हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। बुधवार के दिन कीरतपुर मनाली फोरलेन पर स्थित भराड़ी पुल के पास दिनदहाड़े एक युवक पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला किया गया। यह पूरी वारदात मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई, जिसके कारण कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। हमले का शिकार हुआ सन्नी गिल नामक युवक साल 2024 के एक चर्चित गोलीकांड का आरोपी है। इस खूनी झड़प के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल कड़ा एक्शन लिया है और सुरक्षा में कोताही बरतने वाले कर्मियों को दंडित किया गया है। वहीं हमलावरों की मदद करने वाले शख्स को भी दबोच लिया गया है।
पुलिस की आंखों के सामने खूनी वारदात और एक्शन
यह पूरी घटना उस समय हुई जब लुधियाना के हीरा मोहल्ला का निवासी सन्नी गिल बिलासपुर की अदालत में अपनी नियमित पेशी के लिए बस से उतरा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही सन्नी बस से नीचे आया, वहां पहले से मौजूद सौरभ उर्फ फांदी नाम के युवक से उसकी किसी बात पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। यह बहस जल्द ही हिंसक हो गई और सौरभ ने अचानक कुल्हाड़ी निकालकर सन्नी पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस हमले में सन्नी गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में घायल सन्नी हमलावर के रूप में सौरभ का नाम लेता हुआ दिखाई दे रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी सौरभ अपने एक अज्ञात साथी के साथ मौके से भाग निकला। हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह जानलेवा हमला हुआ, वहां से कुछ ही दूरी पर एक पुलिस बूथ भी स्थापित है।
लापरवाह सुरक्षाकर्मियों पर गिरी गाज, मुकदमा दर्ज
सरेआम हुई इस हिंसक घटना के वक्त मौके पर एक पुलिस कांस्टेबल और एक होमगार्ड के जवान तैनात थे। पुलिस की उपस्थिति के बावजूद हमलावर का वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग जाना एक गंभीर चूक माना गया है। इसके चलते उच्चाधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही, होमगार्ड के जवान की प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर उसे उसके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। पुलिस थाना सदर में इस पूरी वारदात के संबंध में मुकदमा नंबर 167/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की विभिन्न धाराओं 126(2), 115(2), 352, 351(2) और 109 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पंचायत प्रधान के पति की गिरफ्तारी और कार जब्त
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में वारदात के दौरान हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी को ट्रैक कर लिया गया है। इस गाड़ी के मालिक धीरज धर्माणी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 42 वर्षीय धीरज धर्माणी घुमारवीं के करंगोड़ा गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि धीरज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह मिली है कि गिरफ्तार आरोपी धीरज धर्माणी की पत्नी करंगोड़ा ग्राम पंचायत की मौजूदा प्रधान हैं। पुलिस अब धीरज से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश में उसकी भूमिका किस स्तर की थी और उसने हमलावरों की मदद क्यों की।
रेलवे प्रोजेक्ट और पुरानी रंजिश का काला इतिहास
इस ताजा हमले की जड़ें दरअसल साल 2024 में हुए एक पुराने गोलीकांड से जुड़ी हुई हैं। बिलासपुर कोर्ट परिसर के समीप साल 2024 में सौरभ उर्फ फांदी पर गोलीबारी की गई थी, जिसमें सन्नी गिल मुख्य आरोपी था। बुधवार को सन्नी इसी मामले में अपनी अदालती पेशी भुगतने के लिए बिलासपुर आया हुआ था, जहां सौरभ ने बदला लेने के लिए उस पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस रंजिश की पृष्ठभूमि काफी लंबी है, जिसमें पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और उनके परिवार का नाम भी जुड़ चुका है। सौरभ पर पूर्व में बंबर ठाकुर पर हमला करने का भी आरोप लगा था। जब सौरभ पर कोर्ट परिसर के पास गोली चली थी, तब उस मामले में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के बेटे का नाम सामने आया था और उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बाद होली के दिन खुद पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर भी गोलीबारी की गई थी। इस पूरे खूनी खेल के पीछे इलाके में बन रही रेलवे लाइन के निर्माण कार्यों के ठेके हासिल करने की आपसी प्रतिद्वंद्विता और वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है। आरोपी सौरभ उर्फ फांदी का एक और पुराना मामला भी है, जब जंगल में अवैध हथियारों से फायरिंग का अभ्यास करते हुए उसका एक वीडियो वायरल हुआ था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।











