राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक बेहद महत्वपूर्ण तीन दिवसीय मंथन शिविर कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित होने जा रहा है। आगामी 10 से 12 जुलाई तक चलने वाली इस अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक को संगठन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित हो रही है। इस बैठक में देशभर के अलग-अलग हिस्सों से प्रांत प्रचारक और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होकर भविष्य की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख पदाधिकारी और प्रतिनिधि
बेलगावी में आयोजित होने वाले इस बड़े वैचारिक मंथन में संगठन के लगभग सभी स्तरों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। देशभर के 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों से आने वाले प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और सह क्षेत्र प्रचारक इस तीन दिवसीय आयोजन में मुख्य रूप से हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े 32 विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
अगर शीर्ष नेतृत्व की बात करें, तो बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्यों सहित संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत निर्धारित समय से पहले ही यानी 6 जुलाई को बेलगावी पहुंच चुके हैं ताकि आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
पिछले कार्यों की समीक्षा और शाखाओं के विस्तार की योजना
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस बैठक के मुख्य एजेंडे के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय विचार-विमर्श के दौरान पिछले एक वर्ष में किए गए सांगठनिक कार्यों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। विशेष तौर पर, शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में शुरू किए गए शाखा विस्तार अभियान का पूरा आकलन किया जाएगा। इसके तहत उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां नई शाखाएं स्थापित करने में बड़ी सफलता मिली है और उन स्थानों की भी समीक्षा की जाएगी जहां प्रयास करने के बाद भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। इस मंथन के आधार पर आने वाले महीनों में अधिक से अधिक नई शाखाएं शुरू करने के लिए एक कारगर रणनीति बनाई जाएगी।
इसके साथ ही, बैठक में पिछले दिनों आयोजित हुए संघ के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की उपलब्धियों और उनके अनुभवों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इस बात पर भी विचार करेंगे कि किस तरह समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ा जाए और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक रूप दिया जाए ताकि इसका संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम और राष्ट्रीय मुद्दों पर मंथन
संघ का शताब्दी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के रूप में मनाया जा रहा है, जो अगले वर्ष 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक जारी रहेंगे। बेलगावी की बैठक में इन कार्यक्रमों की आगामी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा, बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम और देश के विभिन्न क्षेत्रों के दौरों पर भी विस्तार से चर्चा होगी, ताकि वे स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों से सीधा संवाद कर सकें।
बैठक के दौरान देश के समसामयिक घटनाक्रमों, राष्ट्रीय परिस्थितियों और आगामी जनगणना जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान इन मुद्दों पर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी। हालांकि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी से जुड़ा मामला आधिकारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है, लेकिन अनौपचारिक तौर पर इस विषय पर भी संघ के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हो सकती है। कुल मिलाकर, बेलगावी की यह बैठक केवल एक नियमित सांगठनिक समीक्षा नहीं होगी, बल्कि यह आने वाले समय के लिए संघ की नई दिशा, वैचारिक प्रसार और सामाजिक पहुंच को तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी।











