क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख डिजिटल एसेट्स एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। बिटकॉइन 63,300 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहा है, जबकि एथेरियम और एक्सआरपी (रिपल) तकनीकी संकेतकों के आधार पर दिशात्मक चाल की तैयारी करते दिख रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितता और तकनीकी संकेतकों के मिले-जुले रुख के कारण निवेशक किसी भी स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं।
बिटकॉइन का टेक्निकल आउटलुक और प्रमुख प्राइस लेवल
बिटकॉइन का कारोबार फिलहाल 63,310 डॉलर के आसपास हो रहा है। पिछले कुछ दिनों की बिकवाली के बाद यह डिजिटल एसेट 63,000 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन पर टिका हुआ है। तकनीकी चार्ट पर 23.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 62,586 डॉलर पर स्थित है, जो पहला मजबूत आधार प्रदान करता है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह 62,300 डॉलर के निचले फ्लोर को तोड़ता है, तो प्राइस एक्शन 57,800 डॉलर के व्यापक साइकिल लो की ओर बढ़ सकता है।
शॉर्ट से मीडियम टर्म में बिटकॉइन एक हॉरिजॉन्टल ट्रेंड चैनल के भीतर ट्रेड कर रहा है। चार्ट पर एक इनवर्स हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न बनता दिखाई दे रहा है। यदि बिटकॉइन 66,252 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल को वॉल्यूम के साथ पार करने में कामयाब होता है, तो इसमें एक नई तेजी देखने को मिल सकती है। तकनीकी इंडिकेटर्स में 14-दिवसीय आरएसआई 45 के आसपास स्थिर है, जो कमजोर मोमेंटम का संकेत देता है। इसके अलावा मैकडी लाइन -77.51 पर बनी हुई है, जो बाजार पर अभी भी बने हुए डाउनसाइड दबाव को दर्शाती है। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) क्रमशः 64,466 डॉलर और 73,179 डॉलर पर हैं, जिससे लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी सतर्क रुख अपनाने की सलाह देता है।
एथेरियम का प्राइस एनालिसिस: ब्रेकआउट की संभावना
एथेरियम का भाव 1,890 डॉलर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। जुलाई के मध्य से एथेरियम एक निश्चित दायरे में कारोबार कर रहा है। यह 50-दिवसीय EMA (1,865 डॉलर) के ऊपर टिकने में सफल रहा है, लेकिन 100-दिवसीय EMA (1,922 डॉलर) के ठीक नीचे अटका हुआ है। इससे एथेरियम का नियर-टर्म आउटलुक हल्का पॉजिटिव बना हुआ है।
उपर की तरफ पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 100-दिवसीय EMA 1,922 डॉलर पर है। इसके बाद 2,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर और 200-दिवसीय EMA (2,123 डॉलर) एक मजबूत सप्लाई जोन के रूप में काम करेंगे। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट 50-दिवसीय EMA 1,865 डॉलर पर है। यदि यह लेवल टूटता है, तो एथेरियम के लिए अगला मुख्य स्ट्रक्चरल फ्लोर 1,385 डॉलर पर देखा जा सकता है, जहां खरीदार आक्रामक रूप से एंट्री ले सकते हैं। आरएसआई 52 के पास होने से बैलेंस्ड मोमेंटम का पता चलता है, लेकिन मैकडी का शून्य से नीचे रहना यह बताता है कि तेजी की कोशिशों के बावजूद नीचे का दबाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
एक्सआरपी में रिकवरी के संकेत पर मंदी का दबाव बरकरार
एक्सआरपी (रिपल) 1.000 डॉलर के मुख्य सपोर्ट लेवल से बाउंस करके 1.013 डॉलर के स्तर पर पहुंचा है। हालांकि इस मामूली रिकवरी के बावजूद एक्सआरपी का ओवरऑल ट्रेंड बियरिश बना हुआ है। टोकन जुलाई के उच्च स्तर 1.18 डॉलर से लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है, जो निवेशकों की घटती दिलचस्पी और कैटलिस्ट्स की कमी को दर्शाता है।
एक्सआरपी के लिए 50-दिवसीय EMA 1.087 डॉलर, 100-दिवसीय EMA 1.169 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 1.362 डॉलर पर स्थित हैं। इन सभी प्रमुख मूविंग एवरेज का मौजूदा कीमत से ऊपर होना तेजी की संभावनाओं को सीमित करता है। आरएसआई 38 के आसपास होने और मैकडी के नकारात्मक बने रहने से साफ है कि बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। यदि खरीदार मोमेंटम हासिल करते हैं, तो एक्सआरपी के लिए 1.087 डॉलर, 1.169 डॉलर और 1.300 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल पार करना अनिवार्य होगा।
हाइपरलिक्विड और अन्य अल्टरनेटिव एसेट्स का प्रदर्शन
हाइपरलिक्विड टोकन में सकारात्मक रुख देखा जा रहा है और यह 58.36 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय EMA की ओर बढ़ रहा है। संस्थागत मांग में मजबूती का मुख्य कारण हाइपरलिक्विड ट्रेजरी हाइपरियन डीफाई के फेयर वैल्यू में पिछली तिमाही के दौरान 31 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी होना है। संस्थागत इनफ्लो के चलते ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
क्रिप्टो बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य फंडामेंटल कारक
क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स के मूवमेंट को केवल तकनीकी संकेतक ही नहीं, बल्कि कई मुख्य फंडामेंटल कारक भी तय करते हैं
- टोकन लॉन्च और एक्सचेंज लिस्टिंग: जब कोई टोकन प्रमुख एक्सचेंजों पर लिस्ट होता है, तो उसकी लिक्विडिटी बढ़ती है और नए प्रतिभागी नेटवर्क से जुड़ते हैं। यह आम तौर पर एसेट के लिए बुलिश माना जाता है।
- डीफाई हैक्स और सिक्योरिटी ब्रीच: किसी भी एक्सचेंज या डीफाई ब्रिज से हैक के जरिए टोकन की चोरी होने पर हमलावर उन्हें बेचने का प्रयास करते हैं। इससे बाजार में पैनिक सेलिंग शुरू हो जाती है।
- मैक्रोइकोनॉमिक नीतियां और अमेरिकी फेडरल रिजर्व: फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों का सीधा असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ता है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे एसेट्स पर दबाव बनता है, जबकि दरों में कटौती से डॉलर कमजोर होता है और क्रिप्टो में तेजी आती है।
- बिटकॉइन हाल्विंग (Bitcoin Halving): हाल्विंग इवेंट से माइनर्स को मिलने वाला ब्लॉक रिवार्ड आधा रह जाता है, जिससे नई सप्लाई सीमित हो जाती है। स्थिर मांग के बीच सप्लाई घटने से लंबे समय में कीमतें बढ़ती हैं।


















