दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही देश भर में जश्न का माहौल बन गया है और बॉलीवुड गलियारों में भी पार्टियों का दौर शुरू हो चुका है। हाल ही में आयुष्मान खुराना की दिवाली पार्टी में कई फिल्मी सितारे शामिल हुए थे, जहां उनके बेहतरीन फैशन सेंस ने सबका ध्यान खींचा था। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच एक्ट्रेस मधु ने पटाखों से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए लोगों से इस बार बिना पटाखों के त्योहार मनाने की विशेष अपील की है। उनका कहना है कि हमें पर्यावरण और दूसरों की सेहत का ख्याल रखते हुए इस बार रोशनी का पर्व मनाना चाहिए।
बचपन की यादें और पटाखों का रोमांच
एक्ट्रेस मधु ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बचपन की दीपावली को याद किया और बताया कि कैसे यह त्योहार उनके परिवार के लिए दोहरे जश्न का मौका होता है। उन्होंने जिक्र किया कि इस बार दीपावली के आसपास ही उनके बच्चों का जन्मदिन भी है, जिसके कारण परिवार में उत्साह का माहौल और भी बढ़ गया है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनके लिए भी कभी पटाखे जलाना दीपावली का एक मुख्य आकर्षण हुआ करता था।
अपने बचपन के दिनों के किस्से साझा करते हुए एक्ट्रेस मधु ने बताया कि वह अपने कजिन्स के साथ पटाखों को लेकर अक्सर मुकाबला करती थीं। वे एक-दूसरे को यह दिखाने की होड़ में रहती थीं कि कौन ज्यादा बहादुर है। वह हाथों में पटाखों की लड़ियां लेकर उन्हें जलाती थीं और बिना जूतों के नंगे पैर ही इधर-उधर दौड़ती फिरती थीं। उस उम्र में उन्हें इस बात की बिल्कुल भी परवाह नहीं होती थी कि तेज चिंगारी से उनके पैरों में कोई चोट लग सकती है या कोई दुर्घटना हो सकती है।
बचपन के दिनों को ना कहना है मुश्किल
एक्ट्रेस मधु का मानना है कि आज के समय में लोगों से यह कहना कि वे पटाखों से दूर रहें, बिल्कुल भी आसान काम नहीं है। जब वह खुद लोगों से अपील करती हैं कि वे इस बार पटाखे न जलाएं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह अपने ही बचपन की उन सुनहरी और प्यारी यादों को ना कह रही हैं। इसके बावजूद उनका यह साफ तौर पर कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब पटाखों से पूरी तरह दूरी बना लेना बेहद आवश्यक हो चुका है.
शहरों में बिगड़ते हालात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या पहले से ही काफी गंभीर बनी हुई है। ऐसे में दीपावली के दौरान फोड़े जाने वाले पटाखे इस जहरीले प्रदूषण में और अधिक इजाफा कर देते हैं, जिससे स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है।
सांस के मरीजों और पालतू जानवरों की फिक्र
प्रदूषण के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर बात करते हुए एक्ट्रेस मधु ने कहा कि समाज में कई लोग पहले से ही सांस और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में जब हम अपना त्योहार मनाते हैं, तो यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उन लोगों के बारे में भी सोचें जिन्हें प्रदूषित हवा के कारण सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। दीपावली मूल रूप से खुशियां बांटने का पावन पर्व है और इसे मनाते समय अपने आस-पास के लोगों की सेहत का ध्यान रखना हमारा मुख्य कर्तव्य होना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने पटाखों से होने वाले भयंकर ध्वनि प्रदूषण पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पटाखों की कानफोड़ू और तेज आवाज इंसानों के साथ-साथ हमारे घरों में रहने वाले बेजुबान पालतू जानवरों के लिए भी बेहद डरावनी होती है। विशेष तौर पर कुत्ते तेज धमाकों की आवाज से अत्यधिक घबरा जाते हैं। डर के मारे वे घरों और गलियों में इधर-उधर भागने लगते हैं और कई बार पालतू मालिकों के लिए उन्हें संभालना और शांत करना बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सभी पालतू पशु मालिकों से यह विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने जानवरों की इस परेशानी को समझें और पटाखों के शोर को रोकने में अपनी पूरी मदद करें।
प्यार और अपनापन है असली दीपावली
एक्ट्रेस मधु ने अपने संदेश के अंत में जोर देकर कहा कि दीपावली का पर्व मनाने के लिए केवल पटाखे जलाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। लोग नए और रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े पहनकर, अपने प्रिय मित्रों और परिवार के तमाम सदस्यों से मिलकर, उन्हें गले लगाकर और एक-दूसरे को मुंह मीठा कराकर भी इस उत्सव की असली खुशियां मना सकते हैं। दीपावली का मूल और वास्तविक उद्देश्य समाज में प्रेम, खुशी और अपनापन फैलाना है। इसलिए हमें हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि हमारी जरा सी खुशी से किसी दूसरे इंसान या बेजुबान जानवर को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।





















