महीनों की अनिश्चितता और देरी के बाद सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म मातृभूमि सिनेमाघरों तक पहुंचने के एक कदम और करीब आ गई है। शुरुआती योजना के तहत इस वॉर ड्रामा को अप्रैल में रिलीज किया जाना था, लेकिन आवश्यक मंजूरियों और परिस्थितियों के कारण योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। अब निर्माताओं ने इसे नवंबर में दर्शकों के सामने लाने की तैयारी की है, हालांकि इसके लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से आधिकारिक प्रमाणन प्राप्त करना अभी बाकी है। हाल ही में इस संशोधित संस्करण को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया गया है।
मंत्रालय की मंजूरी और कहानी में किए गए बदलाव
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी फिल्म के नए और संशोधित कट से पूरी तरह संतुष्ट हैं। पिछले हफ्ते परियोजना को अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद इसे सार्वजनिक प्रदर्शन की दिशा में बड़ी राहत मानी जा रही है। इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने मूल पटकथा के कुछ संवेदनशील हिस्सों को लेकर चिंता जताई थी। इन आपत्तियों के समाधान के लिए फिल्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। संशोधित संस्करण में भारत और चीन के संबंधों को अधिक संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है।
अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म का प्रारंभिक शीर्षक बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। यह पूरी कहानी साल 2020 में गलवान घाटी के अंदर भारतीय और चीनी सैनिकों के मध्य हुई वास्तविक सैन्य झड़प की पृष्ठभूमि पर आधारित है। अप्रैल की मूल रिलीज टलने के बाद निर्माताओं ने स्वतंत्रता दिवस के सप्ताहांत सहित कई अन्य संभावित तारीखों पर विचार किया था, लेकिन उन अवसरों पर भी फिल्म सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई थी।
13 नवंबर 2026 की संभावित रिलीज योजना
सलमान खान फिल्म्स ने जुलाई के दौरान उन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया था जिनमें सेंसर बोर्ड से जुड़े विवादों की बात कही जा रही थी। प्रोडक्शन हाउस ने तब स्पष्ट किया था कि उस समय तक फिल्म को प्रमाणन के लिए बोर्ड के समक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत ही नहीं किया गया था। यद्यपि सरकारी स्तर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलना एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन सिनेमाघरों में प्रदर्शन के लिए सेंसर बोर्ड की औपचारिक अनुमति अनिवार्य है।
वर्तमान में निर्माता इस वॉर ड्रामा को 13 नवंबर 2026 को रिलीज करने की योजना पर काम कर रहे हैं। यह समय दिवाली के ठीक एक सप्ताह बाद का बनता है। हालांकि निर्माताओं की ओर से इस तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है, जिससे अंतिम मुहर सेंसर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लगेगी।
सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग टलने और बॉक्स ऑफिस का गणित
फिल्म की शीघ्र स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सलमान खान ने व्यक्तिगत रूप से कई बार दिल्ली की यात्रा की। निर्माताओं ने अक्टूबर की शुरुआत में ही विधिवत प्रमाणन के लिए आवेदन जमा कर दिया था। इसके बावजूद 26 अक्टूबर के लिए निर्धारित की गई सेंसर बोर्ड की आधिकारिक स्क्रीनिंग किसी कारणवश आयोजित नहीं हो सकी। सलमान खान ने सरकारी निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक संशोधन पहले ही कर दिए हैं और वे किसी तरह की विशेष छूट की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी प्राथमिकता केवल यह है कि बोर्ड जल्द से जल्द फिल्म की समीक्षा पूरी कर ले ताकि रिलीज कार्यक्रम में और विलंब न हो।
यदि मातृभूमि 13 नवंबर को सिनेमाघरों में उतरती है, तो इसका सीधा असर बॉक्स ऑफिस के पूरे कैलेंडर पर पड़ेगा। यह रिलीज रणबीर कपूर की रामायण के ठीक एक हफ्ते बाद होगी। इसके साथ ही यह फिल्म सूरज बड़जात्या द्वारा निर्देशित ये प्रेम मोल लिया (27 नवंबर) और श्रद्धा कपूर की ईथा (4 दिसंबर) की रिलीज से पहले बड़े पर्दे पर अपनी जगह बना लेगी।



















