हरियाणा के पानीपत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर हर्षद कुमार की लूटपाट के दौरान हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है और इस मामले में तीन शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अनसुलझी पहेली से जुड़े पूरे घटनाक्रम को सामने रखा।
एसपी भूपेंद्र सिंह के अनुसार, हर्षद कुमार बीती 1 जून की रात को हिसार से पानीपत लौटे थे। शहर पहुंचने के बाद वे सेक्टर-25 में स्थित मित्तल मॉल के पिछले रास्ते से पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे थे।
घर लौटते वक्त हर्षद कुमार अपने मोबाइल फोन पर पत्नी से बातचीत कर रहे थे और उन्होंने थोड़ी ही देर में घर पहुंच जाने की बात कही थी। मगर जैसे ही उन्होंने फोन काटा, पहले से वहां घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
विरोध करने पर सिर में घोंपा पेचकस
बदमाशों ने हर्षद कुमार को बंधक बनाकर उनसे सोने की चेन, ब्रेसलेट और दूसरा कीमती सामान जबरन छीन लिया। जब हर्षद कुमार ने हार मानने के बजाय बदमाशों से डटकर भिड़ने की कोशिश की, तो आरोपी आपा खो बैठे और उनके सिर तथा गर्दन के पास नुकीला पेचकस घोंप दिया। इस जानलेवा हमले में हर्षद कुमार बुरी तरह जख्मी हो गए और आरोपी लूट का सामान लेकर मौके से भाग निकले।
पहली गिरफ्तारी के बाद बाईपास पर लाइव मुठभेड़
एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस अंधे कत्ल की पहेली को सुलझाने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। बुधवार को दिन के समय पुलिस टीम के हाथ पहली कामयाबी लगी, जब उसने दिल्ली के सुल्तानपुर निवासी आरोपी शरद उर्फ जोगी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए शरद उर्फ जोगी से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने बाकी साथियों के ठिकाने के बारे में बता दिया। उसकी निशानदेही पर जब पुलिस टीम बुधवार रात को दो अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए बापौली बाईपास पहुंची, तो खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
बदमाशों ने किए 2 फायर, पुलिस ने चलाईं 9 गोलियां
बाईपास पर खुद को कानून के शिकंजे में फंसता देख बदमाशों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए 2 राउंड फायर किए। पुलिस टीम ने भी अपने बचाव और आरोपियों को काबू में लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पुलिस की ओर से कुल 9 गोलियां चलाई गईं।
इस आमने-सामने की मुठभेड़ में पुलिस की गोलियां दो बदमाशों के पैरों में जा लगीं। सचिन के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि नवीन (निवासी सुभाष नगर, तहसील कैंप) के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगते ही दोनों बदमाश वहीं ढेर हो गए और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। घायल बदमाशों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा दिया गया।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। मुठभेड़ में घायल हुए नवीन और सचिन के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में लूटपाट के 3-3 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर वारदात में इस्तेमाल किया गया पेचकस और हर्षद कुमार से लूटी गई सोने की चेन व ब्रेसलेट बरामद करने की कोशिश करेगी।













