फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टरफाइनल दौर में सेमीफाइनल के लिए दूसरी टीम का फैसला हो गया है। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए हाई वोल्टेज मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली। अब स्पेन का सामना सेमीफाइनल में फ्रांस की टीम से होगा। स्पेन के लिए यह मुकाबला शुरू से आसान नहीं था और जीत का फैसला खेल के आखिरी लम्हों में हुआ, जब मिकेल मेरिनो ने गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में दोनों टीमों ने खेला आक्रामक फुटबॉल
मुकाबले के पहले हाफ में स्पेन और बेल्जियम दोनों टीमों ने आक्रामक तेवर दिखाए। स्पेन के फाबियन रूइज ने 30वें मिनट में शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इस गोल के बाद बेल्जियम के खिलाड़ियों पर दबाव साफ नजर आया, क्योंकि टूर्नामेंट में अब तक कोई भी टीम स्पेन के खिलाफ गोल करने में कामयाब नहीं हो पाई थी। लेकिन बेल्जियम ने हार नहीं मानी और चार्ल्स डी केटेलारे ने 41वें मिनट में शानदार हेडर के जरिए गोल दागते हुए मुकाबले को 1-1 से बराबर कर दिया। इसी गोल के साथ स्पेन के गोलकीपर सिमोन का 560 मिनट तक गोल न खाने का रिकॉर्ड भी टूट गया, जो अब तक टूर्नामेंट में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही थी।
88वें मिनट में मेरिनो के गोल ने पलटी बाजी
पहला हाफ 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे हाफ में भी दोनों टीमें एक दूसरे पर भारी पड़ती दिखीं, लेकिन 87वें मिनट तक कोई टीम गोल नहीं कर सकी। ऐसे में सभी को लग रहा था कि मुकाबला अब पेनल्टी शूटआउट में जाएगा। तभी 88वें मिनट में स्पेन के मिकेल मेरिनो गोल पोस्ट के करीब पहुंचे और जोरदार शॉट के साथ गेंद को नेट में उलझा दिया। इस गोल ने स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी और यही बढ़त मुकाबला खत्म होने तक बरकरार रही। मेरिनो का यह आखिरी मिनटों में किया गया गोल ही आखिरकार स्पेन की सेमीफाइनल की टिकट पक्की करने वाला साबित हुआ।
अब सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ंत
क्वार्टरफाइनल में मिली इस जीत के साथ स्पेन का सफर सेमीफाइनल तक पहुंच गया है, जहां अब उसकी टक्कर फ्रांस की टीम से होगी। फ्रांस पिछली बार टूर्नामेंट में उपविजेता रह चुकी है, इसलिए यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार 15 जुलाई की देर रात 12:30 बजे खेला जाएगा। स्पेन के फैंस के लिए यह जीत खास मायने रखती है क्योंकि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक बेहद मजबूत डिफेंस दिखाया था और गोलकीपर सिमोन का रिकॉर्ड भी इसी बात का सबूत था। बेल्जियम के खिलाफ मिली कड़ी टक्कर के बावजूद स्पेन ने आखिरी लम्हों में जज्बा दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम किया।











