मेटाट्रेडर 4 (MT4) को ज्यादातर लोग एक बेहतरीन चार्टिंग और टेक्निकल एनालिसिस टूल के तौर पर जानते हैं, लेकिन इसकी असली ताकत तब सामने आती है जब आप एनालिसिस के बाद असल में ट्रेड लगाना शुरू करते हैं। यही वजह है कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेड खोलना, उसमें बदलाव करना और उसे बंद करना सीखना हर ट्रेडर के लिए जरूरी है। इसी काबिलियत की बदौलत MT4 सिर्फ एक चार्ट देखने वाला औजार नहीं, बल्कि पूरा ट्रेडिंग टर्मिनल बन जाता है।
MT4 पर आप दो तरह से ट्रेड कर सकते हैं। एक तो तुरंत, यानी मौजूदा भाव पर सीधे पोजीशन खोलना, और दूसरा आगे किसी तय भाव पर अपने-आप ट्रेड होने के लिए ऑर्डर सेट कर देना। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म आपको ये सारे ऑर्डर और खुली पोजीशन सीधे चार्ट पर दिखाता है, जिससे अपने हर सौदे का विश्लेषण करना और भी आसान हो जाता है।
एक और बड़ी सुविधा यह है कि आप कई पैरामीटर सीधे किसी एसेट के चार्ट से ही एडजस्ट कर सकते हैं, जैसे स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट के स्तर। यह विजुअल तरीका ट्रेडर को साफ-साफ दिखा देता है कि उसे पिप्स या करेंसी में कितना संभावित मुनाफा हो सकता है, और अगर स्टॉप लॉस लग गया तो कितना नुकसान झेलना पड़ सकता है।
ट्रेड खोलने का तरीका, स्टेप दर स्टेप
MT4 पर ट्रेड खोलना अपने-आप में बहुत आसान काम है, लेकिन हर स्टेप को समझ लेना जरूरी है ताकि ट्रेडिंग सही ढंग से हो सके। पोजीशन खोलने का सिलसिला कुछ इस तरह चलता है।
कोट्स सेक्शन खोलें: सबसे पहले MT4 के कोट्स सेक्शन में जाएं। यहीं आपको उपलब्ध सभी एसेट की सूची मिलेगी।
ट्रेड ऑप्शन चुनें: जिस एसेट पर सौदा करना है उसे चुनने के बाद ट्रेड ऑप्शन पर जाएं। इससे ट्रेडिंग विंडो खुल जाएगी, जहां आप अपना ऑर्डर सेट कर सकते हैं।
ऑर्डर का प्रकार चुनें: अब आपको तय करना होगा कि किस तरह का ऑर्डर लगाना है।
- मार्केट ऑर्डर: यह मौजूदा बाजार भाव पर तुरंत लग जाता है।
- पेंडिंग ऑर्डर: यह तभी लगता है जब बाजार किसी तय भाव तक पहुंच जाता है।
ट्रेड वॉल्यूम तय करें: इसके बाद अपनी पोजीशन का आकार तय करें। इसे आमतौर पर लॉट में मापा जाता है।
स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट सेट करें: इसी स्टेज पर आप अपने स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट के स्तर भी तय कर सकते हैं। ये दोनों पैरामीटर जोखिम संभालने और तय लक्ष्य पर पहुंचते ही मुनाफा पक्का करने में मदद करते हैं।
ट्रेड लगाएं: आखिर में बाय या सेल पर क्लिक करके अपना सौदा कर दें। अगर सारे पैरामीटर सही हैं तो ट्रेड हो जाएगा। अगर कहीं कोई गड़बड़ी होगी तो प्लेटफॉर्म आपको आगाह कर देगा और सौदा आगे नहीं बढ़ने देगा।
आप चाहें तो सीधे चार्ट से भी ट्रेड कर सकते हैं। इसके लिए जिस एसेट पर सौदा करना है उस पर राइट-क्लिक करके ट्रेड चुनें। इसके अलावा MT4 में वन-क्लिक ट्रेडिंग की सुविधा भी है, जिससे आप बस एक क्लिक में तुरंत ट्रेड कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया और भी तेज हो जाती है।
मार्केट ऑर्डर क्या होते हैं
