त्वचा की उम्र एक ही दिन में नहीं बढ़ती, यह एक धीमी प्रक्रिया है और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह शरीर में कोलेजन के स्तर का धीरे-धीरे घटना है। जैसे-जैसे कोलेजन कम होता है, त्वचा पर झुर्रियां, ढीलापन और रूखापन जैसी दिक्कतें ज्यादा दिखने लगती हैं। डॉक्टर हंसा योगेंद्र का कहना है कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन सही खानपान, तनाव पर काबू और रोजाना की एक्सरसाइज जैसी कुछ आदतें अपनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और जवां बनाए रखा जा सकता है।
कोलेजन बढ़ाने वाली चीजें डाइट में करें शामिल
डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियों को एक कप पानी में दो मिनट तक उबालकर पीने से शरीर को ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं जो त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। खाने में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर रंग-बिरंगी सब्जियों को कभी-कभार नहीं, बल्कि रोजाना की आदत बनाना चाहिए। इसके साथ काली मिर्च और हल्दी जैसे मसालों को भी रोजमर्रा के खाने का हिस्सा बनाया जा सकता है। त्वचा को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये सभी शरीर में कोलेजन बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके उलट जंक फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि ये बाकी अच्छी आदतों के असर को भी कम कर सकते हैं।
तनाव कम करने पर दें ध्यान
लगातार बना रहने वाला तनाव त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को और तेज कर देता है, इसलिए तनाव को काबू में रखना उतना ही जरूरी है जितना सही खानपान। मेडिटेशन, योग और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज को रोजाना की दिनचर्या में शामिल करने से तनाव को कम रखने में मदद मिलती है। इसके साथ ही पर्याप्त और अच्छी नींद लेना भी बहुत मायने रखता है, क्योंकि शरीर की मरम्मत नींद के दौरान ही होती है और नींद की कमी का असर सीधे त्वचा पर दिखने लगता है।
रोजाना एक्सरसाइज को बनाएं आदत
हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम या योग करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। बेहतर रक्त संचार का मतलब है कि ऑक्सीजन और पोषक तत्व त्वचा तक ज्यादा अच्छी तरह पहुंचते हैं, और यही वजह है कि त्वचा सिर्फ एक अच्छी नींद या एक हेल्दी मील के बाद नहीं, बल्कि लंबे समय तक हेल्दी और चमकदार बनी रहती है।
चीनी और रिफाइंड फूड्स को डाइट से करें कम
ज्यादा चीनी और रिफाइंड फूड्स का सेवन शरीर में सूजन बढ़ाता है, और यही सूजन धीरे-धीरे त्वचा के कोलेजन को भी नुकसान पहुंचाती है। इसीलिए मिठाइयों, मीठे पेय पदार्थों, मैदे और प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा सीमित रखनी चाहिए और इनकी जगह प्राकृतिक व पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए। डॉक्टर हंसा योगेंद्र की ये सलाहें एक ही बात की ओर इशारा करती हैं, जिसे डॉक्टर अक्सर दोहराते हैं, त्वचा की सेहत किसी एक प्रोडक्ट पर नहीं, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि शरीर को क्या खिलाया जा रहा है, तनाव को कितनी अच्छी तरह संभाला जा रहा है और शरीर रोजाना कितना सक्रिय रहता है।











