ब्रिटेन के सरे स्थित हॉलमार्क लेकव्यू केयर होम में खुशियों का माहौल था, जब वहां की निवासी एथेल कैटरहम ने अपने जीवन का 117वां जन्मदिन मनाया। अपने करीबियों और परिजनों के बीच इस मील के पत्थर तक पहुंचने वाली एथेल वर्तमान समय में दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित व्यक्ति हैं। उनकी यह जीवन यात्रा महज सालों की गिनती नहीं है, बल्कि एक सदी से भी अधिक समय के इतिहास, दुनिया में आए व्यापक बदलावों, निजी संघर्षों और अदम्य इच्छाशक्ति की एक अनूठी कहानी है। 117 वर्ष की पड़ाव तक पहुंचने वाली वह ब्रिटेन की पहली महिला भी बन गई हैं।
117वां जन्मदिन और दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित महिला बनने का सफर
एथेल कैटरहम को दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित व्यक्ति का आधिकारिक दर्जा तब मिला, जब अप्रैल 2025 में ब्राजील की नन सिस्टर इनाह कैनाबारो लुकास का निधन हो गया। सिस्टर इनाह के जाने के बाद एथेल इस वैश्विक सूची में शीर्ष पर आ गईं। सरे के हॉलमार्क लेकव्यू केयर होम में आयोजित जन्मदिन समारोह में उनके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और केयर होम के कर्मचारी एकत्रित हुए। 117 साल पूरा करने पर वह इस आयु वर्ग तक पहुंचने वाली इतिहास की पहली ब्रिटिश महिला बन गई हैं, जिससे उनकी इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ जाता है।
इतिहास की साक्षी: टाइटैनिक से लेकर एआई के दौर तक का सफर
एथेल कैटरहम का जन्म उस दौर में हुआ था जब आधुनिक दुनिया की परिकल्पना भी शुरुआती चरण में थी। उनका जन्म मशहूर टाइटैनिक जहाज के डूबने के भीषण हादसे से लगभग तीन साल पहले हुआ था। इसके अलावा, वर्ष 1917 की रूसी क्रांति से भी कई वर्ष पूर्व वह इस दुनिया में कदम रख चुकी थीं। अपने 117 वर्षों के लंबे जीवनकाल में उन्होंने दुनिया को पूरी तरह बदलते देखा है। उन्होंने उस युग को देखा है जब सड़कों पर घोड़ा गाड़ियां चलती थीं और आज के दौर में इंटरनेट, स्मार्ट तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यापक प्रसार को भी अपनी आंखों से महसूस किया है। दो विश्व युद्धों का संकट हो या ब्रिटिश साम्राज्य का सामाजिक रूपांतरण, एथेल इन तमाम घटनाओं की प्रत्यक्षदर्शी रही हैं।
भारत में बीता समय और सेना अधिकारी से शादी
एथेल कैटरहम के जीवन की यात्रा का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहलू भारत से भी जुड़ा हुआ है। जब वह एक किशोरावस्था में थीं, तब वर्ष 1927 में वह भारत आई थीं। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था। भारत में रहने के दौरान उन्होंने एक ब्रिटिश सैन्य परिवार के साथ ऑ पेयर के रूप में काम संभाला था। भारत में बिताए गए उस दौर के अनुभव उनके शुरुआती जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ गए और बाद के वर्षों में भी वह अक्सर अपने भारत प्रवास की यादों को साझा करती रही हैं।
भारत में रहने के बाद उनकी मुलाकात नॉर्मन कैटरहम से हुई, जो ब्रिटिश सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत थे। दोनों की पहली मुलाकात एक औपचारिक डिनर पार्टी के दौरान हुई थी। समय के साथ उनका रिश्ता प्रगाढ़ हुआ और बाद में उन्होंने विवाह कर लिया।
हांगकांग में नर्सरी स्कूल की शुरुआत और सक्रिय जीवन
शादी के बंधन में बंधने के बाद एथेल कैटरहम और उनके पति नॉर्मन कैटरहम को अपने काम के सिलसिले में हांगकांग में समय बिताना पड़ा। हांगकांग प्रवास के दौरान एथेल केवल एक गृहिणी के रूप में सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने अपनी सक्रिय सोच का परिचय देते हुए वहां एक नर्सरी स्कूल की स्थापना की। बच्चों को शिक्षित करने और समाज में अपना योगदान देने की उनकी यह पहल दर्शाती है कि वह जीवन भर सामाजिक रूप से सजग और सक्रिय रहने वाली महिला रही हैं।
110 की उम्र में कोरोना को दी मात और पारिवारिक विरासत
एथेल कैटरहम के स्वास्थ्य और जुझारूपन की सबसे असाधारण मिसाल वर्ष 2020 में सामने आई। जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी की चपेट में थी, तब 110 वर्ष की आयु में एथेल भी कोविड से संक्रमित हो गई थीं। अत्यधिक बुजुर्ग होने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी मजबूत प्रतिरोधक क्षमता और सकारात्मकता के बल पर इस घातक संक्रमण को पूरी तरह हरा दिया। 110 की उम्र में कोविड-19 पर विजय पाना चिकित्सा जगत और सामान्य लोगों के लिए एक बड़े आश्चर्य जैसा था।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो वर्ष 1976 में उनके पति लेफ्टिनेंट कर्नल नॉर्मन कैटरहम का निधन हो गया था। बाद के वर्षों में उनकी दो बेटियों का भी देहांत हो चुका है। इसके बावजूद उनका परिवार आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ा है। वर्तमान में उनकी तीन पोतियां और पांच परपोते हैं, जो उनके 117वें जन्मदिन के अवसर पर उनके साथ खुशियां बांटने पहुंचे थे।
मानव इतिहास के सबसे लंबे जीवन के रिकॉर्ड
यद्यपि एथेल कैटरहम वर्तमान में जीवित व्यक्तियों में सबसे अधिक उम्र की महिला हैं, लेकिन मानव इतिहास में आधिकारिक तौर पर दर्ज सबसे लंबी उम्र का रिकॉर्ड अभी भी फ्रांस की जीन कैलमेंट के नाम है। जीन कैलमेंट का निधन वर्ष 1997 में 122 वर्ष और 164 दिन की आयु में हुआ था। एथेल इस सर्वकालिक रिकॉर्ड से अभी कुछ वर्ष पीछे हैं, परंतु 117 वर्ष की आयु तक पूरी तरह स्वस्थ और सकारात्मक बने रहना अपने आप में एक अद्भुत मानवीय उपलब्धि है।



















