मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सुरक्षा के दावों पर सवाल उठाते हुए एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। भुईमाड थाना परिसर के भीतर एक युवक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मंगलवार को जब यह वारदात हुई, तो मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी सकते में आ गए क्योंकि हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के सीधे हेड कांस्टेबल को निशाना बनाया।
हमले की पूरी घटना
पीड़ित हेड कांस्टेबल का नाम बालवीर निखरे है। घटना के वक्त वह थाने के भीतर बैठकर अपने विभागीय कार्यों में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, गैवटा गांव का रहने वाला ओमप्रकाश दुबे अचानक थाने के अंदर दाखिल हुआ और उसने बालवीर निखरे पर लाठी से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि वहां मौजूद बाकी पुलिसकर्मियों को स्थिति को नियंत्रित करने और संभलने का समय ही नहीं मिला। हालांकि, थोड़ी देर बाद अन्य जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और उसे फौरन हिरासत में ले लिया गया।
अस्पताल में जारी है उपचार
इस क्रूर हमले के कारण हेड कांस्टेबल बालवीर निखरे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय, सीधी रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस घटना के पीछे की असली वजह क्या थी।
पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताई आपबीती
खुद पर हुए हमले के बारे में जानकारी देते हुए घायल हेड कांस्टेबल बालवीर निखरे ने बताया कि वह उस समय थाने में क्राइम मीटिंग के लिए जरूरी नक्शा तैयार करवा रहे थे। उन्होंने कहा, 'एक लड़का आया और कंप्यूटर रूम के बाहर खड़े होकर मुझे बाहर निकलने के लिए धमकाने लगा। इसके बाद उसने खिड़की पर लाठी से हमला शुरू कर दिया। जब मैंने उसे समझाने की कोशिश की, तो उसने मुझ पर ही हमला कर दिया। उसने पहले मेरे पैर पर चोट पहुंचाई और फिर सिर पर लाठी से प्रहार किया। इस हमले के कारण मेरे सिर में कई टांके आए हैं।' वर्तमान में पुलिस आरोपी ओमप्रकाश दुबे से पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह हमला किसी पुरानी रंजिश का परिणाम था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्तिगत विवाद छिपा है।











