दिल्ली के जाने-माने योगाचार्य प्रशांत पोखरियाल के मुताबिक, त्वचा की चमक के लिए हर बार महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेना जरूरी नहीं है। योग और प्राणायाम के जरिए शरीर के भीतर रक्त संचार को सुधारा जा सकता है, जिससे चेहरे की त्वचा तक अधिक मात्रा में ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व पहुँचते हैं। यह प्रक्रिया न केवल स्किन की सेहत को बेहतर बनाती है, बल्कि चेहरे पर एक नैचुरल ग्लो भी लाती है। इन योगासनों का नियमित अभ्यास करने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर का फिटनेस लेवल भी बना रहता है।
सावधानी और दिशा-निर्देश
योगाचार्य प्रशांत पोखरियाल का कहना है कि योग के लाभ तभी मिलते हैं जब इनका सही तरीके से और निरंतर अभ्यास किया जाए। हालांकि, यदि आप हाई ब्लड प्रेशर, गर्दन या पीठ में दर्द, या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो इन योगासनों को शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
6 असरदार योगासन
ताड़ासन: शरीर के पोस्चर को दुरुस्त करने के लिए इसे सबसे सरल और प्रभावी योग माना जाता है। यह शरीर का संतुलन बनाने के साथ-साथ रक्त के बहाव को भी बेहतर करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और लचीलापन बढ़ता है।
उत्तानासन: इस आसन के दौरान जब आप आगे की ओर झुकते हैं, तो शरीर के ऊपरी हिस्से और चेहरे की तरफ रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ता है। इससे त्वचा को पोषण और ऑक्सीजन मिलता है, साथ ही यह पीठ और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को अच्छी तरह स्ट्रेच भी करता है।
अधोमुख श्वानासन: इस मुद्रा में शरीर एक उल्टे V के आकार में होता है। यह हाथों, कंधों और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ-साथ सिर के क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ाकर त्वचा की रंगत निखारने में सहायक साबित हो सकता है।
कपालभाति: यह एक विशेष श्वास क्रिया है जिसमें तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती है। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाती है, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधारती है और तनाव को दूर करने में मदद करती है, जिसका सीधा सकारात्मक असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।
पश्चिमोत्तानासन: इसमें आगे झुककर पैरों को छूने का प्रयास किया जाता है। यह न केवल रीढ़ की हड्डी और कमर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति प्रदान करने और तनाव के स्तर को कम करने में भी बहुत मददगार साबित होता है।
उत्तानपादासन: पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को ऊपर उठाने वाली इस क्रिया से पेट की मांसपेशियों में मजबूती आती है। यह कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है, जो अंततः शरीर की फिटनेस और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।











