स्मार्टफोन की दुनिया में पिछले कुछ सालों से हर नए मॉडल में क्रांतिकारी बदलावों के बजाय केवल सुधार और बारीकियां देखने को मिल रही हैं, और नया गूगल पिक्सल 11 भी इसी ढर्रे पर आगे बढ़ता है। अगर आप तीन साल पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और नया हैंडसेट खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो गूगल पिक्सल 11 आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, अगर आप पिछले साल लॉन्च हुए गूगल पिक्सल 10 को अपग्रेड करने की वजह ढूंढ रहे हैं, तो इस नए फोन में आपको ऐसा कोई बड़ा कारण नजर नहीं आएगा।
रिफाइंड डिज़ाइन, बेहतर ग्रिप और नया लुक
गूगल ने अपने इस फ्लैगशिप फोन के पहचाने जाने वाले क्लासिक डिज़ाइन को बरकरार रखते हुए कुछ खास बदलाव किए हैं। रियर पैनल पर मौजूद पिल-शेप कैमरा बंप अब पहले से ज्यादा पतला है और इसे पूरी तरह ऑल-ग्लास फिनिश दी गई है। अगर आप पिक्सल 11 पर बैक कवर या केस लगाकर रखते हैं, तो टेबल या डेस्क पर रखने पर यह बिल्कुल सपाट रहता है। फोन के फ्रेम में रीसाइकिल्ड एल्युमीनियम का इस्तेमाल किया गया है जिस पर सैटिन फिनिश मिलती है, जबकि बैक ग्लास पर ग्लॉसी फिनिश दी गई है जो पिछले मॉडल जैसी ही है। गूगल ने इस बार फोन को चार आकर्षक रंगों में पेश किया है: हिबिस्कस (ब्राइट हॉट पिंक), पिस्ताचियो (हल्का हरा), फ्रॉस्ट (सफेद) और ऑब्सीडियन (काला)। हालांकि पिछले साल का लोकप्रिय इंडिगो कलर इस बार हटा दिया गया है। एप्पल की ही तरह गूगल भी अपने बेस मॉडल्स में ज्यादा फंकी और मजेदार कलर्स देता है, जबकि प्रो मॉडल्स में ज्यादा सिंपल और म्यूटेड कलर्स देखने को मिलते हैं।
6.3-इंच डिस्प्ले स्क्रीन के साथ आने वाला यह फोन आज के दौर के हिसाब से एक छोटा और कॉम्पैक्ट फोन माना जाता है। पिक्सल 10 प्रो एक्सएल जैसे बड़े फोन से पिक्सल 11 पर स्विच करने के बाद इसे एक हाथ से संभालना काफी आसान और आरामदायक महसूस होता है। हालांकि फोन थोड़ा मोटा है, लेकिन हाथ में पकड़ने पर इसकी ग्रिप काफी अच्छी लगती है। इसका साइज प्रो मॉडल से इतना मिलता-जुलता है कि दोनों के बैक कवर और केस आपस में आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। फोन पर बैक कवर लगाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि समुद्र तट जैसी जगहों पर फोन गिरने पर इसके फ्रेम की पेंटवर्क पर खरोंच आ सकती है।
टेंसर G6 चिपसेट की परफॉर्मेंस और रोजाना की स्पीड
स्मार्टफोन के अंदर गूगल का नया टेंसर G6 प्रोसेसर दिया गया है। कंपनी के दावों के मुताबिक, यह नया चिपसेट 20 प्रतिशत ज्यादा पावर एफिशिएंट है, 25 प्रतिशत तेजी से वेब ब्राउज़िंग कराता है और ऐप्स को 15 प्रतिशत तेजी से लोड करता है। पिक्सल 11 में 12 GB RAM के साथ 256 GB और 512 GB स्टोरेज के विकल्प मिलते हैं। आम रोज़मर्रा के इस्तेमाल में यह फोन काफी तेज़ और रिस्पॉन्सिव महसूस होता है। ऐप्स खोलना हो, वेब पेज स्क्रॉल करना हो या कैमरा ऐप चलाना हो, हर काम बिना किसी रुकावट के होता है। इसके अलावा, नेस्ट वीडियो डोरबेल के साथ इसका इंटीग्रेशन भी पहले से तेज़ हुआ है; पिक्सल 10 प्रो एक्सएल की तुलना में इस फोन पर डोरबेल के नोटिफिकेशन और वीडियो स्ट्रीम एक से दो सेकंड जल्दी लोड होते हैं।
