजेक्ट को आकार देने के लिए जय पटेल की प्राथमिकता एक ऐसे गायक की तलाश थी जो भक्ति भाव की गहराइयों को भली भांति समझता हो। न्यूयॉर्क से भारत लौटने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इस विजन के लिए अनूप जलोटा से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। जय पटेल ने स्पष्ट किया कि अनूप जलोटा की आवाज का प्रभाव और शास्त्रीय भक्ति संगीत पर उनकी पकड़ अतुलनीय है। इस जुड़ाव को लेकर अनूप जलोटा ने भी उत्साह व्यक्त किया और माना कि भारतीय आध्यात्मिक विरासत को दुनिया भर के संगीत प्रेमियों तक ले जाने की यह पहल बेहद प्रेरणादायक है।
भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप से जुड़ा है लेबल का नाम
इस नए संगीत मंच का नामकरण भी धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था से प्रेरित है। ब्लू जे म्यूजिक का नाम भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप को ध्यान में रखकर तय किया गया है, जिसे साहस, अटूट भक्ति और असीम अनुकंपा का प्रतीक माना जाता है। विघ्नहर्ता श्री गणेश की आरती के साथ अपनी औपचारिक शुरुआत करने के बाद, यह म्यूजिक लेबल आने वाले समय में वैश्विक श्रोताओं के लिए पारंपरिक भजनों, आरतियों और वैदिक मंत्रों की एक पूरी श्रृंखला प्रस्तुत करने की तैयारी में है।

















