डार्क अंडरआर्म्स सिर्फ दिखने की समस्या नहीं है, बल्कि कई महिलाओं के लिए यह आत्मविश्वास कम होने की वजह भी बन जाती है। यही वजह है कि अंडरआर्म्स की जिद्दी टैनिंग हटाने के लिए महिलाएं तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आज़माती रहती हैं। डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर और एमबीबीएस, एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. आंचल पंथ का कहना है कि हर किसी को इस बारे में घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर अंडरआर्म्स का एरिया बाकी स्किन से थोड़ा ही डार्क है, तो यह सामान्य बात है। लेकिन अगर वहां की त्वचा मोटी हो गई है और रंग तीन शेड से ज़्यादा गहरा हो चुका है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
अंडरआर्म्स काले पड़ने के पीछे असली वजह क्या है
डॉ. पंथ के मुताबिक ज्यादा वजन इसकी सबसे बड़ी वजहों में से एक है। जब शरीर का वजन ज़्यादा होता है, तो अंडरआर्म्स की स्किन आपस में ज़्यादा रगड़ खाती है। यह लगातार होने वाला फ्रिक्शन स्किन में पिगमेंटेशन को बढ़ा देता है, जिसकी वजह से धीरे-धीरे उस हिस्से का रंग गहरा होने लगता है। इसी तरह अगर आप बहुत टाइट कपड़े पहनते हैं, तो उससे भी अंडरआर्म्स की स्किन पर लगातार घर्षण होता है, जो कालेपन को और बढ़ा देता है। एक और बड़ी वजह है पोस्ट इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन, यानी अगर कभी अंडरआर्म्स के पास स्किन को चोट या जलन पहुंची हो तो वहां की त्वचा डार्क पड़ सकती है। वैक्सिंग इसका एक आम उदाहरण है, क्योंकि बाल जड़ से निकालने की प्रक्रिया में स्किन पील हो जाती है और इसी वजह से वहां की त्वचा काली पड़ने लगती है। इसके अलावा घर पर इस्तेमाल होने वाले स्क्रब, हेयर रिमूवल क्रीम और रोज़ाना लगाए जाने वाले डियोड्रेंट्स भी अंडरआर्म्स के कालेपन के लिए ज़िम्मेदार हो सकते हैं, क्योंकि ये चीजें बार-बार इस्तेमाल होने पर वहां की नाज़ुक स्किन को इरिटेट कर सकती हैं।
कब समझें कि मामला गंभीर है
डॉ. पंथ साफ कहती हैं कि हल्का डार्कनेस चिंता की बात नहीं है, यह ज़्यादातर लोगों में सामान्य रूप से देखा जाता है। लेकिन अगर अंडरआर्म्स की स्किन मोटी हो चुकी है और रंग सामान्य त्वचा से तीन शेड ज़्यादा गहरा दिखने लगा है, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय रहते सही देखभाल और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
अंडरआर्म्स का कालापन कम करने के लिए क्या करें
वजन कम करें: अगर कालापन मोटापे और स्किन फ्रिक्शन की वजह से है, तो सबसे पहले वजन को नियंत्रित करने की कोशिश करें, इससे रगड़ अपने आप कम हो जाएगी।
त्वचा को मॉइस्चराइज रखें: अंडरआर्म्स की स्किन को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करें। इससे त्वचा मुलायम बनी रहती है और ड्राईनेस व जलन की समस्या कम हो जाती है।
फ्रिक्शन से बचें: बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें और ऐसे कपड़े चुनें जो स्किन पर कम घर्षण डालें। इससे अंडरआर्म्स के कालेपन को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सही क्रीम का इस्तेमाल करें: डॉ. पंथ सलाह देती हैं कि ज़रूरत पड़ने पर हफ्ते में एक बार ट्रीटमेंट क्रीम लगाई जा सकती है, हालांकि किसी भी मेडिकेटेड क्रीम का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
कुल मिलाकर अंडरआर्म्स का हल्का सा डार्क होना आम बात है, लेकिन अगर स्किन मोटी होने के साथ-साथ रंग तीन शेड से ज़्यादा गहरा हो जाए, तो सही कारण समझकर सही देखभाल शुरू करना ज़रूरी हो जाता है।











