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जयपुर में बहू के कत्ल के आरोपी परिवार ने 75 वर्षीय जगदीश जाट की हत्या कर शव के टुकड़े किए, पत्नी और बेटा गिरफ्तारराजस्थान
21 अग॰ 2026, 10:11 am (2 घंटे पहले)· 3

जयपुर में बहू के कत्ल के आरोपी परिवार ने 75 वर्षीय जगदीश जाट की हत्या कर शव के टुकड़े किए, पत्नी और बेटा गिरफ्तार

जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय जगदीश जाट की गला घोंटकर और धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई। चार महीने पहले बहू के कत्ल मामले में जमानत पर बाहर आई मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में रिश्तों की मर्यादा और विश्वास को तार-तार कर देने वाला एक खौफनाक और सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पानी की टंकी के पास स्थित एक सुनसान और खाली प्लॉट में झाड़ियों के पीछे फेंके गए प्लास्टिक के कट्टे से 75 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश जाट (जिन्हें पुलिस रिकॉर्ड में जगदीश चौधरी भी दर्ज किया गया है) का क्षत-विक्षत, सड़ा-गला और विभत्स शव बरामद किया गया है। जिस मकान को बुजुर्ग ने अपने जीवन भर के खून-पसीने से सींचकर तैयार किया था, वही घर आखिरकार उनकी दर्दनाक हत्या का मूक गवाह बन गया। सांगानेर सदर पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि मृतक की शराब पीने की गंभीर लत और आए दिन होने वाले घरेलू क्लेश से त्रस्त होकर उनकी अपनी ही पत्नी और छोटे बेटे ने मिलकर बुजुर्ग की पहले गला दबाकर और फिर धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी।

कैब चालक की सतर्कता से बेनकाब हुई खौफनाक साजिश

कत्ल की इस विभत्स और खौफनाक वारदात का पर्दाफाश एक टैक्सी चालक की सतर्कता, तत्परता और सूझबूझ से संभव हो सका। 20 अगस्त को तड़के लगभग 3:30 बजे आरोपी छोटा बेटा सवाईराम जाट अपने पिता के कटे हुए अंगों से भरे प्लास्टिक के कट्टे को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से एक टैक्सी बुलाकर ले जाने की फिराक में लगा हुआ था। हालांकि, उस भारी प्लास्टिक के कट्टे से उठती तेज और असहनीय दुर्गंध ने टैक्सी चालक के मन में तुरंत संदेह पैदा कर दिया। चालक को किसी अनहोनी वारदात का गहरा शक हुआ और उसने बिना किसी देरी के तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके पूरे मामले की सूचना दे दी।

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पुलिस कंट्रोल रूम से मिली आपातकालीन सूचना पर सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने जब झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए प्लास्टिक के बोरे को सावधानीपूर्वक काटा, तो उसमें 75 वर्षीय जगदीश जाट का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि यह हत्या कई दिन पहले की गई थी। इससे पहले दोपहर के लगभग 3:30 बजे उस क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीरों ने भी झाड़ियों के पास से अजीब सी सड़न भरी बदबू महसूस की थी और इस संबंध में पुलिस को अवगत कराया था।

घरेलू प्रताड़ना और शराब की लत का खूनी अंत

थाना पुलिस द्वारा की गई गहन पड़ताल में इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की पूरी घटनाक्रम सिलसिलेवार तरीके से खुलकर सामने आ गई। 18 अगस्त की शाम को जगदीश जाट अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर अपने घर लौटा और हमेशा की तरह परिवारजनों के साथ गाली-गलौज व विवाद करने लगा। रोज-रोज के इस झगड़े, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना से पूरी तरह तंग आ चुकी 70 वर्षीया पत्नी सजना देवी और 40 वर्षीय छोटे बेटे सवाईराम जाट ने मिलकर जगदीश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

घरेलू विवाद के दौरान ही मां और बेटे ने अचानक हमला बोलकर पहले जगदीश का गला जोर से घोंट दिया। गला दबाने के बाद भी जब उन्होंने देखा कि बुजुर्ग की सांसें अभी भी चल रही हैं, तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली जैसे पैने और धारदार हथियारों से उनके शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा सवाईराम शव को घसीटकर घर के बाथरूम में ले गया। उसने पहले कुल्हाड़ी से पिता की गर्दन और दोनों हाथ काटने का प्रयास किया। जब कुल्हाड़ी से अंग पूरी तरह अलग नहीं हो सके, तो वह रसोईघर से धारदार चाकू और दांतली ले आया और धड़, गर्दन व हाथों को काटकर अलग-अलग टुकड़ों में विभाजित कर दिया। इसके बाद 19 अगस्त का पूरा दिन और रात शव घर के भीतर ही पड़ा रहा, जहां आरोपी बेटा रात भर लाश के साथ रहकर उसके टुकड़े करने की प्रक्रिया में लगा रहा।

