उत्तर प्रदेश T20 लीग के चौथे सीजन में नोएडा किंग्स के युवा तेज गेंदबाज शुभम गौतम अपनी कातिलाना रफ्तार और स्विंग गेंदबाजी से तहलका मचा रहे हैं। 21 वर्ष के इस गेंदबाज ने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की गति से लगातार गेंदबाजी करते हुए विरोधी टीमों के बल्लेबाजों की नाक में दम कर रखा है। बुलंदशहर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर क्रिकेट के इस बड़े मंच तक पहुंचने वाले शुभम ने अपने शुरुआती मैचों में ही अपनी असाधारण प्रतिभा की छाप छोड़ दी है।
टेनिस बॉल से शुरुआत और UPCA ट्रायल्स में पहचान
शुभम गौतम का क्रिकेट सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। बुलंदशहर जिले में स्थित डिबी नाम के एक छोटे गांव में रहने वाले शुभम ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। गांव की तंग गलियों और स्थानीय मैदानों पर टेनिस बॉल से तेज गेंदबाजी करते हुए उन्होंने अपनी गति को सुधारा। उनकी इस नैसर्गिक क्षमता को सही दिशा तब मिली जब उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) ने स्पीड बाउलिंग हंट अभियान का आयोजन किया।
नोएडा में आयोजित हुए इस विशेष ट्रायल में शुभम गौतम ने हिस्सा लिया। वहां उन्होंने अपनी जबरदस्त रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से चयनकर्ताओं का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया। चयनकर्ताओं को प्रभावित करने के बाद शुभम का चयन पेशेवर क्रिकेट के ढांचे में हो गया और यहीं से उनके एक पेशेवर तेज गेंदबाज बनने की राह खुली।
नीलामी में ₹21.5 लाख की बोली और मैदान पर प्रदर्शन
शुभम की प्रतिभा और रफ्तार को देखते हुए UPT20 लीग की फ्रेंचाइजी नोएडा किंग्स ने नीलामी में उन पर बड़ा दांव खेला। नोएडा किंग्स ने इस युवा खिलाड़ी को ₹21.5 लाख की भारी-भरकम राशि में अपनी टीम में शामिल किया। शुभम ने भी अपनी फ्रेंचाइजी के इस फैसले और भरोसे को मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन से पूरी तरह सही साबित किया है।
कानपुर सुपरस्टार्स के खिलाफ अपने डेब्यू मुकाबले में हालांकि शुभम को कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने 0/17 का बेहद किफायती स्पेल फेंककर विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद लखनऊ फाल्कन्स के खिलाफ खेले गए मैच में शुभम ने गेंद से कहर बरपाया। उन्होंने इस मैच में 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी और 5.50 की बेहतरीन इकोनॉमी से 22 रन देकर 3 बहुमूल्य विकेट चटकाए।
जोफ्रा आर्चर जैसा एक्शन और भुवनेश्वर कुमार का मार्गदर्शन
मैदान पर शुभम के गेंदबाजी एक्शन और उनकी शारीरिक बनावट को देखकर क्रिकेट विशेषज्ञ उनकी तुलना इंग्लैंड के धाकड़ तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर से कर रहे हैं। शुभम का रन-अप बहुत ही स्मूथ है और उनका हाई-आर्म एक्शन उन्हें पिच से अतिरिक्त उछाल और रफ्तार हासिल करने में मदद करता है। हालांकि शुभम स्वयं को पूरी तरह से आर्चर से अलग मानते हैं।
शुभम गौतम ने अपनी गेंदबाजी पर बात करते हुए कहा, "मेरी लंबाई जोफ्रा जितनी नहीं है, लेकिन मुझे उनकी तरह तेज गेंदबाजी करना पसंद है।" रफ्तार के साथ-साथ शुभम भारत के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को अपना आदर्श मानते हैं। वे भुवनेश्वर कुमार की तरह गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने और सीम मूवमेंट हासिल करने की कला सीख रहे हैं ताकि अपनी गेंदबाजी को और ज्यादा घातक बना सकें।
फिटनेस पर कड़ा ध्यान और आगामी सीजन के लक्ष्य
एक तेज गेंदबाज के रूप में अपने करियर को लंबा और सफल बनाने के लिए शुभम फिटनेस को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। वे स्प्रिंट वर्क, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कंडीशनिंग पर रोज कड़ी मेहनत करते हैं। इससे पहले शुभम को अंडर-19 और राज्य की अन्य टीमों के चयन कैंपों से निराशा हाथ लगी थी और वे टीम में जगह बनाने से चूक गए थे। लेकिन इस बार वे हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं।
शुभम का प्राथमिक लक्ष्य आगामी घरेलू क्रिकेट सीजन में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम में जगह पक्की करना है। वे रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के साथ-साथ अंडर-23 टीम में चयन हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। जिस निरंतरता, अनुशासन और रफ्तार के साथ शुभम UPT20 लीग में गेंदबाजी कर रहे हैं, उससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी में भी खेलते हुए नजर आ सकते हैं।


















