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झुंझुनू के 45 परीक्षार्थियों को एकसाथ नकल कराने की साजिश पुलिस ने की नाकाम, कॉलेज संचालक सहित चार पकड़ेपरीक्षा
29 जून 2026, 10:12 pm (46 दिन पहले)· 3

झुंझुनू के 45 परीक्षार्थियों को एकसाथ नकल कराने की साजिश पुलिस ने की नाकाम, कॉलेज संचालक सहित चार पकड़े

पैरामेडिकल परीक्षा में झुंझुनू जिले के करीब 45 अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से नकल कराने की साजिश को जयपुर ग्रामीण पुलिस ने विफल कर दिया। प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक डॉ. देवकृष्ण मंडीवाल सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले में पुलिस ने पैरामेडिकल परीक्षा के दौरान एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। खोरा बीसल थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई ने परीक्षा तंत्र में व्याप्त अनियमितताओं को एक बार फिर बेनकाब किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग कॉलेजों से जुड़े चार संदिग्धों को धर दबोचा है।

प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज बना साजिश का अड्डा

जांच में खुलासा हुआ कि नकल कराने की यह पूरी कवायद प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र से संचालित होने वाली थी। गिरोह के सदस्यों ने परीक्षा कक्ष के भीतर और बाहरी परिसर दोनों जगहों पर अपने लोग तैनात कर रखे थे, ताकि परीक्षार्थियों तक बिना किसी रुकावट के नकल सामग्री पहुंचाई जा सके। केंद्र पर संदिग्ध हलचल की सूचना मिलते ही पुलिस ने चौकसी बढ़ाई और दबिश देकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

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झुंझुनू के 45 परीक्षार्थियों को एकसाथ पास कराने की थी योजना

इस पूरी साजिश का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि झुंझुनू जिले के एक कॉलेज में पढ़ने वाले करीब 45 परीक्षार्थियों को एकसाथ नकल की सुविधा दिलाने का पूरा बंदोबस्त किया गया था। गिरोह ने इसके लिए एक सुनियोजित ढांचा खड़ा किया था जिसमें हर पहलू को पहले से सोच-समझकर तैयार किया गया था। पुलिस की सक्रियता और सही वक्त पर मिली जानकारी के चलते यह षड्यंत्र आखिरकार परवान नहीं चढ़ सका।

कॉलेज संचालक सहित चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस पूरे मामले में प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक डॉ. देवकृष्ण मंडीवाल को भी हिरासत में लिया है। कुल चार गिरफ्तार आरोपी दो अलग-अलग कॉलेजों से संबंधित बताए जा रहे हैं। सभी से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह का पूरा नेटवर्क सामने आ सके और यह पता चल सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।

शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों सतर्क

खोरा बीसल थाना पुलिस ने दो-टूक कहा है कि परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के तत्काल बाद प्रशासन ने जिले के तमाम परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और अधिक कड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने की तैयारी में है। पुलिस यह भी तलाश कर रही है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई और बड़ा तंत्र काम कर रहा था।

सवाल-जवाब

यह नकल कांड किस परीक्षा से जुड़ा था?
यह कांड पैरामेडिकल परीक्षा से जुड़ा था, जो जयपुर ग्रामीण जिले के खोरा बीसल थाना क्षेत्र में आयोजित की गई थी।
कितने अभ्यर्थियों को नकल कराने की साजिश थी?
झुंझुनू जिले के एक कॉलेज से जुड़े करीब 45 परीक्षार्थियों को सामूहिक रूप से नकल कराने की योजना बनाई गई थी।
इस मामले में कुल कितने लोग गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार होने वालों में सबसे प्रमुख कौन है?
प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक डॉ. देवकृष्ण मंडीवाल इस मामले के प्रमुख गिरफ्तार आरोपी हैं।
साजिश किस परीक्षा केंद्र पर रची गई थी?
यह साजिश प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर रची गई थी।
पुलिस को इस साजिश का पता कैसे चला?
परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और दबिश देकर पूरी साजिश का भंडाफोड़ किया।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
सभी चार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं।
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