झारखंड की राजधानी रांची से महज 15 KM की दूरी पर ओरमांझी-अनगड़ा मार्ग प्राकृतिक प्रेमियों के लिए एक बेहद खूबसूरत ठिकाना बन चुका है। घने जंगलों और कल-कल बहते झरनों से घिरे इस क्षेत्र को लोग प्यार से 'मिनी मनाली' कहने लगे हैं। मानसून के मौसम में जब चारों तरफ हरियाली छा जाती है, तो यहां का दृश्य और भी अधिक मनमोहक हो जाता है। इस मार्ग की शांत आबोहवा और प्राकृतिक सुंदरता इतनी आकर्षक है कि लोग केवल लॉन्ग ड्राइव का आनंद लेने के लिए 40 किलोमीटर दूर से यहां खींचे चले आते हैं।
गूंगा गांव का सुरम्य दृश्य और ग्रामीणों का जीवन
इस मार्ग पर आगे बढ़ने पर गूंगा गांव पड़ता है, जो अपनी सादगी और प्राकृतिक बनावट के कारण किसी बॉलीवुड फिल्म के सेट जैसा प्रतीत होता है। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियों के बीच मिट्टी के बने साफ-सुथरे छोटे घर पर्यटकों का ध्यान खींचते हैं। स्थानीय निवासी संगा बताते हैं कि गांव के लोग मिट्टी की झोपड़ियों में रहते हैं और उनका जीवन पूरी तरह से कुदरत पर निर्भर है। ग्रामीण सूखी लकड़ियां चुनते हैं और गाय, भैंस व बकरी पालकर दूध बेचकर अपना जीवन-यापन करते हैं। गांव के पास छोटे-छोटे खूबसूरत झरने बहते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को ग्रामीण झालमुड़ी और स्थानीय स्नैक्स बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं।
मिनी मनाली की यात्रा से पहले सुरक्षा और जरूरी सावधानियां
यदि आप इस मनोरम स्थल की यात्रा का कार्यक्रम बना रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यह क्षेत्र काफी सुनसान और शांत रहता है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिलाओं को अकेले जाने के बजाय दोस्तों या परिवार के साथ ग्रुप में यात्रा करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, इस रास्ते पर ढाबों और दुकानों का अभाव है। सबसे नजदीकी ढाबा भी 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर मिलता है, इसलिए पर्यटकों को अपने साथ खाने-पीने की सामग्री और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल जरूर ले जाना चाहिए।





















