शक्तिमान और महाभारत जैसे प्रतिष्ठित धारावाहिकों के जरिए घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर काफी सक्रिय रहते हैं। वह देश-दुनिया के विभिन्न मुद्दों पर अपनी दो टूक राय रखने के लिए खासे जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने तंबाकू और पान मसाला के विज्ञापनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के मामले में बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इन विज्ञापनों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की खुलकर प्रशंसा की है, हालांकि उनका यह भी मानना है कि ऐसी व्यवस्थाओं को थोड़ा और जल्दी कदम उठाना चाहिए था।
एफडीए की कार्रवाई पर खुलकर रखी अपनी बात
कुछ समय पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े फिल्मी सितारों को पान मसाला के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश खन्ना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वह सरकारी मशीनरी द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई की सराहना करते नजर आते हैं, साथ ही विज्ञापनों में इस्तेमाल किए जाने वाले अंदाज और शैली पर भी तीखे सवाल खड़े करते हैं। उनका कहना है कि देश के इतने बड़े और लोकप्रिय कलाकारों को इस तरह के हानिकारक उत्पादों का समर्थन करने की आखिर क्या मजबूरी हो सकती है।
सरकारों द्वारा संज्ञान लेने पर क्या बोले अभिनेता
अपने वीडियो संदेश के दौरान अभिनेता ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनकी आवाज और आपत्तियों को आखिरकार प्रशासनिक स्तर पर सुना गया। उन्होंने कहा कि एफडीए की तरफ से इन तीनों नामचीन कलाकारों को नोटिस भेजा जाना एक उचित कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कभी-कभी उन्हें ऐसा लगता है कि सरकार उनकी बातों पर ध्यान तो देती है, लेकिन इस प्रक्रिया में काफी देर हो जाती है। खुद शानदार जीवनशैली का आनंद लेने वाले ये सितारे जब आम जनता को गलत राह पर ले जाने वाले उत्पादों का प्रचार करते हैं, तो वह स्थिति बेहद निराशाजनक हो जाती है।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निकाली अपनी भड़ास
वीडियो के साथ लिखे गए अपने विस्तृत कैप्शन में अभिनेता ने केसरिया रंग और आदाब की शैली के गलत इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि केसरिया रंग कभी भी ऐसे विज्ञापनों के लिए नहीं होता है, बल्कि यह हमेशा शौर्य, साहस और पराक्रम का प्रतीक रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि जब कोई व्यक्ति कैमरे पर अभिवादन करते हुए इशारों में लोगों को गुटखा खाने की सलाह देता है, तो यह देखकर गहरी शर्म महसूस होती है। जब समाज के चहेते कलाकार ही इस तरह की हरकतों में शामिल हो जाते हैं, तो नैतिक पतन की सारी सीमाएं पार हो जाती हैं।
युवाओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर जताई चिंता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि इतनी शोहरत और दौलत कमाने के बाद भी ये कलाकार ऐसे भद्दे विज्ञापनों का हिस्सा क्यों बनते हैं। उनके पास युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाने और उन्हें सुधारने की ताकत होती है, फिर वे चंद पैसों के लालच में उन्हें बिगाड़ने वाले विज्ञापनों का समर्थन क्यों करते हैं। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा कि भले ही थोड़ी देर से सही, लेकिन आखिरकार एफडीए की नींद खुली और इन सितारों को नोटिस भेजा गया। वे मानते हैं कि ये सुपरस्टार्स युवाओं को प्रेरणा दे सकते हैं, लेकिन वे थोड़े से वित्तीय लाभ के लिए लोगों को गलत रास्ते पर धकेल रहे हैं। इस विषय पर वह पहले भी कई बार अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।


