संदिग्ध रवैये से खुली पोल और पुलिस की कार्रवाई

घटनास्थल से बोरे में बंद शव बरामद करने के पश्चात सांगानेर सदर पुलिस ने जब मृतक के परिजनों को शिनाख्त और पूछताछ के लिए मौके पर बुलाया, तो वहां पहुंचे सजना देवी और सवाईराम जाट के चेहरे का रंग पूरी तरह उड़ा हुआ था। अपने घर के बुजुर्ग मुखिया की असामयिक मृत्यु पर शोक या गम व्यक्त करने के बजाय दोनों के हाव-भाव में एक अजीब सा डर, घबराहट और हड़बड़ाहट साफ झलक रही थी। मौके पर मुस्तैद पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज (जिन्हें राजर्षि राज वर्मा के नाम से भी जाना जाता है) की टीम ने आरोपियों की इस संदिग्ध गतिविधियों और चेहरे के हाव-भाव को तुरंत ताड़ लिया और दोनों को बिना कोई मौका दिए हिरासत में ले लिया।

पुलिस स्टेशन में कड़े पहरे के बीच जब जांच अधिकारियों ने सजना देवी और सवाईराम से अलग-अलग कमरों में आमने-सामने बैठाकर सख्त पूछताछ शुरू की, तो वे ज्यादा समय तक अपने झूठ के जाल में खुद को बचा नहीं सके। पुलिस की कड़ी और तार्किक पूछताछ के सामने दोनों आरोपी पूरी तरह टूट गए और उन्होंने अपना खौफनाक अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि जगदीश जाट की अत्यधिक शराब पीने की आदत और रोज-रोज के क्लेश व शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर ही उन्होंने इस हत्या को अंजाम दिया था।

बहू की हत्या में जेल जा चुका है पूरा परिवार

सांगानेर सदर पुलिस थाना टीम की विस्तृत आपराधिक पृष्ठभूमि जांच में इस परिवार से जुड़ा एक और अत्यंत सनसनीखेज और झकझोर देने वाला खुलासा सामने आया है। यह आपराधिक मानसिकता वाला परिवार पूर्व में भी संगीन खूनी वारदातों में संलिप्त रहा है। वर्ष 2024 में टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपनी ही बहू की हत्या करने के जघन्य मामले में पूरा परिवार जेल जा चुका था। उस खूनी वारदात में मृतक जगदीश जाट, उनकी पत्नी सजना देवी, छोटा बेटा सवाईराम जाट और बड़ा बेटा रामअवतार चारों अभियुक्त के रूप में शामिल थे।

न्यायालय से कानूनी प्रक्रिया के तहत लगभग चार महीने पहले ही यह परिवार जमानत पर जेल से रिहा होकर बाहर आया था, जबकि बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी उसी बहू की हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध है। जमानत पर जेल से बाहर आने के महज चार महीने के भीतर ही मां-बेटे की जोड़ी ने मिलकर अपने ही घर के मुखिया जगदीश जाट की बलि चढ़ा दी। सांगानेर सदर थाना पुलिस ने आरोपी पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है और मामले में अग्रिम कानूनी कार्यवाही संचालित की जा रही है।

सवाल-जवाब

जयपुर के सांगानेर सदर में क्या वारदात हुई?
75 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश जाट की उनकी पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट ने शराब के नशे में हुए विवाद के दौरान हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर प्लास्टिक के बोरे में छिपा दिए।
वारदात की जानकारी पुलिस को कैसे मिली?
20 अगस्त को तड़के 3:30 बजे आरोपी बेटा शव के टुकड़ों से भरा बोरा ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी किराए पर ले रहा था। तेज बदबू आने पर सतर्क टैक्सी चालक ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
आरोपियों ने हत्या को किस तरह अंजाम दिया?
18 अगस्त की शाम शराब के नशे में हुए झगड़े के बाद आरोपी मां-बेटे ने पहले जगदीश का गला घोंटा और फिर कुल्हाड़ी, चाकू व दांतली से वार कर गर्दन, धड़ और हाथ काट दिए।
क्या आरोपी परिवार का कोई पुराना आपराधिक इतिहास है?
हां, वर्ष 2024 में टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र में अपनी ही बहू की हत्या के मामले में पूरा परिवार जेल जा चुका था और लगभग चार महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
सांगानेर सदर थाना पुलिस ने मृतक की 70 वर्षीया पत्नी सजना देवी और 40 वर्षीय बेटे सवाईराम जाट को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

यह सनसनीखेज मामला पारिवारिक विघटन और घरेलू हिंसा के खतरनाक स्तर को उजागर करता है, जहां पहले बहू की हत्या और अब बुजुर्ग की नृशंस हत्या से यह परिवार पूरी तरह आपराधिक दलदल में फंस चुका है। टैक्सी चालक की सतर्कता ने समय रहते इस राज को बेनकाब कर दिया, वरना सबूत नष्ट किए जा चुके होते। ऐसे मामलों में जमानत पर बाहर आरोपियों द्वारा फिर से अपराध करना न्याय व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

इस जघन्य दोहरे हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए अब पुलिस को फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों पर पूरी तरह निर्भर रहना होगा। जमानत पर बाहर रहते हुए एक और गंभीर अपराध को अंजाम देना इस बात का प्रमाण है कि आरोपियों की आपराधिक मानसिकता गहरी हो चुकी है। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत फास्ट-ट्रैक ट्रायल की आवश्यकता है, ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जा सके कि घरेलू कलह या पिछली वारदातों की आड़ में कानून से बचना मुमकिन नहीं है।

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