स्कॉटियाबैंक का अनुमान, 1.41 के स्तर की ओर बढ़ सकता है ब्रिटिश पाउंडटॉम क्रूज़ बने डिगर रॉकवेल: आलेहांद्रो जी. इनारितु की नई अपोकैलिप्टिक कॉमेडी में दिखेगा अनोखा लुकतकनीक की मजबूती से चमकी एशियाई मुद्राएं, दक्षिण कोरियाई वॉन ने बनाई बढ़तघर की बालकनी में बिना बाजार के बीज उगाएं रसीले टमाटर, जानिए कटिंग से लेकर कटाई तक का आसान तरीकाबिहार लोकभवन की बड़ी कार्रवाई, दक्षता परीक्षा से दूर रहे 4 आशुलिपिकों को नौकरी से निकालाचित्रा नक्षत्र में शुक्र का गोचर लाएगा शुभ योग, 25 अगस्त से 3 राशियों की सुधरेगी आर्थिक स्थिति और करियरकरौली में आस्था और स्वाद का अनोखा संगम, विशाल भंडारों में कुंटलों आटे से तैयार होता है पुआ और काशीफलस्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'तेरे लिए' के 16 साल, कैलाश खेर का टाइटल ट्रैक आज भी सोशल मीडिया पर मचा रहा धमालयूरो और स्टर्लिंग में सीमित हलचल, यूके तथा यूरोज़ोन के पीएमआई आंकड़ों से पहले 0.8565 के करीब टिका जोड़ाUP T20 लीग में नोएडा किंग्स के 21 वर्षीय तेज गेंदबाज शुभम गौतम का जलवा, 143 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बरपा रहे कहर
कोलंबिया में अवैध सोने की खदान ढही, 13 खनिकों की दर्दनाक मौत और 7 घायललैटिन अमेरिका
20 अग॰ 2026, 8:23 pm (1 घंटे पहले)· 2

कोलंबिया में अवैध सोने की खदान ढही, 13 खनिकों की दर्दनाक मौत और 7 घायल

दक्षिणी कोलंबिया के नरीनो प्रांत में एक अनधिकृत सोने की खदान में भूस्खलन होने से 13 मजदूरों की जान चली गई और 7 अन्य घायल हो गए।

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया के दक्षिणी हिस्से में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां अवैध रूप से चल रही सोने की एक खुली खदान में अचानक भूस्खलन होने से कम से कम 13 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना बुधवार दोपहर को घटी, जब खदान की गहराई में मजदूर काम में जुटे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय प्रशासन और राहत कर्मियों ने भारी मशीनों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया और शवों को बाहर निकाला।

धमाके की आवाज के बाद ताश के पत्तों की तरह ढह गई खदान

हादसे के वक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार दोपहर को खुली सोने की खदान में अचानक एक तेज धमाका सुनाई दिया। धमाके के महज कुछ ही पलों बाद ऊपर से मिट्टी और चट्टानों का विशाल ढेर खदान में नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा। इस अचानक हुए भूस्खलन के कारण नीचे मौजूद खनिकों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला और वे भारी मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और आपातकालीन सेवा कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। पोकलेन और खुदाई करने वाली बड़ी मशीनों की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया गया और 13 शवों को बाहर निकाला जा सका।

ये भी पढ़ें

एक ही आदिवासी परिवार के चार लोगों ने गंवाई जान

इस हादसे में मारे गए लोगों से जुड़ी एक बेहद भावुक और दुखद जानकारी भी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, मृत 13 मजदूरों में से 4 लोग एक ही स्वदेशी आदिवासी परिवार के सदस्य थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। नरीनो प्रांत के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित पोलिकारपा के पास मौजूद इस खदान में लगभग 50 लोग नियमित रूप से काम किया करते थे। इनमें से अधिकांश मजदूर किलाकसिंगा स्वदेशी आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जो अपनी आजीविका चलाने के लिए इस जोखिम भरे काम पर निर्भर थे।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पारंपरिक खनन का संकट

कोलंबिया में अनधिकृत और बिना सरकारी लाइसेंस वाली खदानों में इस तरह के जानलेवा हादसे अक्सर होते रहते हैं। सरकारी देखरेख और सुरक्षा मानकों के अभाव में स्थानीय लोग कीमती धातुओं की तलाश में अपनी जान जोखिम में डालकर खुदाई करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, कोलंबिया में लगभग 2,00,000 से 4,00,000 लोग पारंपरिक और छोटे पैमाने के खनन कार्यों में लगे हुए हैं। इन गरीब परिवारों का गुजारा सोने और अन्य कीमती पत्थरों को खोजकर बेचने से मिलने वाली आय पर ही टिका हुआ है। पुख्ता सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण इन अवैध खदानों में आए दिन भूस्खलन और धंसने जैसी घटनाएं घटती रहती हैं।

सवाल-जवाब

कोलंबिया में खदान हादसा कहां हुआ?
यह हादसा दक्षिणी कोलंबिया के नरीनो प्रांत में स्थित पोलिकारपा के पास एक अवैध सोने की खदान में हुआ।
इस भूस्खलन हादसे में कितने लोगों की जान गई है?
इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 13 मजदूरों की मौत हुई है और 7 अन्य घायल हुए हैं।
भूस्खलन से ठीक पहले क्या हुआ था?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुले आसमान के नीचे स्थित इस सोने की खदान में भूस्खलन से ठीक पहले एक धमाके की आवाज सुनी गई थी।
खदान में काम करने वाले मजदूर किस समुदाय से थे?
खदान में काम करने वाले लगभग 50 मजदूरों में से अधिकांश किलाकसिंगा स्वदेशी आदिवासी समुदाय के सदस्य थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR