फिल्म जगत में अपनी भव्य और शानदार कहानियों के लिए मशहूर एसएस राजामौली जब भी पर्दे पर कोई नई पेशकश लाते हैं, तो पूरी दुनिया में उसका डंका बज जाता है। ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’ और ‘मगधीरा’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों से सिनेमा की दुनिया में अपनी एक अलग और अनूठी पहचान बनाने वाले यह मशहूर निर्देशक इन दिनों अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर काफी सुर्खियों में हैं, जिसमें उनके साथ महेश बाबू नजर आने वाले हैं। लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि बड़े परदे पर अद्भुत और विशाल दुनिया रचने वाले राजामौली की अपनी असल जिंदगी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी ड्रामे से जरा भी कम नहीं है? आखिर कैसे इस शर्मीले निर्देशक के दिल में प्यार ने दस्तक दी, किसने उनके जीवन में एक बेहद खास जगह बनाई और क्या उन्होंने अपनी जिंदगी के दूसरे पड़ाव यानी रिटायरमेंट के बाद के लिए कोई योजना बना रखी है, इन सभी सवालों के जवाब बेहद दिलचस्प हैं।
सफलता के पीछे का मजबूत सहारा
एसएस राजामौली की फिल्मों के विजन और उनकी धमाकेदार कामयाबी का जादू पूरी दुनिया के दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। हालांकि, उनकी इस बेमिसाल सफलता के पीछे एक ऐसा मजबूत शख्स भी है जो हर उतार-चढ़ाव और हर कदम पर उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा है। हम बात कर रहे हैं उनकी जीवनसंगिनी रमा राजामौली की, जिन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी इस अनूठी लव स्टोरी, शादीशुदा जीवन और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाहुबली’ से जुड़े कई दिलचस्प और अनसुने किस्से दुनिया के सामने साझा किए थे। उन्होंने यह भी खुलकर बताया था कि कैसे एक बेहद साधारण सी मुलाकात आगे चलकर प्यार के खूबसूरत रिश्ते में बदल गई थी और दोनों ने जीवनभर का साथ निभाने का फैसला किया था।
परिवार के जरिए हुई थी पहली मुलाकात
रमा राजामौली और एसएस राजामौली की मुलाकात किसी फिल्मी सेट पर काम करने के दौरान नहीं हुई थी, बल्कि दोनों का मिलना-जुलना पारिवारिक रिश्तों और मेल-जोल के जरिए शुरू हुआ था। दरअसल, रमा की बहन वल्ली की शादी राजामौली के भाई और जाने-माने संगीतकार एमएम कीरवाणी के साथ हुई थी। इसी पारिवारिक रिश्ते के कारण दोनों के घरों में आना-जाना लगा रहता था और इसी बहाने दोनों की अक्सर मुलाकातें होने लगी थीं। उस वक्त के हालातों की बात करें तो रमा की पहली शादी हो चुकी थी, लेकिन वह अपने पहले पति से कानूनी रूप से अलग होने यानी तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दे चुकी थीं और मामला प्रक्रिया में था।
जब पहली बार ठुकरा दिया था प्रपोजल
जब एसएस राजामौली ने रमा को अपने प्यार का इजहार करते हुए शादी के लिए प्रपोज किया था, तब उन्होंने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। इस बात का खुद रमा ने साल 2024 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री ‘मॉडर्न मास्टर्स: एसएस राजामौली’ में खुलकर खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि चूंकि वह पहले से तलाकशुदा थीं और उनका एक बेटा भी था, इसलिए उन्हें लगा कि उन्हें इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करना चाहिए। यही वजह थी कि उन्होंने शुरुआत में एसएस राजामौली के शादी के उस प्रपोजल को ठुकरा दिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और आगे की राहें अलग तरह से तय होनी थीं।
लगातार कोशिशों से पिघला दिल
