बीकानेर में चीनी की कीमतों में उछाल से फीकी पड़ी त्योहारों की मिठास, मिठाई खरीदना हुआ महंगानेपाल में प्रलयकारी बाढ़ और तबाही के बीच भारत के सहयोग की सराहना, राष्ट्रपति और वित्त मंत्री ने की खुलकर तारीफमथुरा में शादी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, पुलिस ने दो पुरुषों और एक लुटेरी दुल्हन को दबोचावरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा है आठ प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न, फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर बंपर फायदे की पूरी जानकारीबिना चायपत्ती के छोले में लाएं ढाबे जैसा रंग, अपनाएं अनार के छिलके की यह अनोखी ट्रिकपरबतसर के वीर तेजा पशु मेले में नागौरी बैलों की धूम, पंजाब और हरियाणा से पहुंच रहे खरीदारडूंगरपुर में बेटे ने की पिता की हत्या, जमीन विवाद के चलते कुल्हाड़ी से वार कर दिया था अंजामरोजाना एक लौंग चबाने से सेहत पर क्या असर होता है, जानिए इसके फायदेमौसम बदलने पर खांसी और जुकाम से राहत दिला सकता है यह खास प्राणायामरक्षाबंधन पर छाया बॉलीवुड हसीनाओं का देसी अंदाज, भारी लहंगों की जगह सलवार-कुर्ता बना फैशन की नई पसंद
अंबाला में मौसम बदलते ही वायरल बुखार का प्रकोप, ओपीडी में उमड़ रहे मरीजहरियाणा
29 अग॰ 2026, 5:22 pm (57 मिनट पहले)· 3

अंबाला में मौसम बदलते ही वायरल बुखार का प्रकोप, ओपीडी में उमड़ रहे मरीज

अंबाला में मौसम के मिजाज बदलते ही वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक ओपीडी में हर रोज बड़ी संख्या में पीड़ित पहुंच रहे हैं।

अंबाला में बरसात के जाने और मौसम में बदलाव का दौर शुरू होने के साथ ही लोगों की सेहत पर इसका प्रतिकूल प्रभाव साफ नजर आने लगा है। इन दिनों अंबाला में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अंबाला छावनी स्थित नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक ओपीडी में रोजाना बड़ी तादाद में मरीज पहुंच रहे हैं, जो इस मौसमी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। अस्पतालों में आने वाले लोगों में बुखार के साथ-साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहने और कई मामलों में सीने में जकड़न जैसी गंभीर शिकायतें देखी जा रही हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया है, जिसके चलते स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

शुरुआती लापरवाही बन रही है बड़ी समस्या

शुरुआती दौर में कई लोग इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को आम मौसमी बुखार मानकर अनदेखा कर देते हैं। वे घरेलू नुस्खों या बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेकर काम चलाते हैं। लेकिन जब बुखार के साथ-साथ खांसी, गले का दर्द और शारीरिक कमजोरी बढ़ने लगती है, तब उनकी हालत बिगड़ती है और उन्हें मजबूरन अस्पताल का रुख करना पड़ता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में थोड़ी सी भी असावधानी न केवल मरीज के लिए परेशानी का सबब बनती है, बल्कि घर के दूसरे सदस्यों को भी संक्रमण की चपेट में ला सकती है।

ये भी पढ़ें

आयुर्वेदिक ओपीडी में बढ़ रही है मरीजों की भीड़

नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी में सेवाएं दे रहे आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र वर्मा के अनुसार, इन दिनों आयुर्वेद ओपीडी में वायरल फीवर से पीड़ित लोगों का तांता लगा हुआ है। रोजाना आने वाले इन मरीजों में बुखार के अतिरिक्त गला खराब होना, खांसी और लगातार नाक बहने जैसे प्रमुख लक्षण पाए जा रहे हैं। कुछ खास मामलों में मरीजों को वायरल संक्रमण की वजह से सीने में जकड़न और सांस लेने में हल्की परेशानी की शिकायत भी होती है। डॉक्टरों की सलाह है कि इस तरह के लक्षणों को हल्के में लेकर लंबे समय तक नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें।

संक्रमण रोकने के लिए स्वच्छता और सतर्कता जरूरी

डॉ. वर्मा का कहना है कि वायरल संक्रमण का सबसे बड़ा पहलू इसका तेजी से फैलना है। यदि परिवार के किसी एक व्यक्ति को वायरल बुखार हो जाता है, तो घर के बाकी सदस्यों में भी इसके फैलने की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है। इस जोखिम को कम करने के लिए जरूरी है कि मरीज के आसपास के हिस्से में पूरी साफ-सफाई रखी जाए और लोग अपने हाथों को साबुन से बार-बार धोएं। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति को भी दूसरों के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

खान-पान और दिनचर्या में बदलाव की आवश्यकता

इस बदलते मौसम के दौरान लोगों को अपनी दिनचर्या और खान-पान का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ-साथ गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। फ्रिज की या बहुत अधिक ठंडी चीजों के सेवन से पूरी तरह परहेज करें। साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन करें। आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार इस दौरान लक्षणों के आधार पर पारंपरिक औषधियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें सितोपलादि चूर्ण, गिलोय सत्व, त्रिफला चूर्ण और महासुदर्शन चूर्ण या क्वाथ प्रमुख हैं। हालांकि, किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि का सेवन हमेशा चिकित्सक के परामर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।

कब लें डॉक्टर की सलाह

मौसम में बदलाव के इस समय में श्वसन तंत्र से जुड़े संक्रमण बहुत तेजी से फैलते हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार रहता है, खांसी बंद नहीं होती, सांस लेने में तकलीफ होती है या सीने में अत्यधिक जकड़न महसूस होती है, तो बिना किसी देरी के योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है और रिकवरी भी तेजी से होती है।

सवाल-जवाब

अंबाला में इन दिनों किस बीमारी के मरीज बढ़ रहे हैं?
अंबाला में मौसम बदलने के कारण इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मरीजों में मुख्य रूप से कौन-से लक्षण दिखाई दे रहे हैं?
मरीजों में बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहने और सीने में जकड़न जैसी शिकायतें मिल रही हैं।
नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी में मरीज कहां पहुंच रहे हैं?
बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल की आयुर्वेदिक ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर जितेंद्र वर्मा के अनुसार संक्रमण से बचने का क्या उपाय है?
डॉक्टर वर्मा के अनुसार मरीजों को दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
वायरल बुखार के दौरान आयुर्वेद में किन औषधियों का जिक्र है?
इस दौरान सितोपलादि चूर्ण, गिलोय सत्व, त्रिफला चूर्ण और महासुदर्शन चूर्ण जैसी औषधियों का पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·42 मिनट पहले

मौसम बदलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ना इस बात का संकेत है कि जिला अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के लिए अग्रिम तैयारियों की समीक्षा जरूरी है। यदि ओपीडी में मरीजों की यह भीड़ समय पर नियंत्रित नहीं हुई, तो संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज़ी से फैल सकता है, जिससे प्रशासनिक मशीनरी और स्वास्थ्य विभाग के संसाधनों की परीक्षा होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 मिनट पहले

मौसम बदलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ना इस बात का संकेत है कि जिला अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के लिए अग्रिम तैयारियों की समीक्षा जरूरी है। यदि ओपीडी में मरीजों की यह भीड़ समय पर नियंत्रित नहीं हुई, तो संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज़ी से फैल सकता है, जिससे प्रशासनिक मशीनरी और स्वास्थ्य विभाग के संसाधनों की परीक्षा होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR