इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का लंबा और शानदार क्रिकेट सफर अभी पूरी तरह थमा नहीं है, लेकिन लंकाशायर क्रिकेट क्लब से उनकी जिस तरह से विदाई हुई है, उसने एक नया विवाद पैदा कर दिया है। क्लब के इस अचानक लिए गए फैसले से खेल प्रेमी और समर्थक खासे आहत हैं, क्योंकि उन्हें अपने चहेते खिलाड़ी को विदाई देने का मौका नहीं मिला। समर्थकों की इस गहरी नाराजगी और लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए अब क्लब प्रबंधन हरकत में आ गया है। लंकाशायर ने इस दिग्गज खिलाड़ी के सम्मान में एक विशेष फेयरवेल आयोजित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है ताकि उनके योगदान को उचित सम्मान मिल सके।
इंग्लैंड की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले जेम्स एंडरसन को पिछले हफ्ते ही लंकाशायर ने टीम से रिलीज करने की घोषणा की थी। मौजूदा समय में 44 साल के जेम्स एंडरसन ने साल 2001 में इसी घरेलू क्लब से अपने पेशेवर क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। ऐसे में उनके जाने का जो तरीका अपनाया गया, उससे क्लब के कई सदस्य और सीनियर पदाधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। उनका साफ तौर पर यह मानना है कि सत्र के अंत में यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया, जिससे फैंस को अपने पसंदीदा खिलाड़ी को शुक्रिया कहने और उनके ऐतिहासिक करियर की उपलब्धियों का जश्न मनाने का उचित अवसर तक नहीं मिल पाया।
क्लब की बैठक में जेम्स एंडरसन के मुद्दे पर हुई तीखी बहस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर 26 अक्टूबर की शाम को क्लब के अधिकारियों और सदस्यों के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जेम्स एंडरसन को रिलीज किए जाने का मुद्दा मुख्य रूप से छाया रहा। इस बैठक में लगभग 200 सदस्य उपस्थित थे। बैठक के दौरान कई सदस्यों ने क्लब के इस फैसले पर खुलकर अपनी नाराजगी जताई और प्रबंधन से मांग की कि जेम्स एंडरसन के शानदार करियर के सम्मान में कोई विशेष आयोजन किया जाना चाहिए ताकि उनके जाने का मलाल फैंस और खिलाड़ी दोनों को न रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में लंकाशायर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड केन्यन के साथ-साथ जल्द ही क्रिकेट निदेशक का कार्यभार संभालने वाले पॉल फारब्रेस भी शामिल हुए। हालांकि, पॉल फारब्रेस उस दौरान अमेरिका में अपनी छुट्टियां मना रहे थे, इसलिए उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लिया। ऐसा माना जा रहा है कि बैठक के दौरान सदस्यों की तरफ से पूछे गए तीखे सवालों का जवाब देते हुए पॉल फारब्रेस ने जेम्स एंडरसन को रिलीज करने के इस कड़े फैसले की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।
पॉल फारब्रेस ने क्लब की ओर से बीते रविवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान में दी गई दलील को ही बैठक में एक बार फिर दोहराया। उनका यह कहना था कि लंकाशायर की टीम आने वाले चार सालों में काउंटी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के लिए एक मजबूत और सक्षम टीम तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। प्रबंधन को ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि अगले साल 45 वर्ष के होने जा रहे जेम्स एंडरसन क्लब की इस भविष्य की योजना का हिस्सा बन पाएंगे, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाहर किए जाने पर उठ रहे सवाल
लंकाशायर के लिए जेम्स एंडरसन का अमूल्य योगदान उनके शानदार आंकड़ों से साफ बयां होता है। बीते सीजन में उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप मुकाबलों में टीम की कमान भी संभाली थी। हालांकि, उस दौरान लंकाशायर का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था और टीम डिविजन दो में तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर जेम्स एंडरसन का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। उन्होंने अकेले दम पर चैंपियनशिप में कुल 50 विकेट अपने नाम किए थे, जिसके चलते उन्हें क्लब का साल का सर्वश्रेष्ठ चैंपियनशिप खिलाड़ी भी चुना गया था।
भले ही टीम के समग्र नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हों, लेकिन जेम्स एंडरसन ने अपनी घातक गेंदबाजी से लगातार अपनी छाप छोड़ी और साबित कर दिया कि वह कितने उपयोगी हैं। यही सबसे बड़ी वजह है कि क्लब से उनकी इस तरह की विदाई के फैसले पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि कई अन्य काउंटी क्लबों ने आगामी सीजन के लिए जेम्स एंडरसन को अपनी टीम के साथ जोड़ने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इससे यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि बढ़ती उम्र के बावजूद इस अनुभवी तेज गेंदबाज की मांग घरेलू क्रिकेट सर्किट में अभी भी पूरी तरह बनी हुई है।




















