फिल्म निर्माता अमित जानी एक बार फिर विवादों और धमकियों के केंद्र में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी आगामी फिल्म 'काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। हाल ही में उन्हें एक अनजान नंबर से धमकी भरा कॉल और ऑडियो मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें उन्हें फिल्म निर्माण का काम तुरंत रोकने की चेतावनी दी गई है। अमित जानी ने इन धमकियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।
पुलिस में शिकायत और कार्रवाई
धमकी मिलने के तुरंत बाद अमित जानी ने डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। उन्होंने रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में इस घटना के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानी ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी इस पूरे प्रकरण से अवगत कराने का निर्णय लिया है ताकि धमकियों के पीछे छिपे वास्तविक दोषियों का पता लगाया जा सके।
पुराना है धमकियों का सिलसिला
यह पहली बार नहीं है जब निर्माता को ऐसी धमकियों का सामना करना पड़ा है। अमित जानी के अनुसार, इससे पहले जब वे किसी काम के सिलसिले में मध्य प्रदेश के दतिया गए थे, तब भी उन्हें निशाना बनाया गया था। उस समय उन्हें न केवल ऑडियो मैसेज भेजे गए, बल्कि हथियारों से संबंधित वीडियो दिखाकर भी डराने का प्रयास किया गया था। उन घटनाओं के दौरान भी उन्होंने कानून की मदद ली थी और शिकायत दर्ज कराई थी।
समझौते का दबाव और इरादे
अमित जानी का आरोप है कि उन्हें कुछ लोगों की ओर से फिल्म को लेकर समझौता करने का भारी दबाव डाला जा रहा है। हालांकि, फिल्म निर्माता ने स्पष्ट किया है कि वे इन धमकियों से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि वे इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि इन धमकियों को कौन दे रहा है और इसके पीछे की साजिश क्या है। उन्होंने कहा कि अगर कोई और व्यक्ति भी पर्दे के पीछे से इस खेल में शामिल है, तो उसका नाम भी सामने आना चाहिए।
सुरक्षा पर गहरी चिंता
अमित जानी ने अपने परिवार के साथ-साथ फिल्म से जुड़ी पूरी टीम की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके परिवार के सदस्यों, फिल्म के निर्देशक, सह-निर्माताओं या क्रू के किसी भी सदस्य को भविष्य में कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी उन लोगों की होगी जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। वे इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह अडिग हैं और कानूनी रास्ते से मामले को अंजाम तक ले जाने की बात कह रहे हैं।











