ओडिशा और झारखंड के रेल नेटवर्क को जल्द बड़ा बूस्ट मिलने वाला है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने रेल मंत्रालय के दो अहम मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन प्रोजेक्ट्स से दोनों राज्यों के चार जिलों में रेलवे की क्षमता और सुविधा में बड़ा इजाफा होने वाला है।
किन दो प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी
मंजूर किए गए दोनों प्रोजेक्ट्स में पहला है पारादीप और हरिदासपुर के बीच रेल लाइन की डबलिंग, यानी यहां अब दो की जगह एक और ट्रैक जुड़ जाएगा। दूसरा प्रोजेक्ट राजखरसावां और डांगोआपोसी के बीच चौथी लाइन बिछाने का है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कुल 3907 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इन्हें साल 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
145 किलोमीटर बढ़ेगा रेल नेटवर्क
इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद इस रूट का रेलवे नेटवर्क करीब 145 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा। लाइन की क्षमता बढ़ने से ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और भारतीय रेलवे की ओवरऑल क्षमता में भी सुधार आएगा। दरअसल यह पूरा मल्टी ट्रैकिंग प्लान इसलिए तैयार किया गया है ताकि इस रूट पर ट्रेनों के परिचालन में आ रही दिक्कतें दूर हों और ट्रैक पर बढ़ती भीड़भाड़ यानी कंजेशन कम हो सके।
1526 गांवों की बदलेगी तस्वीर
यह मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट सिर्फ रेल पटरियां बिछाने भर का काम नहीं है, बल्कि इससे ओडिशा और झारखंड के करीब 1526 गांवों की कनेक्टिविटी में सीधा सुधार आएगा। इन गांवों की कुल आबादी लगभग 14 लाख के आसपास है, यानी सीधे तौर पर लाखों लोगों का रोजमर्रा का सफर पहले से कहीं आसान हो जाएगा।
पर्यटन और खनिज परिवहन को भी फायदा
रेल क्षमता बढ़ने का असर इलाके के पर्यटन पर भी दिखेगा। इस विस्तार से ललितगिरी बौद्ध कॉम्प्लेक्स, बलदेवजू मंदिर और मेघाहातुबुरु हिल्स जैसी लोकप्रिय जगहों तक रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इसके अलावा यह इलाका खनिज संपदा से भरपूर है, इसलिए यह मल्टी ट्रैकिंग रूट कोयला, आयरन, लाइमस्टोन और जिप्सम जैसे खनिजों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी एक अहम कड़ी साबित होगा।