गेमिंग टेस्ट और हीटिंग परफॉर्मेंस
फोन की परफॉर्मेंस को परखने के लिए इस पर Wuthering Waves जैसे हैवी मोबाइल गेम को चलाकर टेस्ट किया गया। गेम खेलने योग्य तो था, लेकिन ऐक्शन के दौरान फ्रेम ड्रॉप और अटकाव (स्टटरिंग) साफ देखने को मिला, भले ही ग्राफिक्स सेटिंग्स को बैलेंस्ड (ग्राफिक्स और परफॉर्मेंस) मोड पर रखा गया हो। एक घंटे की लगातार गेमिंग के बाद पिक्सल 11 काफी गर्म हो गया और इसकी बैटरी 40 प्रतिशत से घटकर 26 प्रतिशत पर आ गई, यानी केवल एक घंटे में 14 प्रतिशत बैटरी खर्च हो गई। हालांकि Mini Metro और Alto's Odyssey जैसे कम लोड वाले हल्के गेम्स आसानी से चले। इसलिए भारी गेमिंग करने वाले यूज़र्स को अन्य गेमिंग-केंद्रित फोन्स की तरफ देखना चाहिए।
बैटरी लाइफ और मीडियाटेक मोडेम का नया अपडेट
फोन में 4,985 mAh क्षमता की बैटरी दी गई है, जो पिक्सल 10 की तुलना में केवल 15 mAh की मामूली बढ़त है। हालांकि, गूगल का दावा है कि सॉफ्टवेयर और चिपसेट की नई तकनीक के कारण बैटरी लाइफ में 25 प्रतिशत का सुधार हुआ है और अब यह 24 घंटे के बजाय 30 घंटे तक चलती है। रोज़मर्रा के व्यस्त दिनों में इस्तेमाल करने पर फोन की बैटरी पूरे दिन आसानी से साथ निभाती है, लेकिन सामान्य यूज़र्स के लिए इसे रोज़ रात को चार्ज करना ही पड़ेगा।
पिक्सल 11 में एक बड़ा आंतरिक बदलाव इसका मोडेम है। गूगल ने इस बार मीडियाटेक मोडेम का इस्तेमाल किया है, जबकि पिक्सल 10 सीरीज़ में सैमसंग का मोडेम दिया गया था। पिछले सैमसंग मोडेम में बैटरी जल्दी खत्म होने और कम नेटवर्क वाले इलाकों में सिग्नल छूटने की समस्या अक्सर देखने को मिलती थी। नए मीडियाटेक मोडेम के साथ पिक्सल 11 उन जगहों पर भी बेहतर नेटवर्क सिग्नल पकड़ता है जहां पिक्सल 10 प्रो एक्सएल को कॉल करने में परेशानी होती थी। हालांकि नेटवर्क की परफॉर्मेंस अलग-अलग इलाकों और टेलीकॉम ऑपरेटरों पर भी निर्भर करेगी।
गहरा जेमिनी AI इंटीग्रेशन और स्मार्ट फीचर्स
गूगल के फोन्स हमेशा से हार्डवेयर से ज्यादा अपने स्मार्ट सॉफ्टवेयर फीचर्स के लिए जाने जाते हैं। पिक्सल 11 में नए जेमिनी इंटेलिजेंस फीचर्स को अलग से जोड़ने के बजाय ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ गहराई से मिलाया गया है।
इसमें दिया गया एक नया फीचर है रैमबलर, जो फोन के वॉइस-टू-टेक्स्ट फीचर को बेहतर बनाता है। यह बोलते समय मुंह से निकलने वाले "अम" और "आ" जैसे शब्दों को हटाकर बातचीत के अंदाज़ में मैसेज ड्राफ्ट करता है। हालांकि, रिकॉर्डर ऐप की तरह यह बोलते समय स्क्रीन पर लाइव टेक्स्ट नहीं दिखाता, बल्कि पूरी बात खत्म होने के बाद ही टेक्स्ट स्क्रीन पर आता है। इसके अलावा क्षेत्रीय लहज़े (एक्सेंट) के कारण कभी-कभी शब्दों को समझने में चूक भी हो सकती है।
