शरीर के अन्य अंगों की तुलना में अंडरआर्म्स की त्वचा का थोड़ा गहरा होना एक सामान्य बात है, लेकिन जब यह कालापन अत्यधिक दिखने लगे तो इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। बहुत से लोग इस जिद्दी कालेपन से निजात पाने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, फिर भी अक्सर कोई सकारात्मक परिणाम हासिल नहीं होता। डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर, एमबीबीएस, एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. आंचल पंथ के अनुसार, अंडरआर्म्स के काले होने के पीछे कई रोजाना की गलत आदतें और शारीरिक स्थितियां जिम्मेदार होती हैं। सही जानकारी और उचित स्किन केयर रूटीन अपनाकर ही इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
अंडरआर्म्स डार्क होने के मुख्य कारण
अंडरआर्म्स की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है और थोड़ी सी लापरवाही भी वहां पिगमेंटेशन बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों ने उन प्रमुख कारकों पर प्रकाश डाला है जो इस समस्या को जन्म देते हैं
- तंग कपड़े पहनना: लगातार बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से कपड़े और त्वचा के बीच लगातार घर्षण यानी फ्रिक्शन पैदा होता है। यह फ्रिक्शन त्वचा को उत्तेजित करता है, जिससे अंडरआर्म्स की रंगत धीरे-धीरे डार्क होने लगती है।
- एकांतोसिस निग्रिकन्स की समस्या: एकांथोसिस निग्रिकन्स एक ऐसी मेडिकल स्थिति है जिसमें बगल, गर्दन और जांघों के जोड़ की त्वचा मोटी और गहरी काली हो जाती है। डॉ. आंचल पंथ सलाह देती हैं कि यदि ऐसा लक्षण दिखे तो तुरंत अपने इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल की जांच करानी चाहिए। शरीर का वजन घटाने से इस स्थिति में काफी सुधार देखा जा सकता है।
- गरम वैक्सिंग का इस्तेमाल: अंडरआर्म्स के बाल हटाने के लिए हॉट वैक्स का इस्तेमाल करना त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। गरम वैक्स से त्वचा की ऊपरी परत जल या छिल सकती है, जिससे कालापन बढ़ता है और बाल त्वचा के अंदर ही उगने यानी इनग्रोन हेयर का खतरा रहता है।
- रिवर्स शेविंग की आदत: शेविंग करते समय बालों को पूरी तरह साफ करने के चक्कर में उल्टी दिशा में रेजर चलाना यानी रिवर्स शेविंग करना नुकसानदेह है। इससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है और बाल अंदर की तरफ उगने लगते हैं, जिससे कालापन और गहरा हो जाता है।
- डिओडोरेंट का अधिक प्रयोग: स्प्रे वाले डिओडोरेंट में मौजूद केमिकल्स और अल्कोहल त्वचा में इरिटेशन और कालापन बढ़ा सकते हैं। भारी डिओडोरेंट की जगह सौम्य रोल ऑन का इस्तेमाल करना एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
डार्क अंडरआर्म्स की देखभाल और सही स्किन केयर रूटीन
अंडरआर्म्स की केयर करते समय यह देखना जरूरी है कि वहां की त्वचा केवल काली हुई है या फिर मोटी भी हो गई है। त्वचा की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग देखभाल रूटीन अपनाने की आवश्यकता होती है
- जब त्वचा मोटी और अत्यधिक काली हो: यदि अंडरआर्म्स की त्वचा काली होने के साथ-साथ मोटी और सख्त भी महसूस हो रही हो, तो सुबह के समय लैक्टिक एसिड युक्त मॉइस्चराइज़र लगाएं। वहीं रात को सोने से पहले ग्लाइकोलिक एसिड वाली क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ ही डॉक्टर से परामर्श लेकर इंसुलिन और ब्लड शुगर की जांच जरूर करवाएं।
- जब केवल त्वचा पर कालापन हो: अगर त्वचा मोटी नहीं हुई है और सिर्फ रंगत गहरी हुई है, तो सुबह और रात दोनों समय कोजिक एसिड वाली क्रीम का नियमित इस्तेमाल करें। इसके अतिरिक्त, हफ्ते में दो बार ग्लाइकोलिक एसिड क्रीम लगाना बेहद फायदेमंद साबित होता है।
अपनी त्वचा की स्थिति को समझकर सही प्रोडक्ट्स का चुनाव करने और हानिकारक आदतों से बचने पर डार्क अंडरआर्म्स की समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।



















