फिल्म जगत के जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर अक्सर अपने फैंस के साथ पुरानी यादों के पन्ने साझा करते रहते हैं। इस बार उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए अपने बचपन और परिवार से जुड़ी एक बहुत पुरानी तस्वीर पोस्ट की है। यह तस्वीर लगभग 55 साल पुरानी बताई जा रही है और इसे शिमला की खूबसूरत वादियों में क्लिक किया गया था। इस दुर्लभ फ्रेम में अभिनेता अपने पिता, मां, भाई और अपने चाचाओं के साथ नजर आ रहे हैं, जिसे देखकर उनके मन में पुरानी यादें ताजा हो गईं।
शिमला के दिनों का वह पारिवारिक फ्रेम
इस पुरानी श्वेत-श्याम तस्वीर में अभिनेता के पिता पुष्कर नाथ खेर, उनकी माता दुलारी खेर, उनके भाई राजू खेर के अलावा उनके पिता के भाई पंडित बृजनाथ खेर और प्यारे लाल खेर भी साथ बैठे और खड़े दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में पूरा परिवार बेहद सलीके से तैयार होकर कैमरे के सामने पोज़ देते हुए नजर आ रहा है। इस पोस्ट के साथ अभिनेता ने एक भावुक नोट भी लिखा है, जिसमें उन्होंने उस दौर की यादों को बहुत ही खूबसूरती से बयां किया है जब तस्वीरें खींचना कोई आम बात नहीं हुआ करती थी।
जब फोटो खिंचवाना होता था एक बड़ा उत्सव
तस्वीर के साथ अपनी भावनाओं को साझा करते हुए अनुपम खेर ने लिखा कि एक ऐसा समय हुआ करता था जब परिवार के सभी सदस्यों के साथ एक फ्रेम में कैद होना किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था। उस जमाने में आज की तरह न तो हाथ में स्मार्टफोन होते थे और न ही डिजिटल कैमरों से एक साथ सैकड़ों शॉट लेने की सुविधा हुआ करती थी। लोग एक ही तस्वीर के लिए खासे उत्साहित रहते थे। उस दौर में तस्वीर खराब न हो, इसके लिए सभी लोग खास और अच्छे कपड़े पहनते थे, अपने बाल ठीक से संवारते थे और फिर सब एक जगह एकत्रित होकर कैमरे के सामने खड़े होते थे। रील्स वाली उस पुरानी फिल्म के हर एक शॉट की अपनी एक खास कीमत हुआ करती थी, और शायद यही वजह है कि उन पुरानी तस्वीरों में आज भी रिश्तों की असली गर्माहट साफ महसूस की जा सकती है।
बदलता वक्त और पुरानी यादों की गर्माहट
उन्होंने आगे लिखा कि उस दौर का कैमरा केवल इंसानों के चेहरे ही नहीं बल्कि उनके बीच के आपसी प्यार को भी बहुत खूबसूरती से समेट लेता था। हालांकि यह मूल तस्वीर ब्लैक एंड व्हाइट थी, लेकिन बाद में इसे बहुत प्यार के साथ रंगीन रूप दिया गया। इस फ्रेम में वह खुद और उनके भाई दोनों ही अपने पूरे बालों के साथ नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को क्लिक हुए लगभग 55 साल बीत चुके हैं। इन दशकों में परिवार के लोगों के चेहरे बदल गए, उम्र का पड़ाव आगे बढ़ा और कई लोगों के सिर से बाल भी कम हो गए, लेकिन अपनों के बीच का वह बेइंतहा प्यार आज भी पूरी तरह बरकरार है। जब कभी भी घर में पुरानी फैमिली एल्बम खोली जाती है, तो ऐसा लगता है कि मानो हम केवल कागज के टुकड़े नहीं बल्कि उस बीते हुए वक्त को जी रहे हैं जब परिवार के साथ वक्त बिताना ही जीवन की सबसे बड़ी खुशी हुआ करती थी।
आज के डिजिटल दौर और बीते कल का अंतर
मौजूदा समय और उस पुराने दौर के बीच के फर्क को महसूस करते हुए अभिनेता ने लिखा कि आज के इस आधुनिक समय में लोग एक ही पल की दर्जनों तस्वीरें खींच लेते हैं, पसंद न आने पर उन्हें तुरंत डिलीट कर दोबारा क्लिक करते हैं और फिर विभिन्न प्रकार के फिल्टर लगाकर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते हैं। इसके विपरीत, उस पुराने जमाने में एक सिंगल तस्वीर के लिए पूरा परिवार हफ्तों की योजना बनाकर एक जगह जमा होता था और फिर उसी एक अमूल्य तस्वीर को संभालकर बरसों-बरस रखा जाता था। यही कारण है कि पुरानी तस्वीरों से जुड़ी यादें आज भी लोगों के दिलों को सीधे छू जाती हैं। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा कि समय के साथ तस्वीरें भले ही पुरानी और धुंधली हो जाएं, लेकिन दिलों और रिश्तों में मौजूद प्यार कभी पुराना नहीं पड़ना चाहिए। ज्ञात हो कि अनुपम खेर के पिता पुष्करनाथ खेर का निधन 10 फरवरी 2012 को मुंबई में 84 वर्ष की आयु में हुआ था, जो कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।



















