चावल धोने के बाद बचा पानी फेंकते हैं? पौधों के लिए है असरदार खाद, जानें फायदे और सही तरीकाजीवनशैली
3 घंटे पहले· 0

चावल धोने के बाद बचा पानी फेंकते हैं? पौधों के लिए है असरदार खाद, जानें फायदे और सही तरीका

चावल धोने या उबालने के बाद बचा पानी फेंकने के बजाय पौधों में डाला जाए तो यह एक असरदार और मुफ्त ऑर्गेनिक खाद की तरह काम करता है, जानें इसके फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका।

घर के आंगन या बालकनी में हरियाली रखना अब सिर्फ एक शौक नहीं रह गया है, बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून पाने का एक जरिया बन चुका है। एक छोटा सा हरा-भरा कोना दिनभर की थकान के बाद मन को राहत देता है। लेकिन पौधों की सही देखभाल न होने पर वे जल्दी मुरझाने और सूखने लगते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग उन्हें हरा-भरा बनाए रखने के लिए बाजार से महंगी खाद खरीदते हैं। जबकि रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली एक चीज से इसका सस्ता और असरदार विकल्प तैयार किया जा सकता है, यानी चावल धोने या उबालने के बाद बचा हुआ पानी। यह पानी आमतौर पर नाली में बहा दिया जाता है, जबकि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व घुले होते हैं जो पौधों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि पौधों में चावल का पानी डालने पर क्या असर होता है और इसे किस सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

पोषक तत्वों का भंडार है चावल का पानी

चावल के पानी में स्टार्च के अलावा नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे कई जरूरी तत्व मौजूद होते हैं। नाइट्रोजन पत्तियों के हरेपन और उनकी बढ़वार में मदद करता है, जबकि फास्फोरस जड़ों को मजबूती देने का काम करता है। पोटेशियम पौधे की समग्र सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, वहीं कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे तत्व पौधे की आंतरिक प्रक्रियाओं को ठीक तरह से चलाने में सहायक होते हैं। यही वजह है कि चावल के पानी को एक हल्के और पूरी तरह ऑर्गेनिक फर्टीलाइजर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जो महंगी खाद का किफायती और आसानी से उपलब्ध विकल्प बन जाता है।

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मिट्टी के गुड बैक्टीरिया को मिलता है बढ़ावा

चावल के पानी में मौजूद स्टार्च मिट्टी में रहने वाले गुड बैक्टीरिया और फंगस के लिए भोजन की तरह काम करता है। जब यह बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं, तो मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ जाती है और उसमें मौजूद ऑर्गेनिक मैटर पहले से ज्यादा तेजी से टूटने लगता है। इस प्रक्रिया से पौधों की जड़ों के आसपास पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ जाती है, जिससे पौधे इन्हें ज्यादा आसानी से सोख पाते हैं। नतीजा यह होता है कि पौधे की ग्रोथ पहले से बेहतर और तेज हो जाती है।

फूल और फल दोनों में दिखता है सुधार

चावल के पानी में मौजूद पोटेशियम और फास्फोरस की वजह से यह खासतौर पर फूलों वाले और इनडोर पौधों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसे नियमित रूप से पौधों में डालने पर उनमें कलियां पहले से ज्यादा संख्या में बनने लगती हैं। साथ ही फूलों का रंग भी पहले से कहीं ज्यादा निखर कर सामने आता है, जिससे पौधे देखने में और आकर्षक लगते हैं।

पौधों में चावल का पानी डालने का सही तरीका

चावल के पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ही इसका पूरा फायदा मिलता है, इसलिए इसे डालने से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • चावल धोते समय जो सफेद रंग का पानी निकलता है, उसे सीधे पौधों की मिट्टी में डाला जा सकता है। यह इस्तेमाल का सबसे सुरक्षित और सबसे आसान तरीका माना जाता है।
  • अगर उबले हुए चावल का पानी इस्तेमाल किया जा रहा है, तो ध्यान रखें कि उसमें नमक या तेल बिल्कुल न मिला हो। इसे पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर उसमें बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाकर ही पौधों में डालें, ताकि पानी की तासीर पौधों के लिए संतुलित रहे।
  • चावल के पानी को एक दिन के लिए ढककर रख दिया जाए, तो उसमें गुड बैक्टीरिया की मात्रा और बढ़ जाती है। अगले दिन इस पानी को सादे पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों के पास डालना चाहिए।

सवाल-जवाब

पौधों में चावल का पानी डालने से क्या फायदा होता है?
इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और उनकी ग्रोथ में मदद करते हैं।
क्या उबले चावल का पानी सीधे पौधों में डाला जा सकता है?
नहीं, इसे पूरी तरह ठंडा करके और उसमें नमक-तेल न होने पर ही बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाकर पौधों में डालना चाहिए।
चावल का पानी किन पौधों के लिए ज्यादा फायदेमंद है?
पोटेशियम और फास्फोरस की मौजूदगी के कारण यह फूलों वाले और इनडोर पौधों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है।
चावल के पानी में गुड बैक्टीरिया कैसे बढ़ाए जा सकते हैं?
चावल के पानी को एक दिन के लिए ढककर रखने से उसमें गुड बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है।
चावल धोते समय निकलने वाला पानी इस्तेमाल का कौन सा तरीका सबसे आसान है?
चावल धोते समय निकलने वाला सफेद पानी सीधे पौधों की मिट्टी में डाला जा सकता है, यह सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है।

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