फीफा वर्ल्ड कप 2026 में गोल्डन बूट की रेस अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी अब तक टूर्नामेंट में 607 मिनट मैदान पर बिता चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 8 गोल दागने के साथ 2 गोल में मदद यानी असिस्ट भी की है। इस पूरी लिस्ट में वह फिलहाल फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे से पीछे दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में सिर्फ एक गोल या एक असिस्ट उन्हें सीधे टॉप की कुर्सी तक पहुंचा सकता है। टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाने वाला यह पुरस्कार हर विश्व कप में उतना ही चर्चा का विषय बनता है जितना खिताब खुद, और इस बार यह रेस आखिरी दौर में बेहद कांटे की हो चुकी है।
मेसी की बढ़त और नंबर वन तक की दूरी
फ्रांस अपना पहला सेमीफाइनल गंवा चुका है, जबकि अर्जेंटीना को अपना सेमीफाइनल मुकाबला अभी खेलना बाकी है। यही वजह है कि मेसी के सामने एक शानदार मौका खुला है। अगर वह इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज करा लेते हैं, तो इससे सिर्फ गोल्डन बूट की रेस में उन्हें बढ़त ही नहीं मिलेगी, बल्कि अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाने में भी उनकी भूमिका सबसे अहम साबित होगी। 607 मिनट में 8 गोल और 2 असिस्ट का यह आंकड़ा पहले से ही दिखाता है कि मेसी इस पड़ाव पर भी अपनी पुरानी रफ्तार और नजाकत के साथ मैदान पर छाए हुए हैं। अगर वह इंग्लैंड के खिलाफ गोल करते हैं, तो यह उनके टूर्नामेंट का नौवां गोल होगा और वह सीधे सूची में सबसे ऊपर पहुंच जाएंगे।
एम्बाप्पे फिलहाल टॉप पर, लेकिन फाइनल की दौड़ से बाहर
किलियन एम्बाप्पे ने अब तक टूर्नामेंट में 657 मिनट मैदान पर बिताए हैं और इस दौरान उन्होंने 8 गोल दागने के साथ-साथ अपने साथियों के लिए 3 गोल असिस्ट भी किए हैं। गोल और असिस्ट के इसी शानदार तालमेल की बदौलत वह फिलहाल गोल्डन बूट की सूची में पहले स्थान पर काबिज हैं। लेकिन सेमीफाइनल में स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति ने उन्हें पूरी तरह रोक दिया और एक भी गोल दागने का मौका नहीं दिया, जिसके चलते फ्रांस को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसी हार के साथ एम्बाप्पे की टीम का लगातार दूसरा विश्व कप खिताब जीतने का सपना टूट गया और वह फाइनल की दौड़ से पूरी तरह बाहर हो गए।
तीसरे स्थान के मैच में मिलेगा एम्बाप्पे को आखिरी मौका
टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक दोनों सेमीफाइनल हारने वाली टीमें तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में आपस में भिड़ती हैं। फ्रांस को यह मैच हर हाल में खेलना है, इसलिए एम्बाप्पे को गोल्डन बूट बचाने का एक और आखिरी मौका जरूर मिलेगा। अगर मेसी आने वाले मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक गोल नहीं कर पाते, तो एम्बाप्पे इसी तीसरे स्थान के मैच में गोल दागकर दोबारा बाजी अपने पक्ष में पलट सकते हैं और खुद को टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर स्थापित कर सकते हैं।
हालैंड की धमाकेदार गोल दर
नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में सिर्फ 537 मिनट खेले हैं, लेकिन इतने कम समय में ही उन्होंने बिना किसी असिस्ट की मदद के अकेले दम पर 7 गोल दाग दिए। हालैंड की टीम आगे के सफर में उतनी भाग्यशाली नहीं रही और टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनका यह प्रदर्शन बताता है कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर का सबसे खतरनाक फिनिशर माना जाता है। केवल 537 मिनट में 7 गोल करना उनके प्रति-मिनट गोल करने के अद्भुत अनुपात को साबित करता है।
बेलिंगहम और केन इंग्लैंड की उम्मीद
