कोनामी की प्रसिद्ध हॉरर श्रृंखला की ताजा किस्त साइलेंट हिल: टाउनफॉल खिलाड़ियों को स्कॉटलैंड के तट से दूर बसे एक बेहद शांत मगर रहस्यमयी द्वीप सेंट अमेलिया पर ले जाती है। खेल की शुरुआत में ही खिलाड़ी नए मुख्य किरदार साइमन ऑर्डेल की भूमिका में खुद को पाते हैं। इस बार गेमप्ले में पारंपरिक ओवर-द-शोल्डर कैमरे के बजाय इमर्सिव फर्स्ट-पर्सन व्यू दिया गया है, जो इस फ्रेंचाइजी के पुराने ढर्रे से एक बड़ा बदलाव पेश करता है। वास्तविक दिखने वाले दृश्यों के बीच खिलाड़ियों को चारों तरफ बिखरी झींगा पकड़ने की पुरानी जालियां, टिमटिमाती स्ट्रीट लाइटें, खंभों पर लटकी लाइफ जैकेट, जमीन पर बने पानी के गड्ढे और हवा में लहराते रंग-बिरंगे झंडे दिखाई पड़ते हैं। यह पूरा माहौल ऐसा रचा गया है मानो समुद्र से उठने वाले नमकीन पानी की महक सीधे महसूस की जा रही हो। हालांकि, इस श्रृंखला की पहचान रहा दमघोंटू और भारी कोहरा तुरंत यह अहसास करा देता है कि यह द्वीप किसी छुट्टी बिताने की सुखद जगह नहीं है।
सेंट अमेलिया का खौफ और मेडिकल बॉडी हॉरर का नया प्रयोग
अगर यह गहरा कोहरा खतरे का संकेत देने के लिए काफी नहीं लगता, तो सड़कों पर भटकते मांसल और विकृत जीव किसी भी खिलाड़ी के होश उड़ाने के लिए पर्याप्त हैं। यह स्टैंडअलोन गेम पारंपरिक फॉर्मूले के तहत खोजबीन, स्टील्थ, पहेलियों और डरावने जीवों को एक रहस्यमयी एवं बेचैन करने वाली कहानी में पिरोता है। इस बार कहानी में चिकित्सा संबंधी विकृतियों यानी मेडिकल-बेस्ड बॉडी हॉरर का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। मुख्य किरदार साइमन जब सेंट अमेलिया के तट पर पहुंचता है, तो उसकी बांह में एक रहस्यमयी आईवी सुई चुभी होती है। खेल आगे बढ़ने पर खिलाड़ियों का सामना ऐसे भयावह जीवों से होता है, जो अपने खुले सीने से ट्यूब से जुड़ी आईवी जैसी संरचना को फेंककर हमला करते हैं। साइमन के हाथ में लगी यह आईवी केवल देखने में अजीब नहीं है, बल्कि उसके घायल होने पर एक जीवनदायिनी संजीवनी की तरह भी काम करती है।
1996 का दौर और एनालॉग गैजेट्स पर टिकी पहेलियां
साइमन के पास अपनी सुरक्षा और पड़ताल के लिए एक पुराना पोर्टेबल सीआरटीवी मौजूद है। यह भारी-भरकम, स्थिर तरंगें छोड़ने वाला हैंडहेल्ड गैजेट पहेलियों के सुराग ढूंढने, खौफनाक कहानी के टुकड़े जोड़ने और आसपास मंडराते दुश्मनों का पता लगाने के काम आता है। एलियन फिल्मों के मोशन ट्रैकर की याद दिलाने वाला यह उपकरण खेल में मौजूद एनालॉग तकनीक की अहमियत को रेखांकित करता है। कहानी 1996 के दौर पर आधारित है, इसलिए यह पुरानी तकनीक परिवेश के साथ पूरी तरह मेल खाती है। खिलाड़ियों को कई बार दूसरे किरदारों का नियंत्रण भी मिलता है, जहां एक डॉक्टर का बीप करने वाला पेजर काम आता है। सेंट अमेलिया के कमरों और गलियों में पुराने पेफोन, कैसेट प्लेयर, चौकोर कंप्यूटर, फ्लॉपी डिस्क और फैक्स मशीनें बिखरी हुई हैं, जिनका इस्तेमाल सुराग जुटाने और पहेलियां सुलझाने के लिए किया जाता है। डायल-अप मॉडेम और डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर की एकदम सटीक आवाजें नब्बे के दशक के मध्य के उस भयावह अनुभव को पूरी तरह जीवंत बना देती हैं।
कठिन चेकपॉइंट और कॉम्बैट की चुनौतियां
माहौल और ऑडियो डिजाइन के बेहतरीन होने के बावजूद खेल में कुछ तकनीकी कमजोरियां भी सामने आती हैं। इसका कॉम्बैट सिस्टम कुछ मौकों पर भारी और धीमा महसूस होता है, जबकि स्टील्थ प्रणाली काफी संवेदनशील और अस्थिर लगती है। दुश्मनों की लोकेशन बताने वाला हैंडहेल्ड सीआरटीवी भी कभी-कभी सही समय पर काम नहीं करता। यद्यपि ये खामियां तनाव और डर को बढ़ाने के इरादे से जोड़ी गई प्रतीत होती हैं, परंतु एक बेहद सख्त और असहज चेकपॉइंट सिस्टम के साथ मिलकर ये खिलाड़ियों को काफी निराश कर सकती हैं।



















