टेक्सास में हुए एक भयानक हादसे ने टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को एक बार फिर कानूनी कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक टेस्ला कार सीधे एक घर में जा घुसी, जिसमें मार्था अविला की जान चली गई। अब उनके परिवार ने सिर्फ कार चला रहे शख्स पर ही नहीं, बल्कि खुद कंपनी टेस्ला पर भी मुकदमा दायर कर दिया है। परिवार का आरोप है कि कंपनी की फुल सेल्फ-ड्राइविंग (सुपरवाइज्ड) यानी FSD तकनीक इस मौत के लिए जिम्मेदार है।
कार चला रहे 44 साल के माइकल बटलर ने बाद में पुलिस को बताया कि हादसे के वक्त उन्होंने टेस्ला के ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स चालू कर रखे थे। यही वो फीचर्स हैं जिनके बारे में कंपनी का दावा है कि ये ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित और कम तनावपूर्ण बनाते हैं। हादसे पर पहुंची हैरिस काउंटी शेरिफ ऑफिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि बटलर में नशे का कोई लक्षण नहीं दिखा।
परिवार का आरोप: तकनीक में ही खराबी थी
मार्था अविला की बेटी और दामाद की ओर से पेश वकीलों ने मंगलवार को हैरिस काउंटी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर मुकदमे में लिखा कि टेस्ला की तकनीक का डिज़ाइन ही दोषपूर्ण और बेहद खतरनाक था। हादसे के वक्त दामाद जस्टिन बार्बर भी उसी घर में मौजूद थे और इस घटना में घायल हो गए।
FSD फीचर इस तरह बनाया गया है कि वह ड्राइविंग के कई काम खुद संभाल सके, जैसे शहर और रिहायशी इलाकों की सड़कों पर चलना, लाल बत्ती और स्टॉप साइन पर रुकना, और लेन बदलना। लेकिन इसके साथ शर्त यह है कि ड्राइवर को पूरा ध्यान रखना होता है और सिस्टम से कोई गलती होने पर तुरंत कंट्रोल अपने हाथ में लेने के लिए तैयार रहना पड़ता है।
कंपनी का पलटवार
टेस्ला ने टिप्पणी के लिए भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि कंपनी के एआई सॉफ्टवेयर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक एलुस्वामी ने एक्स पर लिखा कि टेस्ला के डेटा से पता चलता है कि बटलर ने एक्सेलरेटर को पूरी तरह 100 प्रतिशत तक दबाकर सेल्फ-ड्राइविंग को मैन्युअली ओवरराइड कर दिया था, और हादसे के बाद भी एक्सेलरेटर दबा हुआ था। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भी पोस्ट किया कि कंपनी की तकनीक की इस हादसे में कोई भूमिका होने की अटकलें बेतुकी हैं।
हादसे से जुड़ी कई बातें अभी सामने आनी बाकी हैं, और यह पूरी तरह मुमकिन है कि टेस्ला की तकनीक का अविला की मौत से कोई लेना-देना न हो। लेकिन भले ही ज्यादातर जिम्मेदारी ड्राइवर की हो, फिर भी कंपनी को कम से कम आंशिक रूप से दोषी माना जा सकता है, और उस पर भारी मुआवजे की देनदारी आ सकती है।
ऑटोमोबाइल तकनीक का अध्ययन करने वाले येशिवा यूनिवर्सिटी के कार्डोजो स्कूल ऑफ लॉ के प्रोफेसर मैथ्यू वान्सले कहते हैं, "अगर प्रोडक्ट का डिज़ाइन ऐसा है कि वह ड्राइवर को ऐसी स्थिति में डाल देता है जहां अचानक सिस्टम काम करना बंद कर देता है और ड्राइवर हालात पर पकड़ खो बैठता है, तो टेस्ला को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।"
पहले भी हो चुका है ऐसा फैसला
दरअसल ऐसा पहले भी हो चुका है। पिछले साल फ्लोरिडा की एक जूरी ने माना था कि ऑटोपायलट (टेस्ला का पुराना ड्राइवर असिस्टेंस सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल कर रहे एक टेस्ला मॉडल S के ड्राइवर एक हादसे के लिए ज्यादातर जिम्मेदार थे। ड्राइवर यह नहीं देख पाया कि जिस T-आकार के चौराहे पर उसकी कार चल रही थी, वह खत्म हो रहा है। उसका पैर एक्सेलरेटर पर ही टिका रहा और टेस्ला ने 22 साल की नाइबेल बेनाविडेस लियोन को टक्कर मार दी, जिनकी मौत हो गई। उनके 26 साल के बॉयफ्रेंड डिलन एंगुलो गंभीर रूप से घायल हुए। टेस्ला अक्सर अपनी गाड़ियों की बड़े पैमाने पर डेटा जुटाने की क्षमता का बखान करती है, लेकिन इस मामले में कंपनी ने कहा कि वह अहम डेटा रिकवर नहीं कर पाई। बाद में बेनाविडेस के परिवार के वकील एक हैकर की मदद से वह डेटा निकालने में कामयाब रहे।
लेकिन जूरी ने एक मिसाल कायम करने वाले फैसले में यह भी माना कि इस हादसे में एक-तिहाई जिम्मेदारी टेस्ला की भी है, क्योंकि कंपनी ऑटोपायलट को कारगर मानती थी। जूरी ने तय किया कि टेस्ला को 20 करोड़ डॉलर (200 मिलियन डॉलर) का दंडात्मक मुआवजा और अतिरिक्त 4.3 करोड़ डॉलर (43 मिलियन डॉलर) का क्षतिपूर्ति मुआवजा देना होगा। इस साल की शुरुआत में एक जज ने इस फैसले को बरकरार रखा।
जितनी अच्छी तकनीक, उतना बड़ा खतरा?
