कर्नाटक में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज होते ही मौसम की मार बढ़ गई है। IMD ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो, तीनों तरह के अलर्ट जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग ने चेताया है कि तटीय जिलों में 7 जुलाई तक कई दिन बेहद भारी बारिश हो सकती है, वहीं दक्षिण आंतरिक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में भी भारी से बहुत भारी बौछारें पड़ने के आसार हैं।
तटीय कर्नाटक के लिए हालात सबसे गंभीर बताए गए हैं। यहां 1, 2, 5, 6 और 7 जुलाई को रेड अलर्ट रखा गया है। इन दिनों कुछ जगहों पर बारिश 204.5 मिमी से भी ज्यादा हो सकती है। यह चेतावनी उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों पर लागू होती है, जहां लगातार तेज बारिश से नदियों का जलस्तर ऊंचा बना रहेगा और बाढ़ व भूस्खलन का खतरा बढ़ जाएगा।
तटीय इलाकों में कब कौन सा अलर्ट
रेड अलर्ट वाले दिनों के अलावा तटीय कर्नाटक में 3 और 4 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों कुछ स्थानों पर 115.5 मिमी से 204.4 मिमी के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।
ऑरेंज अलर्ट का दायरा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक भी बढ़ाया गया है, जो 5 से 7 जुलाई तक रहेगा। इस दौरान शिवमोग्गा, हासन, चिकमगलूर, कोडागु, मैसूर, बेंगलुरु और आसपास के जिलों में व्यापक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
आंतरिक कर्नाटक के लिए येलो अलर्ट
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 से 4 जुलाई तक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 1 से 7 जुलाई तक येलो अलर्ट लागू किया गया है। इन इलाकों में कुछ जगहों पर 64.5 मिमी से 115.4 मिमी तक भारी बारिश का अनुमान है।
भले ही यहां बारिश तटीय पट्टी जितनी भीषण न हो, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली बौछारें स्थानीय स्तर पर जलभराव, ट्रैफिक में रुकावट और दृश्यता कम होने की वजह बन सकती हैं।
कहां कितनी बारिश दर्ज हुई
ताजा आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक इस समय सक्रिय मानसून की चपेट में है। उत्तर कन्नड़ के अंकोला हिल्लूर में सबसे ज्यादा 134.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि उडुपी के गोलिहोल में 112.5 मिमी पानी बरसा। कारवार (बाड) में 110 मिमी बारिश हुई, वहीं उत्तर कन्नड़ के वरिलवाडा और उडुपी के पडुवरी में यह आंकड़ा 107.5 मिमी रहा।
मंगलुरु, कुंदापुरा, होन्नावर, बंटवाल, सिरसी, सागर, शिवमोग्गा, हासन और येल्लापुरा के कई केंद्रों पर भी 70 मिमी से 82 मिमी के बीच अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई है, जिससे संवेदनशील इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चिंता बढ़ गई है।
लोगों के लिए एहतियात
तेज बारिश के दौरान लोगों को घरों के भीतर रहने और बहुत जरूरी न हो तो यात्रा टालने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि लोग आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के समय बाढ़ या भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचें। यात्रियों को सोच-समझकर सफर की योजना बनानी चाहिए, जबकि संवेदनशील जगहों पर रहने वालों को बिजली, परिवहन और जरूरी सेवाओं में रुकावट के लिए तैयार रहने को कहा गया है। मछुआरों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है, क्योंकि कर्नाटक तट पर समुद्र के तेवर खराब रहने की आशंका है।