चौथे स्थान पर इंग्लैंड के युवा मिडफील्डर जूड बेलिंगहम मौजूद हैं, जिन्होंने 574 मिनट खेलते हुए 6 महत्वपूर्ण गोल किए हैं और इसके साथ ही 1 गोल में अपनी टीम की मदद यानी असिस्ट भी किया है। मिडफील्ड संभालने के साथ-साथ लगातार पेनल्टी एरिया में पहुंचकर गोल दागना बेलिंगहम की सबसे बड़ी खासियत रही है, और दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ उनकी भूमिका इंग्लैंड के लिए सबसे अहम होगी। यही नहीं, वह मेसी की राह का सबसे बड़ा रोड़ा भी बन सकते हैं। पांचवें स्थान पर इंग्लैंड के ही अनुभवी कप्तान हैरी केन बने हुए हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट के दौरान पिच पर 627 मिनट बिताए हैं और इस दौरान 6 गोल दागने के साथ 1 असिस्ट भी अपने नाम दर्ज किया है। दबाव भरी परिस्थितियों में शांत रहकर गोल करने की केन की काबिलियत इंग्लैंड को दूसरे सेमीफाइनल में मजबूती प्रदान करेगी, और अगर टीम फाइनल में पहुंचती है तो केन के पास भी गोल्डन बूट की रेस में शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने का मौका होगा।
डेम्बेले और ओयारजाबल की चुनौती
छठे स्थान पर फ्रांस के विंगर उस्मान डेम्बेले मौजूद हैं, जिन्होंने अपनी गति और ड्रिब्लिंग से इस विश्व कप में विपक्षी टीमों को खासा परेशान किया है। डेम्बेले ने टूर्नामेंट में कुल 585 मिनट मैदान पर बिताए हैं, जिसमें उन्होंने फ्रांस के लिए 5 बेहद अहम गोल किए और साथ ही 2 गोल असिस्ट भी किए। सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ तमाम कोशिशों के बावजूद टीम गोल दागने में नाकाम रही, लेकिन तीसरे स्थान के मैच में डेम्बेले अपने आंकड़ों को और बेहतर करने की कोशिश जरूर करेंगे। सातवें स्थान पर स्पेन के मिकेल ओयारजाबल हैं, जिन्होंने अपनी टीम को फाइनल का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कुल 599 मिनट के खेल में 5 शानदार गोल किए हैं और 1 असिस्ट भी किया है। स्पेन के फाइनल में पहुंचने के साथ ही ओयारजाबल के पास खिताबी मुकाबले में गोल दागकर अपनी टीम को चैंपियन बनाने और व्यक्तिगत तौर पर अपनी रैंकिंग को और ऊपर ले जाने का सुनहरा अवसर होगा।
बाहर हो चुके खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
इस लिस्ट के आठवें और नौवें स्थान पर क्रमशः सेनेगल के इस्माइला सार और मेक्सिको के जूलियन क्विनोन्स का कब्जा है। इस्माइला सार ने टूर्नामेंट में महज 411 मिनट खेलते हुए 4 गोल किए और 1 असिस्ट किया, जो उनकी अविश्वसनीय प्रभावशीलता को दिखाता है। वहीं जूलियन क्विनोन्स ने भी शानदार खेल दिखाते हुए 440 मिनट में 4 गोल दागे और 1 असिस्ट अपने नाम किया। इन दोनों की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर इनका यह व्यक्तिगत प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस प्रतिष्ठित सूची को दसवें स्थान पर पूरा करते हैं ब्राजील के सुपरस्टार विंगर विनिसियस जूनियर, जिन्होंने टूर्नामेंट में कुल 505 मिनट मैदान पर बिताए। इस दौरान उन्होंने अपनी चिर-परिचित गति और कौशल का परिचय देते हुए 4 शानदार गोल किए और 1 गोल असिस्ट भी किया। ब्राजील का सफर इस विश्व कप में उम्मीद से पहले खत्म हो गया, लेकिन विनिसियस जूनियर ने दुनिया को अपनी प्रतिभा का एक और नमूना जरूर दिखा दिया।
अब आगे क्या होगा
अब सबकी नजरें अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल पर टिकी हैं। इसी मैच का नतीजा तय करेगा कि गोल्डन बूट की रेस में मेसी नंबर वन की कुर्सी तक पहुंच पाते हैं या नहीं, और साथ ही यह भी साफ होगा कि फाइनल में स्पेन का सामना अर्जेंटीना से होगा या इंग्लैंड से। जो भी टीम यह सेमीफाइनल हारेगी, वह फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगी, जहां एम्बाप्पे के पास गोल्डन बूट बचाने का आखिरी और सबसे बड़ा दांव होगा। इस तरह मेसी, एम्बाप्पे, हालैंड, बेलिंगहम और केन के बीच चल रही यह रेस टूर्नामेंट के आखिरी दिनों तक बेहद दिलचस्प बनी रहने वाली है।











