बिहार की राजधानी पटना के सर्राफा बाजार में इन दिनों एक नया व्यापारिक बदलाव देखने को मिल रहा है। सोने की आसमान छूती कीमतों के कारण आम खरीदारी के साथ-साथ युवाओं का रुझान तेजी से चांदी की तरफ मुड़ गया है। पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में चांदी के आभूषणों की मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पारंपरिक तौर पर भारतीय समाज में चांदी की खरीदारी मुख्य रूप से धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ या विशेष तीज-त्योहारों तक ही सीमित मानी जाती थी। हालांकि, अब बाजार का यह पारंपरिक ढांचा पूरी तरह बदल चुका है। हर उम्र के लोगों में चांदी के प्रति आकर्षण बढ़ा है, लेकिन इस बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र युवा पीढ़ी यानी जेन जी बनी हुई है, जिन्होंने चांदी को उपहार देने के एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प के रूप में अपना लिया है।
धार्मिक अनुष्ठानों से आगे बढ़कर फैशन और गिफ्टिंग का हिस्सा बना चांदी
सर्राफा व्यापार के जानकारों के अनुसार, पटना के स्थानीय बाजार में ग्राहकों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार के मुताबिक, बिहार में युवाओं और जेन जी आबादी की संख्या काफी अधिक है। इस जनसांख्यिकी का सीधा प्रभाव अब पटना के आभूषण बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। सर्राफा दुकानों पर आने वाले ग्राहकों में जेन जी वर्ग की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस आयु वर्ग के उपभोक्ता फैशन के नए रुझानों को बहुत जल्दी अपनाते हैं और यही कारण है कि पारंपरिक सोने के गहनों की तुलना में वे चांदी और स्टर्लिंग सिल्वर के आधुनिक डिजाइनों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं।
कम बजट और स्टर्लिंग सिल्वर कलेक्शन के प्रति बढ़ता आकर्षण
पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि बाजार में आए इस रुझान के पीछे एक बड़ा आर्थिक कारण भी मौजूद है। जेन जी श्रेणी में आने वाले अधिकांश युवा या तो अभी पढ़ाई कर रहे छात्र हैं या फिर करियर की शुरुआत में रोजगार की तलाश कर रहे हैं। इस वजह से उनकी जेब का आकार यानी खर्च करने का बजट सीमित होता है। सोने के आभूषणों की कीमतें काफी ऊंची होने के कारण वे आसानी से उन्हें नहीं खरीद सकते। ऐसे में जब दोस्तों या करीबियों को किसी खास मौके पर उपहार देना होता है, तो चांदी उनके लिए सबसे व्यावहारिक और किफायती विकल्प बनकर उभरती है। खास तौर पर स्टर्लिंग सिल्वर का कलेक्शन युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। चाहे जन्मदिन की पार्टी हो या विवाह की एनिवर्सरी, दोस्त एक-दूसरे को गिफ्ट देने के लिए स्टर्लिंग सिल्वर के आभूषणों की खरीदारी प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं। कम बजट में आकर्षक और टिकाऊ कलेक्शन उपलब्ध होने के कारण यह सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
सिल्वर चेन, ब्रेसलेट और पायल का नया अवतार एंकलेट
युवाओं के बीच आभूषणों की विशिष्ट श्रेणियों की मांग का विश्लेषण करते हुए पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से सिल्वर चेन की बिक्री में भारी उछाल आया है। युवा अपने-अपने तय बजट के अनुसार चांदी की चेन खरीद रहे हैं। पटना की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़ी संख्या में युवाओं को गले में सिल्वर चेन पहने देखा जा सकता है। इसके लोकप्रिय होने की मुख्य वजह इसका किफायती होना तो है ही, साथ ही कई लोग ज्योतिषीय परामर्श और कारणों से भी चांदी की चेन पहनना पसंद करते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे रील्स पर लोकप्रिय सेलिब्रिटीज को सिल्वर चेन पहने देखकर युवा इस फैशन ट्रेंड को तेजी से फॉलो कर रहे हैं।
चेन के अलावा आभूषणों के डिजाइन में भी आधुनिक बदलाव आए हैं। पहले पारंपरिक रूप से बिकने वाली पायल अब नए और ट्रेंडी मॉडल में 'एंकलेट' के नाम से बाजार में खूब बिक रही है। एंकलेट असल में पायल का ही नया और आधुनिक स्वरूप है, जिसे जेन जी वर्ग बेहद पसंद कर रहा है। खास बात यह है कि लड़कों द्वारा भी अपनी महिला दोस्तों को गिफ्ट देने के लिए एंकलेट की जमकर खरीदारी की जा रही है। इसके साथ ही लड़के और लड़कियों दोनों के बीच ब्रेसलेट पहनने का क्रेज भी तेजी से बढ़ा है। सर्राफा बाजार में कड़ा, फिंगर रिंग और झूमके जैसी अन्य पारंपरिक और आधुनिक आभूषण श्रेणियों की मांग भी लगातार बनी हुई है।



