मार्केट ऑर्डर मौजूदा बाजार भाव पर तुरंत लग जाते हैं। ये उन सौदों के लिए होते हैं जिनमें फौरन एंट्री या एग्जिट की जरूरत हो। जैसे ही यह ऑर्डर लगता है, एक ट्रेड पोजीशन खुल जाती है। खरीद आस्क (ASK) भाव पर होती है और बिक्री बिड (BID) भाव पर। इसके साथ ही मार्केट ऑर्डर में स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट ऑर्डर भी जोड़े जा सकते हैं।
पेंडिंग ऑर्डर की खासियत
पेंडिंग ऑर्डर से आप भविष्य में पोजीशन खोलने के लिए पहले से शर्तें तय कर सकते हैं। इसके चार मुख्य प्रकार होते हैं। इन ऑर्डर को कभी भी रद्द या बदला जा सकता है। आप इन पर एक्सपायरी तारीख भी लगा सकते हैं, यानी अगर उस तारीख तक ऑर्डर नहीं लगा तो वह अपने-आप रद्द हो जाएगा।
जोखिम संभालने वाले जरूरी टूल
MT4 ट्रेडर को कुछ ऐसे टूल देता है जो नुकसान को काबू में रखने और मुनाफे को पक्का करने में मदद करते हैं।
- स्टॉप लॉस: यह ट्रेड को तब अपने-आप बंद कर देता है जब नुकसान पहले से तय एक स्तर तक पहुंच जाता है।
- टेक प्रॉफिट: जैसे ही मुनाफा तय लक्ष्य तक पहुंचता है, यह पोजीशन को बंद कर देता है।
- ट्रेलिंग स्टॉप: यह जोखिम संभालने वाला एक गतिशील टूल है, जो बाजार भाव के साथ-साथ खिसकता रहता है। यह मुनाफे को लॉक करता जाता है और साथ ही आगे और बढ़त की गुंजाइश भी बनाए रखता है।
खुली पोजीशन को संभालना और बंद करना
एक बार ट्रेड खुल जाने के बाद MT4 आपको पोजीशन को अच्छी तरह संभालने के कई टूल देता है। आप सीधे चार्ट से ही स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट के स्तर बदलकर अपनी खुली पोजीशन में फेरबदल कर सकते हैं। इससे बाजार की चाल के हिसाब से आप उसी वक्त बदलाव कर पाते हैं। किसी पोजीशन को बंद करने के लिए आपके पास कई विकल्प होते हैं।
- मैनुअल क्लोजर: टर्मिनल में उस ट्रेड पर राइट-क्लिक करें और क्लोज ऑर्डर चुनें।
- क्विक बटन: हर खुली पोजीशन के पास दिए गए क्लोज बटन से आप उसे तुरंत बंद कर सकते हैं।
- पार्शियल क्लोजर: आप चाहें तो अपनी पोजीशन का सिर्फ एक हिस्सा बंद करके कुछ मुनाफा पक्का कर सकते हैं और बाकी हिस्सा खुला रख सकते हैं। इसके लिए उस ट्रेड पर राइट-क्लिक करें, मॉडिफाई या डिलीट ऑर्डर चुनें और डायलॉग बॉक्स में उतने लॉट डालें जितने आप बंद करना चाहते हैं। फिर मार्केट एग्जीक्यूशन चुनकर अपनी कार्रवाई की पुष्टि कर दें।
MT4 ऐप की मदद से भी आप खुली पोजीशन और पेंडिंग ऑर्डर दोनों को संभाल सकते हैं। यूजर स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट समेत ऑर्डर के पैरामीटर बदल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर खुली पोजीशन को खुद बंद भी कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आपकी पोजीशन चाहे ऐप में खुली हो, वेब वर्जन में या डेस्कटॉप प्लेटफॉर्म पर, आप उन सबको एक ही जगह से आसानी से संभाल सकते हैं। MT4 के हर वर्जन में सारी गतिविधियां आपस में सिंक रहती हैं, जिससे ट्रेडिंग का अनुभव हर जगह एक जैसा और जुड़ा हुआ बना रहता है।
स्लिपेज से सावधान रहें
ट्रेडिंग करते समय स्लिपेज को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। स्लिपेज तब होता है जब आपका ऑर्डर उस भाव से अलग भाव पर लगता है जो आपने मांगा था। यह अक्सर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के दौरान होता है। इसका असर आपके सौदों के लगने पर पड़ सकता है, खासकर तब जब बाजार में कोई बड़ी हलचल चल रही हो।