टेस्ला के तरीके के आलोचक तर्क देते हैं कि असली दिक्कत ही यह है कि FSD काफी अच्छा है। अगर ड्राइवरों को भरोसा हो जाए कि सिस्टम हर वक्त ठीक से काम करता है, तो कुछ गड़बड़ होने पर वे कंट्रोल संभालने के लिए तैयार नहीं रहते। साल 2018 में कैलिफोर्निया के एक हाईवे हादसे में ऑटोपायलट इस्तेमाल कर रहे एक मॉडल X के ड्राइवर गाड़ी के बैरियर से टकराने से पहले स्टीयरिंग नहीं संभाल पाए और उनकी मौत हो गई। बाद में टेस्ला ने इस हादसे से जुड़ा मुकदमा, सुनवाई शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले, समझौते के जरिए निपटा लिया।
जांच के घेरे में FSD
पिछली पतझड़ में शुरू हुई नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के ऑफिस ऑफ डिफेक्ट्स की एक जांच भी इसी मुद्दे से जुड़ी है। यह जांच 40 से ज्यादा ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई, जिनमें FSD ट्रैफिक नियमों का पालन करने में नाकाम रहा। इनमें एक हादसा वह भी था जिसमें FSD चालू टेस्ला ने लाल बत्ती पार कर दी। एजेंसी ने अपनी फाइलिंग में लिखा कि यह समीक्षा इस बात का आकलन करेगी कि क्या यह फीचर यूजर को "पहले से चेतावनी या इतना समय देता है कि ड्राइवर अप्रत्याशित व्यवहार पर प्रतिक्रिया दे सके या तकनीक की सुरक्षित निगरानी कर सके।"
इससे पहले 2023 में NHTSA ने दो साल की जांच के बाद टेस्ला को ऑटोपायलट से जुड़ा रीकॉल जारी करने पर मजबूर किया था, क्योंकि जांच में संकेत मिले थे कि यह सिस्टम ड्राइवरों की लापरवाही को बढ़ावा देता है। यह रीकॉल एक ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट के रूप में जारी किया गया था।
दो संघीय एजेंसियां कर रही हैं जांच
टेक्सास हादसे को लेकर अभी और भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है, भले ही यह मुकदमा खुली अदालती सुनवाई तक पहुंचे या न पहुंचे। कम से कम दो संघीय एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। परिवहन से जुड़ी बड़ी घटनाओं की जांच करने वाली स्वतंत्र संघीय एजेंसी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने बुधवार को बताया कि उसने हैरिस काउंटी शेरिफ ऑफिस के साथ मिलकर इस हादसे की संयुक्त जांच शुरू कर दी है। एजेंसी के प्रवक्ता पीटर नडसन यह नहीं बता पाए कि जांच शुरू करने से पहले टेस्ला से कोई अतिरिक्त जानकारी या डेटा मिला था या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि NTSB को आमतौर पर "हादसे के हालात के बारे में बहुत सामान्य जानकारी ही मिलती है, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि जांच करनी है या नहीं।"
देश की सबसे बड़ी सड़क सुरक्षा नियामक NHTSA ने भी इस हफ्ते पुष्टि की कि उसने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है।
टेक्सास हादसे के मुकदमे में मार्था अविला के परिवार की ओर से पेश वकील रायन जेल ने एक बयान में कहा कि परिवार स्वाभाविक रूप से टूट चुका है। उन्होंने कहा, "हम यह पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि आखिर हुआ क्या, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।"