मैसेजिंग ऐप में AI ओवरव्यू फीचर मिलता है। जब कोई आपको मैसेज में मिलने का प्लान या रेस्टोरेंट का सुझाव भेजता है, तो आप एक टैप से उसे गूगल कैलेंडर में जोड़ सकते हैं या गूगल मैप्स में खोल सकते हैं। अगर आप अनुमति दें, तो जेमिनी आपके जीमेल से फ्लाइट नंबर निकालकर सीधे मैसेज में शेयर कर सकता है। इसके अलावा सर्किल टू सर्च फीचर अब कैमरा ऐप के व्यूफाइंडर में भी काम करता है; इसके लिए फोटो खींचने की जरूरत नहीं है, बस नीचे नेविगेशन बार को दबाकर रखें और स्क्रीन पर दिख रही वस्तु पर सर्किल बना दें। लॉक स्क्रीन और होम स्क्रीन पर लोकेशन आधारित शॉर्टकट्स भी मिलते हैं, जैसे किसी स्टोर में जाने पर गूगल वॉलेट का लॉयल्टी कार्ड अपने आप स्क्रीन पर आ जाता है। कॉल स्क्रीन (स्पैम कॉल रोकने के लिए) और नाव प्लेइंग (आस-पास बज रहे गाने का नाम बताने के लिए) जैसे पुराने लोकप्रिय फीचर्स भी इसमें मौजूद हैं। अगर कोई यूज़र AI फीचर्स बंद करना चाहता है, तो वह जेमिनी की परमिशन हटा सकता है, सर्किल टू सर्च बंद कर सकता है और कैमरा AI विकल्पों को ऑफ कर सकता है।
ट्रिपल कैमरा सेटअप और नए फोटोग्राफी मोड्स
पिक्सल 11 का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप इस फोन की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। इसका कैमरा ऐप पिक्सल 10 की तुलना में ज्यादा तेज़ है और फोटो खींचते ही तुरंत गैलरी में लोड हो जाती है। कैमरों के स्पेक्स देखें तो इसमें 48-मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा, 13-मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा और 5x ऑप्टिकल ज़ूम वाला 10.8-मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा मिलता है। फ्रंट में 10.5-मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है। मुख्य कैमरे का सेंसर आकार में बड़ा है, जिससे कम रोशनी या रात के समय बेहतर फोटोग्राफी होती है। फोन का डिजिटल ज़ूम 20x से बढ़ाकर 30x कर दिया गया है; यह ज़ूम AI से नकली फोटो बनाने के बजाय कई तस्वीरों को मिलाकर असली इमेज तैयार करता है।
कैमरा ऐप में नए फीचर्स भी जोड़े गए हैं। कैमरा लुक्स फीचर आपको फोटो खींचने से पहले ही अलग-अलग कलर टोन (जैसे वार्म कलर्स या शैडो) चुनने की सुविधा देता है। वहीं मैजिक कैप्चर एक नया फीचर है जो किसी इवेंट या पार्टी में वीडियो रिकॉर्ड करते समय अपने आप ही बेहतरीन स्टिल फोटोज भी ले लेता है, जिससे आपको बार-बार स्क्रीन में देखकर फोटो क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अपग्रेड का फैसला और अंतिम निर्णय
स्मार्टफोन मार्केट की मौजूदा स्थिति को देखें तो हर एक या दो साल में नया फोन खरीदना जरूरी नहीं है। बड़ा बदलाव तभी महसूस होता है जब आप दो-तीन पीढ़ियों का गैप देते हैं। चूंकि गूगल के ज्यादातर बेहतरीन फीचर्स सॉफ्टवेयर पर आधारित होते हैं, इसलिए पिक्सल 11 के कई नए AI फीचर्स आने वाले समय में अपडेट के ज़रिये पुराने पिक्सल मॉडल्स को भी मिल जाएंगे। इसलिए अगर आपके पास पुराना फोन है तो पिक्सल 11 एक बेहतरीन विकल्प है, लेकिन पिक्सल 10 यूज़र्स को इस बार अपग्रेड करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।



















