जो लोग फिटनेस और जिम की दुनिया से जुड़े हैं और अपने रोजाना के रूटीन में प्रोटीन शेक का अधिक सेवन करते हैं, उनके लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। कई बार अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने या भारी प्रोटीन शेक पीने के बाद सीने में जलन, एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर को प्रोटीन को तोड़ने और पचाने के लिए सामान्य से अधिक मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उत्पादन करना पड़ता है, जो पाचन नली में इस तरह की असुविधा को जन्म देता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा का कहना है कि शरीर के सही ढंग से काम करने के लिए प्रोटीन बेहद आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही आहार में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और अन्य जरूरी पोषक तत्व भी संतुलित मात्रा में होने चाहिए। यदि आपकी डाइट में यह संतुलन नहीं है, तो आपको अपने रोजाना के भोजन में बदलाव करने की आवश्यकता है। शरीर में मांसपेशियों के विकास, ऊतकों की मरम्मत और तमाम आंतरिक क्रियाओं के लिए यह पोषक तत्व अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, कई बार पाचन शक्ति कमजोर होने के कारण शरीर खाए गए प्रोटीन को पूरी तरह सोख नहीं पाता, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य दिक्कतें भी उभरने लगती हैं। यदि आप पौष्टिक भोजन करने के बावजूद दिनभर सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका पाचन तंत्र प्रोटीन को सही से पचा नहीं पा रहा है।
प्रोटीन न पचने के 5 प्रमुख संकेत
कमजोर पाचन तंत्र - पेट में लगातार गैस बनना या ब्लोटिंग की शिकायत रहना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपका शरीर प्रोटीन को ठीक से विघटित नहीं कर पा रहा है। इस प्रक्रिया के लिए पर्याप्त डाइजेस्टिव एंजाइम्स की जरूरत होती है और इनकी कमी के कारण पेट में सूजन और असहजता पैदा होती है।
मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी - चूंकि प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी टूट-फूट की मरम्मत का मुख्य स्रोत है, इसलिए इसके सही से न पचने पर मसल्स को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में कमजोरी, ऐंठन और मांसपेशियों में दर्द रहने लगता है।
वजन घटना और भूख न लगना - प्रोटीन ठीक से डाइजेस्ट न होने पर शरीर को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है और भूख भी प्रभावित होती है।
घाव भरने में देरी - जब शरीर प्रोटीन को प्रभावी ढंग से अवशोषित नहीं कर पाता है, तो चोट या खरोंच जैसी सामान्य शारीरिक क्षति को ठीक होने में अधिक समय लगता है और शरीर बहुत जल्दी थक जाता है।
शारीरिक बदलाव - शरीर में प्रोटीन की कमी या उसके ठीक से न पचने के बाहरी लक्षणों में नाखूनों का आसानी से टूटना, बालों का कमजोर होकर झड़ना और त्वचा का अत्यधिक रूखा होना शामिल है।
पाचन सुधारने और एसिडिटी से बचने के जरूरी सुझाव
डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार यदि आपको भोजन के तुरंत बाद थकान महसूस होती है, तो आपको अपनी दिनचर्या में कुछ खास बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि पाचन प्रक्रिया दुरुस्त हो सके।
- अपनी दैनिक थाली में प्रोटीन के साथ-साथ पर्याप्त फाइबर और कार्बोहाइड्रेट शामिल करें, जिसमें दाल, दही और सलाद को प्राथमिकता दें।
- एक ही बार में बहुत अधिक खाना खाने से बचें और हमेशा तय समय पर सीमित मात्रा में ही भोजन करें।
- खाने को हमेशा अच्छी तरह चबाकर खाएं और यदि आप प्रोटीन शेक का सेवन कर रहे हैं, तो उसे एक साथ गटकने के बजाय धीरे-धीरे पिएं।
- भोजन करने के तुरंत बाद पानी पीने से बचें और कम से कम एक घंटे का अंतराल रखें, साथ ही एक बार में बहुत सारा पानी न पिएं।
- बहुत अधिक भारी या अत्यधिक प्रोसेस्ड प्रोटीन उत्पादों के सेवन से दूरी बनाएं क्योंकि ये पाचन तंत्र को कमजोर करते हैं।
यदि आप इन सभी जरूरी बातों का नियमित पालन करते हैं, तो आप प्राकृतिक तरीकों से अपने प्रोटीन सेवन को संतुलित कर सकते हैं और शरीर को इसके पूरे पोषक तत्व बिना किसी परेशानी के मिल सकते हैं।



