हालांकि, एसएस राजामौली ने हार नहीं मानी और वह लगातार कोशिश करते रहे, जिसके चलते आखिरकार रमा का दिल पिघल ही गया। इस बीच, रमा को अपने पहले पति से तलाक के बाद अपने बेटे कार्तिकेय की कस्टडी भी कानूनी तौर पर मिल चुकी थी। जैसे-जैसे वक्त बीता, दोनों ने एक-दूसरे को बहुत गहराई से समझना शुरू कर दिया और तब उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि वे अपनी बाकी की जिंदगी एक साथ बिता सकते हैं। ‘शांति निवासम’ सीरियल की शूटिंग के दौरान उनका यह रिश्ता और अधिक गहरा होता चला गया। इसके बाद फिल्म ‘स्टूडेंट नंबर 1’ के निर्माण के समय तक दोनों के बीच का यह आपसी जुड़ाव और भी ज्यादा साफ तौर पर सामने आ गया था।
स्वभाव और आपसी तालमेल का राज
रमा ने बातचीत के दौरान एसएस राजामौली के असली स्वभाव के बारे में भी कई बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि राजामौली स्वभाव से थोड़े शर्मीले किस्म के इंसान हैं, लेकिन अपने काम और पेशे को लेकर वह हद दर्जे तक समर्पित रहते हैं। उनके लिए उनका परिवार भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी उनकी कला और फिल्में। रमा ने यह भी बताया कि उन दोनों की सोच लगभग 99 प्रतिशत मामलों में एक जैसी ही रहती है, जो उनके मजबूत रिश्ते की नींव है। पेशेवर फैसलों को लेकर कभी-कभी उनके बीच हल्की-फुल्की चर्चा या बहस जरूर हो जाती है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में उनके बीच कभी भी कोई बड़े मतभेद देखने को नहीं मिलते हैं।
‘बाहुबली’ के सेट से जुड़े अनूठे किस्से
रमा ने अपनी बातचीत के दौरान ऐतिहासिक फिल्म ‘बाहुबली’ की मेकिंग के दिनों के कुछ बेहद मजेदार और रोचक किस्से भी साझा किए। उन्होंने खुलासा किया कि फिल्म में प्रभास यानी अमरेन्द्र बाहुबली के माथे पर जो अर्धचंद्रकार तिलक लगाया गया था और राणा दग्गुबाती यानी भल्लालदेव के माथे पर उनके क्रूर और खतरनाक स्वभाव को दर्शाने वाला जो खास तिलक था, उसका आइडिया उन्होंने ही एसएस राजामौली को सुझाया था। हालांकि, चूंकि उन्हें खुद ड्राइंग करना नहीं आता था, इसलिए डिजाइनर ‘प्रशांत’ ने उनके उन विचारों को एक शानदार और जीवंत रूप प्रदान किया था। इसके अलावा, देवसेना का किरदार निभाने वाली अनुष्का शेट्टी के माथे के तिलक का डिजाइन पूरी तरह से डिजाइनर प्रशांत का अपना ही अनोखा आइडिया था। उन्होंने यह भी बताया कि कलाकारों के चेहरों के हिसाब से बिल्कुल सही डिजाइन चुनने के लिए लगभग 10 अलग-अलग तरह के डिजाइनों पर काफी मेहनत से काम किया गया था।
रिटायरमेंट के बाद की खास प्लानिंग
अपनी निजी जिंदगी के बारे में आगे बात करते हुए रमा ने बताया कि फिल्मों और व्यस्तता के अलावा इस कपल को पूरी दुनिया घूमने का बेहद शौक है। वे अक्सर इस बात पर लंबी चर्चा करते रहते हैं कि जब राजामौली अपनी फिल्मों के निर्देशन से पूरी तरह रिटायरमेंट ले लेंगे, तब वे दुनिया के कौन-कौन से देशों की यात्रा पर निकलेंगे। उन्होंने इसके लिए एक बहुत ही प्यारा प्लान भी सोच रखा है कि वे जिस भी देश की यात्रा पर जाएंगे, वहां की करेंसी यानी मुद्रा को यादगार के तौर पर इकट्ठा करेंगे और उसे एक खूबसूरत फ्रेम में सजाकर अपने घर में रखेंगे।
‘वाराणसी’ को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज
फिलहाल, एसएस राजामौली सुपरस्टार महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा के साथ अपनी आगामी और बेहद चर्चित फिल्म एसएसएमबी 29 यानी ‘वाराणसी’ की तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। वैश्विक स्तर यानी ग्लोबल लेवल पर बड़े पैमाने पर बनाई जा रही इस महत्वाकांक्षी फिल्म को लेकर देशभर के तमाम दर्शकों और फैंस के बीच अभी से ही जबरदस्त क्रेज और उत्साह देखने को मिल रहा है।






















